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ईद मनाने के लिए ज़कात और फितरे की रकम को जरूरतमंद लोगों तक जल्दी पहुंचाएं: उलमा
Sat, 23 May 2020 06:57 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 23 May 2020 06:57 PM IST
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जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मौलाना शमशीर कासमी ने कहा कि ज़कात और फितरे की रकम को मुस्तहिक़ लोगों तक जितनी जल्दी हो पहुंचा देना चाहिए। ताकि जरूरतमंद ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।
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जमीयत-उलेमा-ए-हिन्द के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व मदरसा जामिया दावतुल हक़ मुईनिया के प्रबंधक मौलाना शमशीर क़ासमी ने कहा कि मज़हब-ए-इस्लाम में हर एक साहिब ए माल पर ज़कात फ़र्ज़ की गयी है ज़कात अदा करने से अपना फर्ज़ भी अदा होता है और इससे ग़रीबों की मदद भी हो जाती है।
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मौलाना शमशीर क़ासमी ने कहा की ज़कात और फितरे जितनी जल्दी मुस्तहिक़ लोगों तक पहुंचा देने चाहिए ताकि वे लोग भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।
उन्होंने कहा कि ज़कात को बोझ नही समझना चाहिए, बल्कि यह एक ख़ास धार्मिक क़ानून है जिससे बराबरी का अहसास होता है और दिल मे तकब्बुर पैदा नही होता। साथ ही अमीर लोगों को ग़रीबों की जीवन शैली और जरूरतों की जानकारी भी होती है।
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