मेरठ: टोल प्लाजा में घुसे बदमाशों का नहीं लगा सुराग, भारी न पड़ जाए पुलिस की लापरवाही
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वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा पर रविवार आधी रात को सुपरवाइजर अश्वनी चौधरी और गनमैन नीटू ड्यूटी पर थे। टोल प्लाजा परिसर के पीछे जंगल है और वहां से बदमाश डकैती के इरादे से टोल परिसर में घुसे। लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके।
आधा घंटे बाद बदमाश फिर से आ गए और डकैती का प्रयास किया। इस बीच गनमैन नीटू ने गोली चला दी। जिसके बाद खलबली मच गई। घटना के बाद से टोल कर्मियों में दहशत है। सोमवार सुबह आठ बजे एसओ दौराला धर्मेंद्र सिंह राठौर मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। टोल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को चेक किया।
बदमाशों को कैश के बारे में थी जानकारी
टोल प्लाजा पर ऐसा पहली बार हुआ है कि देर रात में बदमाशों ने वारदात का प्रयास किया। टोल पर दो दिन का 40 से 45 लाख रुपये टैक्स होना बताया गया। अगर टोल टैक्स लूट जाता तो उसकी जवाबदेही किसकी होती।
घटना के बाद अभी तक पुलिस बदमाशों तक नहीं पहुंच सकी है। अब वहां पर सुरक्षा की दृष्टि से एक गनमैन रहेगा। बिल्डिंग के ऊपर जंगल की तरफ सीसी कैमरा लगाया गया है। हाईमास्ट लाइट भी लगाई गई है, उससे काफी रोशनी रहेगी, जिससे जंगल की ओर से साफ दिखाई दे सके।
सुरक्षा की गई मजबूत
टोल प्लाजा पर रविवार रात की घटना के बाद सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। इस मामले में पुलिस को जानकारी दे दी गई है, जांच की जा रही है। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर तहरीर दी जाएगी। -श्रीधर नारायण, डायरेक्टर वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा
डकैती का प्रयास नहीं
मामले की जांच में पता चला कि डकैती के प्रयास की कोई बात नहीं है। टोल कर्मचारियों ने एक संदिग्ध युवक को देखा था, जिसे देखकर टोल कर्मी ने एक फायर किया गया। टोल कर्मियों ने लिखित में घटना न होना बताया। -डॉ. एएन सिंह, एसपी सिटी