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टिकट के दावेदारों ने डाला दिल्ली-लखनऊ में डेरा
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टिकट के दावेदारों ने डाला दिल्ली-लखनऊ में डेरा
मेरठ। चुनाव की घोषणा के साथ ही पहले चरण की तैयारी तेज हो गई है। मेरठ की सात सीटों पर 14 से 21 जनवरी तक नामांकन होंगे और दस तारीख को मतदान। इसके चलते हर दल के दावेदारों ने हाईकमान के दरबार में दौड़ लगा दी है।
कुछ पार्टियों ने टिकट पर अंतिम मुहर लगा दी है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। मेरठ की सात सीटों में से बसपा के 5 प्रत्याशियों का टिकट लगभग फाइनल होने की सूचना है। जिसमें अन्य दो पर जल्द फैसला लिया जा सकता है। वहीं सपा- रालोद गठबंधन द्वारा टिकट फाइनल को लेकर अभी बैठक का दौर जारी है। सपा से टिकट दावेदार भी लखनऊ में जमे हुए हैं। मेरठ के एक बड़े नेता के सपा में शामिल होने की चर्चा ने दक्षिण सहित अन्य सीटों पर सीटों का गणित उलझा दिया है। चुनाव में कम समय के चलते टिकटों पर जल्द मुहर लग सकती है। वहीं भाजपा में टिकट दावेदारों की लंबी लाइन है। (संवाद)
एआईएमआईएम व आसपा पर भी नजर
ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन जल्द प्रत्याशी घोषित कर सकती है। चर्चा यह भी है कि युवा दलित नेता चन्द्रशेखर की आजाद समाज पार्टी व ओवैसी की पार्टी का गठबंधन हो सकता है। सियासी हलकों में चर्चा है कि चंद्रशेखर आजाद सपा से गठबंधन के लिए अखिलेश यादव से मिले थे, लेकिन बात नहीं बन पाई। भाजपा को सता से बाहर करने के लिए चंद्रशेखर बसपा, सपा व कांग्रेस से हाथ मिलाने को तैयार हैं। लेकिन तीनों पार्टी चंद्रशेखर के साथ गठबंधन को राजी नहीं हैं। ऐसे में चंद्रशेखर ओवैसी की पार्टी के साथ जा सकते हैं। यही हाल असददुद्दीन ओवैसी की पार्टी का है, वो बड़ी पार्टी से गठबंधन के की तैयारी में हैं, लेकिन बात नहीं बन रही है, जिसके चलते वो अकेले या किसी छोटे दल के साथ चुनाव में आ सकते हैं।
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11 जनवरी को लेंगे चुनाव लड़ने पर फैसला: चंद्रशेखर
भीम आर्मी संस्थापक व आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने 11 जनवरी को पिता की बरसी पर चुनाव में अकेले या गठबंधन की घोषणा करने की बात कही है। उन्होंने बताया 11 जनवरी 2013 को उनके पिता गोवर्धन दास का निधन हुआ था। पिता के निधन पर उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर व स्व. कांशीराम के आदर्शों पर चलने का निर्णय लिया था। 11 जनवरी को पिता को श्रद्धांजलि देने के बाद चुनाव लड़ने की घोषणा करेंगे। जबकि 10 मार्च चुनाव परिणाम के बाद ही सहारनपुर अपने घर लौटेंगे। वहीं एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष चौधरी फहीम ने कहा राष्ट्रीय अध्यक्ष असददुद्दीन ओवैसी के निर्देशों पर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। 1-2 दो दिन में प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती है।
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मेरठ। चुनाव की घोषणा के साथ ही पहले चरण की तैयारी तेज हो गई है। मेरठ की सात सीटों पर 14 से 21 जनवरी तक नामांकन होंगे और दस तारीख को मतदान। इसके चलते हर दल के दावेदारों ने हाईकमान के दरबार में दौड़ लगा दी है।
कुछ पार्टियों ने टिकट पर अंतिम मुहर लगा दी है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। मेरठ की सात सीटों में से बसपा के 5 प्रत्याशियों का टिकट लगभग फाइनल होने की सूचना है। जिसमें अन्य दो पर जल्द फैसला लिया जा सकता है। वहीं सपा- रालोद गठबंधन द्वारा टिकट फाइनल को लेकर अभी बैठक का दौर जारी है। सपा से टिकट दावेदार भी लखनऊ में जमे हुए हैं। मेरठ के एक बड़े नेता के सपा में शामिल होने की चर्चा ने दक्षिण सहित अन्य सीटों पर सीटों का गणित उलझा दिया है। चुनाव में कम समय के चलते टिकटों पर जल्द मुहर लग सकती है। वहीं भाजपा में टिकट दावेदारों की लंबी लाइन है। (संवाद)
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एआईएमआईएम व आसपा पर भी नजर
ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन जल्द प्रत्याशी घोषित कर सकती है। चर्चा यह भी है कि युवा दलित नेता चन्द्रशेखर की आजाद समाज पार्टी व ओवैसी की पार्टी का गठबंधन हो सकता है। सियासी हलकों में चर्चा है कि चंद्रशेखर आजाद सपा से गठबंधन के लिए अखिलेश यादव से मिले थे, लेकिन बात नहीं बन पाई। भाजपा को सता से बाहर करने के लिए चंद्रशेखर बसपा, सपा व कांग्रेस से हाथ मिलाने को तैयार हैं। लेकिन तीनों पार्टी चंद्रशेखर के साथ गठबंधन को राजी नहीं हैं। ऐसे में चंद्रशेखर ओवैसी की पार्टी के साथ जा सकते हैं। यही हाल असददुद्दीन ओवैसी की पार्टी का है, वो बड़ी पार्टी से गठबंधन के की तैयारी में हैं, लेकिन बात नहीं बन रही है, जिसके चलते वो अकेले या किसी छोटे दल के साथ चुनाव में आ सकते हैं।
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11 जनवरी को लेंगे चुनाव लड़ने पर फैसला: चंद्रशेखर
भीम आर्मी संस्थापक व आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने 11 जनवरी को पिता की बरसी पर चुनाव में अकेले या गठबंधन की घोषणा करने की बात कही है। उन्होंने बताया 11 जनवरी 2013 को उनके पिता गोवर्धन दास का निधन हुआ था। पिता के निधन पर उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर व स्व. कांशीराम के आदर्शों पर चलने का निर्णय लिया था। 11 जनवरी को पिता को श्रद्धांजलि देने के बाद चुनाव लड़ने की घोषणा करेंगे। जबकि 10 मार्च चुनाव परिणाम के बाद ही सहारनपुर अपने घर लौटेंगे। वहीं एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष चौधरी फहीम ने कहा राष्ट्रीय अध्यक्ष असददुद्दीन ओवैसी के निर्देशों पर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। 1-2 दो दिन में प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती है।