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आज 1300 चिकित्सक हड़ताल पर, 272 अस्पताल-नर्सिंग होम रहेंगे बंद
Mon, 17 Jun 2019 03:24 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Mon, 17 Jun 2019 03:24 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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मेरठ में सोमवार को जनपद के करीब 272 अस्पताल-नर्सिंग होम बंद रहेंगे और आईएमए के करीब 1300 चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। इससे मरीजों को परेशानी होगी। ऐसे में सरकारी चिकित्सालयों में मरीजों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। हालांकि निजी चिकित्सालयों और नर्सिंग होम में इमरजेंसी सेवाएं खुली रहेंगी। यह हड़ताल पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में की जा रही है। चिकित्सक आईएमए हॉल से बच्चा पार्क तक विरोध मार्च भी निकालेंगे।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) मेरठ शाखा के अध्यक्ष डॉ. शिशिर जैन ने बताया कि आईएमए के चिकित्सकों ने निर्णय लिया है कि 17 जून को सुबह छह बजे से लेकर 18 जून की सुबह छह बजे तक 24 घंटे के लिए इमरजेंसी सेवा छोड़कर चिकित्सा सेवाएं पूर्णत: बंद रहेंगी। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहले जूनियर डॉक्टरों पर हमला हुआ और इसके पश्चिम बंगाल के ही एनआरएस मेडिकल कॉलेज में 250 से ज्यादा अवांच्छित तत्वों ने दो चिकित्सकों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। इन हमलों व अत्याचार के विरोध में राष्ट्रीय आईएमए द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में मेरठ आईएमए पूर्ण रूप से भागीदारी कर रही है। न्याय मिलने तक चिकित्सकों का आंदोलन जारी रहेगा। इस संबंध एक आम आपातकालीन सभा का आयोजन सोमवार सुबह 10 बजे आईएमए हॉल के सामने शर्मा स्मारक में किया जाएगा।
होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन का समर्थन
मेरठ। होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष डॉ. पंकज त्यागी और संचिव डॉ. विशाल दीप ने बताया कि मेरठ होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन भी आईएमए की हड़ताल को समर्थन देगी। सोमवार को एसोसिएशन के सभी सदस्य काली पट्टी बांध कर चिकित्सीय कार्य करते हुए विरोध प्रकट करेंगे।
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पर्याप्त बंदोबस्त है
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि सभी सरकारी चिकित्सालयों में पर्याप्त बंदोबस्त हैं। सरकारी चिकित्सालयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ने से किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सभी को बेहतर इलाज मिलेगा।
चिकित्सकों की यह हैं मांग
- केंद्र सरकार चिकित्सकों व अस्पतालों पर हिंसा के विरुद्ध सख्त कानून बनाए।
- हिंसा करने वालों की तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान हो।
- पश्चिमी बंगाल में दोषी व्यक्तियों पर त्वरित कार्रवाई कर शांति व्यवस्था बहाल हो।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) मेरठ शाखा के अध्यक्ष डॉ. शिशिर जैन ने बताया कि आईएमए के चिकित्सकों ने निर्णय लिया है कि 17 जून को सुबह छह बजे से लेकर 18 जून की सुबह छह बजे तक 24 घंटे के लिए इमरजेंसी सेवा छोड़कर चिकित्सा सेवाएं पूर्णत: बंद रहेंगी। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहले जूनियर डॉक्टरों पर हमला हुआ और इसके पश्चिम बंगाल के ही एनआरएस मेडिकल कॉलेज में 250 से ज्यादा अवांच्छित तत्वों ने दो चिकित्सकों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। इन हमलों व अत्याचार के विरोध में राष्ट्रीय आईएमए द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में मेरठ आईएमए पूर्ण रूप से भागीदारी कर रही है। न्याय मिलने तक चिकित्सकों का आंदोलन जारी रहेगा। इस संबंध एक आम आपातकालीन सभा का आयोजन सोमवार सुबह 10 बजे आईएमए हॉल के सामने शर्मा स्मारक में किया जाएगा।
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होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन का समर्थन
मेरठ। होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष डॉ. पंकज त्यागी और संचिव डॉ. विशाल दीप ने बताया कि मेरठ होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन भी आईएमए की हड़ताल को समर्थन देगी। सोमवार को एसोसिएशन के सभी सदस्य काली पट्टी बांध कर चिकित्सीय कार्य करते हुए विरोध प्रकट करेंगे।
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पर्याप्त बंदोबस्त है
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि सभी सरकारी चिकित्सालयों में पर्याप्त बंदोबस्त हैं। सरकारी चिकित्सालयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ने से किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सभी को बेहतर इलाज मिलेगा।
चिकित्सकों की यह हैं मांग
- केंद्र सरकार चिकित्सकों व अस्पतालों पर हिंसा के विरुद्ध सख्त कानून बनाए।
- हिंसा करने वालों की तुरंत गिरफ्तारी का प्रावधान हो।
- पश्चिमी बंगाल में दोषी व्यक्तियों पर त्वरित कार्रवाई कर शांति व्यवस्था बहाल हो।