{"_id":"5e3dc7638ebc3ee5d21f881c","slug":"toll-workers-sent-to-jail-for-killing-the-farmer-officers-are-under-siege-today-meerut-news-mrt4678178133","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान की हत्या में जेल भेजे टोलकर्मी, अफसरों का घेराव आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान की हत्या में जेल भेजे टोलकर्मी, अफसरों का घेराव आज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान की हत्या में जेल भेजे टोलकर्मी, अफसरों का घेराव आज
मोदीपुरम/मेरठ। सिवाया टोल प्लाजा पर पोल से टकराकर किसान की मौत के मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। पुलिस ने टोल के दो कर्मचारियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया। वहीं, मामला अलग-अलग बिरादरी से जुड़ा होने से जेल भेजे युवकों के गांव के लोगों में आक्रोश है। उन्होंने दौराला पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाया तथा शनिवार को अफसरों को घेरने की चेतावनी दी।
पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के दुल्हैड़ा निवासी सोनू चौहान पुत्र रमेश बीती तीन फरवरी को ट्रैक्टर-ट्राली में गन्ना लेकर दौराला चीनी मिल जा रहा था। ट्रैक्टर-ट्रॉली टोल के समीप पोल में जा टकराई। इसके बाद किसान सोनू की मौत हो गई थी। इस मामले में ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर 25 लाख मुआवजे की मांग की थी। जिसमें भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी धरने पर बैठे थे। राकेश टिकैत के जाने के बाद पुलिस फोर्स ने लाठीचार्ज कर हंगामा कर रहे ग्रामीणों को खदेड़ दिया था। सोनू के भाई ने इस मामले में टोल के मुख्य प्रबंधक, प्रबंधक समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को टोल के दो कर्मियों विचित्र पाल पुत्र ब्रह्मपाल निवासी अझौता थाना दौराला एवं अजय तोमर पुत्र ब्रजपाल सिंह निवासी अलीपुर थाना सरधना को गिरफ्तार किया था। दोनों को आज हत्या के आरोप में जेल भेज दिया। वहीं, इंस्पेक्टर दौराला जनक सिंह चौहान का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले में चोट लगना आया है। इसके बाद दोनों को हत्या में जेल भेजा गया।
एकतरफा दबाव में पुलिस ने की कार्रवाई
अझौता और अलीपुर के ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। जबकि सीसीटीवी फुटेज में कोई साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस के पास सोनू की हत्या किए जाने का ठोस सुबूत नहीं है। इसके बाद भी टोल कर्मियों को जेल भेज दिया। सोनू की मौत के बाद ग्रामीणों ने टोल पर करीब तीन घंटे हंगामा किया था। उसके बाद पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में मारपीट हुई। जिसमें सोनू का गला काटा गया। हालांकि पुलिस ने कोई हथियार बरामद नहीं किया है। टोल पर अजय 33 दिन और विचित्रपाल 12 दिन से नौकरी कर रहे थे। साथी कर्मचारियों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें गलत जेल भेजा है। वहां ऐसी कोई घटना ही नहीं हुई है। ट्रैक्टर फास्टैग लेन से फ्री निकलते हैं और वो वहीं से निकला था।
विज्ञापन
अफसरों का घेराव की चेतावनी
अझौता और अलीपुर के ग्रामीणों ने इस मामले में दौराला इंस्पेक्टर जनक सिंह चौहान पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस मामले में एसएसपी से भी शिकायत की जाएगी। नहीं तो धरना देकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि जांच में सामने आया कि टोल पर पैसों को लेकर विवाद हुआ था। मारपीट की घटना में किसान को चोट लगी।
विज्ञापन
मोदीपुरम/मेरठ। सिवाया टोल प्लाजा पर पोल से टकराकर किसान की मौत के मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। पुलिस ने टोल के दो कर्मचारियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया। वहीं, मामला अलग-अलग बिरादरी से जुड़ा होने से जेल भेजे युवकों के गांव के लोगों में आक्रोश है। उन्होंने दौराला पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाया तथा शनिवार को अफसरों को घेरने की चेतावनी दी।
पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के दुल्हैड़ा निवासी सोनू चौहान पुत्र रमेश बीती तीन फरवरी को ट्रैक्टर-ट्राली में गन्ना लेकर दौराला चीनी मिल जा रहा था। ट्रैक्टर-ट्रॉली टोल के समीप पोल में जा टकराई। इसके बाद किसान सोनू की मौत हो गई थी। इस मामले में ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर 25 लाख मुआवजे की मांग की थी। जिसमें भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी धरने पर बैठे थे। राकेश टिकैत के जाने के बाद पुलिस फोर्स ने लाठीचार्ज कर हंगामा कर रहे ग्रामीणों को खदेड़ दिया था। सोनू के भाई ने इस मामले में टोल के मुख्य प्रबंधक, प्रबंधक समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को टोल के दो कर्मियों विचित्र पाल पुत्र ब्रह्मपाल निवासी अझौता थाना दौराला एवं अजय तोमर पुत्र ब्रजपाल सिंह निवासी अलीपुर थाना सरधना को गिरफ्तार किया था। दोनों को आज हत्या के आरोप में जेल भेज दिया। वहीं, इंस्पेक्टर दौराला जनक सिंह चौहान का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले में चोट लगना आया है। इसके बाद दोनों को हत्या में जेल भेजा गया।
विज्ञापन
एकतरफा दबाव में पुलिस ने की कार्रवाई
अझौता और अलीपुर के ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। जबकि सीसीटीवी फुटेज में कोई साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस के पास सोनू की हत्या किए जाने का ठोस सुबूत नहीं है। इसके बाद भी टोल कर्मियों को जेल भेज दिया। सोनू की मौत के बाद ग्रामीणों ने टोल पर करीब तीन घंटे हंगामा किया था। उसके बाद पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में मारपीट हुई। जिसमें सोनू का गला काटा गया। हालांकि पुलिस ने कोई हथियार बरामद नहीं किया है। टोल पर अजय 33 दिन और विचित्रपाल 12 दिन से नौकरी कर रहे थे। साथी कर्मचारियों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें गलत जेल भेजा है। वहां ऐसी कोई घटना ही नहीं हुई है। ट्रैक्टर फास्टैग लेन से फ्री निकलते हैं और वो वहीं से निकला था।
विज्ञापन
अफसरों का घेराव की चेतावनी
अझौता और अलीपुर के ग्रामीणों ने इस मामले में दौराला इंस्पेक्टर जनक सिंह चौहान पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस मामले में एसएसपी से भी शिकायत की जाएगी। नहीं तो धरना देकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि जांच में सामने आया कि टोल पर पैसों को लेकर विवाद हुआ था। मारपीट की घटना में किसान को चोट लगी।