आईएएस के रिश्तेदार को किया प्रताड़ित करने के मामले में फंसे तीन पुलिसकर्मी, बैठी जांच
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मेरठ में एक आईएएस अधिकारी के रिश्तेदार को प्रताड़ित करने के मामले में साइबर सेल के तीन पुलिसकर्मी जांच के घेरे में आ गए हैं। उच्च अधिकारियों ने मामले की जांच कराई तो हेड कांस्टेबल भूपेंद्र और दो अन्य सिपाही की भूमिका संदिग्ध पाई गई। साइबर सेल के ऑफिस में कई घंटे तक नोएडा निवासी युवक को बैठाकर धमकाया गया।
नोएडा निवासी अंशुल एक आईएएस अधिकारी के रिश्तेदार हैं। नोएडा की एक यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद विदेश जाने के लिए लिसाड़ीगेट के एजेंट मोहम्मद जमा से संपर्क किया। एजेंट ने अंशुल को एक लाख रुपये में पासपोर्ट व वीजा कराने की बात कही। लेकिन एक लाख लेकर एजेंट ने काम नहीं किया।
युवक ने नौचंदी थाने में शिकायत की। जिसके बाद साइबर सेल के हेड कांस्टेबल भूपेंद्र ने दो अन्य सिपाहियों के साथ मिलकर पीड़ित अंशुल को अपने कार्यालय बुलाकर धमकाया और कई घंटे तक बैठाए रखा।
हेड कांस्टेबल को फटकार
एसपी देहात अविनाश पांडेय ने साइबर सेल के हेड कांस्टेबल भूपेंद्र को शनिवार को तलब कर लिया। उन्होंने तीनों पुलिसकर्मियों पर जांच बैठा दी है। जब मामला थाने का था तो थाना पुलिस जांच करती। कई घंटे तक प्रताड़ित क्यों किया।
एडीजी तक पहुंचा मामला
पीड़ित अंशुल ने अपने रिश्तेदार आईएएस अधिकारी को आपबीती सुनाते हुए पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद एडीजी और अन्य अधिकारियों ने पूरे मामले में आरोपी एजेंट पर जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए।
उच्च अधिकारियों की फटकार के बाद नौचंदी इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर ने एजेंट को थाने बुलाया। इसके बाद युवक का पासपोर्ट व वीजा बनवाने का काम हुआ और शेष बची राशि 80 हजार रुपये लौटाने की बात कही।