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यूपी: जेब और समय दोनों पर पड़ रहा जाम का असर, जनता हर रोज फूंक रही पचास लाख

Mon, 03 Dec 2018 10:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 03 Dec 2018 10:22 AM IST
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traffic jam in meerut effecting peoples pockets and times, public wasting their fifty lakhs daily
traffic jam - फोटो : अमर उजाला
यूपी के मेरठ महानगर में जाम समय के साथ ही जेब पर भी बड़ा असर डाल रहा है। औसतन रोजाना 50 लाख रुपये इस जाम में धुआं हो रहे हैं। वाहनों के लोड से सड़कें हांफ रही है। दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही इस समस्या का ट्रैफिक पुलिस कोई समाधान निकालने में विफल साबित हो रही है।
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रहा है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार आरटीओ कार्यालय में वर्तमान में करीब 7.10 वाहन रजिस्टर्ड हैं। करीब एक लाख वाहनों का रजिस्ट्रेशन दूसरे जिलों और राज्यों का है। वर्तमान में जिले भर में आठ लाख से अधिक वाहन दौड़ रहे हैं। जबकि शहर में करीब तीन लाख वाहनों का प्रतिदिन आवागमन होता है। जिनमें से एक लाख वाहन ऐसे हैं, जिन्हें शहर को पार करने में जाम से जूझना पड़ता है। भीषण जाम भी नहीं लगे और वाहन रेंगते रहें तो भी शहर को पार करने में वाहनों को करीब आधा घंटा से अधिक लगता है। 
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तीन लाख के करीब वाहनों को महानगर में रोज होता है आवागमन
एक लाख के करीब वाहन जाम से जूझते हैं जिनमें सभी तरह के वाहन शामिल हैं।

इतने वाहन निकलते हैं
मेरठ-दिल्ली हाईवे    1-1.20 लाख
मेरठ-हापुड़ मार्ग    70-80 हजार
मेरठ-गढ़ मार्ग     50-55 हजार
मेरठ मवाना रोड     40-45 हजार
शहर में भी वाहनों का दबाव
दिल्ली रोड पर    70-80 हजार वाहन
जीरो माइल स्टोन    80-90 हजार वाहन
हापुड़ अड्डा    50-55 हजार वाहन
बिजली बंबा बाईपास     35-40 हजार वाहन

शहर पार करने में पड़ता है जूझना
परतापुर तिराहे से बेगमपुल होकर मोदीपुरम तक पहुंचने में 16 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। जीरो माइल से लेकर बाउंड्री रोड होकर कमिश्नरी आवास चौराहे से मेडिकल कॉलेज तक आठ किमी, बेगमपुल से बच्चा पार्क, हापुड़ अड्डा और तेजगढ़ी और एल ब्लॉक तक 8.5 किमी की दूरी है। बेगमपुल से हापुड़ अड्डा होकर 44 वीं वाहिनी पीएसी तक 7 किमी की दूरी है। बिजली बंबा बाईपास दिल्ली रोड से हापुड़ रोड तक की दूरी 7.5 किमी है।

जेब हल्की होने का यह गणित
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार जाम से जूझने वाले करीब एक लाख वाहनों में 60 हजार चौपहिया तो 40 हजार दोपहिया हैं। शहर को पार करने में एक वाहन का आधा घंटे में एक लीटर तेल अधिक खर्च होता है। चार पहिया वाहनों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी को देखते हुए औसत ईंधन मूल्य के अनुसार 60 हजार लीटर ईंधन की कीमत 42 लाख रुपये के करीब बैठती है। दोपहिया वाहन 15 से 20 मिनट देरी से निकलते हैं तो बीस रुपये का पेट्रोल अतिरिक्त खर्च होता है। दो पहिया वाहनों पर पेट्रोल की कीमत आठ लाख रुपये है। ऐसे करीब 50 लाख रुपये का अतिरिक्त ईंधन फुंक रहा है। 

शहर के जाम प्वाइंट
दिल्ली रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर, मेट्रो प्लाजा, रेलवे रोड चौराहा, भैसाली बस अड्डे के सामने, जीरो माइल, हापुड़ अड्डा चौराहा, एल ब्लॉक तिराहा शास्त्रीनगर, बिजली बंबा बाईपास और लालकुर्ती में बाउंड्री रोड पर अधिक जाम लगता है।

यूं बनती हैं समस्या
शहर में वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी कारण से जाम जैसी समस्या बनती है। इनर रिंग रोड के न होने के कारण कुछ स्थानों पर बीच शहर में सड़क पर वाहनों की संख्या अधिक रहती है। पार्किंग के बिना सड़क पर ही वाहन खड़े होने से भी जाम लगता है। -संजीव वाजपेयी, एसपी ट्रैफिक
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