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Meerut News: हरिद्वार पहुंचे तीन नाबालिग, सात घंटे में तलाशा
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सरधना। कुशावली से निकले तीन किशोर को पुलिस द्वारा बरामद करने के बाद बात करते परिजन। संवाद
- घर से घूमने निकले थे किशोर, बैंक खाते से निकाली नकदी से फैली अपहरण की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। थाना क्षेत्र के कुशावली गांव से मंगलवार सुबह घर से निकले तीन किशोरों को पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत महज सात घंटे में हरिद्वार से सकुशल तलाश लिया। किशोरों के लापता होने के साथ ही एक के पिता के बैंक खाते से एटीएम के जरिये 20 हजार रुपये निकाले जाने की सूचना मिलने पर गांव में अपहरण की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामला जल्द स्पष्ट हो गया और तीनों किशोर सुरक्षित मिल गए।
पुलिस के अनुसार, कुशावली निवासी मयंक (17) पुत्र सुनील कुमार, रचित (14) पुत्र पंकज कुमार तथा अवि सैनी (17) पुत्र विकास सैनी मंगलवार सुबह घर से टहलने की बात कहकर निकले थे। काफी देर तक नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान मयंक के पिता के मोबाइल पर बैंक खाते से एटीएम के माध्यम से दो बार में 10-10 हजार रुपये निकालने का संदेश मिला। परिजनों को यह भी पता चला कि मयंक घर से करीब छह हजार रुपये नकद भी लेकर गया है। इसके बाद परिजन चिंतित हो गए और गांव में बच्चों के अपहरण की अफवाह फैलने लगी। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे परिजन सरधना थाने पहुंचे और पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी।
प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रताप सिंह के निर्देशन में तत्काल ऑपरेशन मुस्कान के तहत विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ मेरठ के बेगमपुल स्थित यूनियन बैंक के एटीएम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में तीनों किशोर रोडवेज बस अड्डे की ओर जाते दिखे, जिससे पुलिस को उनके हरिद्वार जाने की आशंका हुई।
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इसी बीच मयंक ने अपने चचेरे भाई को कॉल कर बताया कि वह तीनों हरिद्वार में हैं और इस शर्त पर घर लौटेंगे कि उनके साथ मारपीट नहीं की जाएगी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम परिजनों को साथ लेकर हरिद्वार रवाना हो गई। पुलिस ने सबसे पहले हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पास से मयंक को सकुशल बरामद किया। इसके बाद देर रात रचित और अवि सैनी को भी सुरक्षित तलाश लिया। पुलिस तीनों किशोरों को सरधना थाने ले आई। पूछताछ के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नाबालिगों को सुरक्षित तलाश लिया है। जांच में किसी प्रकार के अपहरण की पुष्टि नहीं हुई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। थाना क्षेत्र के कुशावली गांव से मंगलवार सुबह घर से निकले तीन किशोरों को पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत महज सात घंटे में हरिद्वार से सकुशल तलाश लिया। किशोरों के लापता होने के साथ ही एक के पिता के बैंक खाते से एटीएम के जरिये 20 हजार रुपये निकाले जाने की सूचना मिलने पर गांव में अपहरण की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामला जल्द स्पष्ट हो गया और तीनों किशोर सुरक्षित मिल गए।
पुलिस के अनुसार, कुशावली निवासी मयंक (17) पुत्र सुनील कुमार, रचित (14) पुत्र पंकज कुमार तथा अवि सैनी (17) पुत्र विकास सैनी मंगलवार सुबह घर से टहलने की बात कहकर निकले थे। काफी देर तक नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान मयंक के पिता के मोबाइल पर बैंक खाते से एटीएम के माध्यम से दो बार में 10-10 हजार रुपये निकालने का संदेश मिला। परिजनों को यह भी पता चला कि मयंक घर से करीब छह हजार रुपये नकद भी लेकर गया है। इसके बाद परिजन चिंतित हो गए और गांव में बच्चों के अपहरण की अफवाह फैलने लगी। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे परिजन सरधना थाने पहुंचे और पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी।
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प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रताप सिंह के निर्देशन में तत्काल ऑपरेशन मुस्कान के तहत विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ मेरठ के बेगमपुल स्थित यूनियन बैंक के एटीएम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में तीनों किशोर रोडवेज बस अड्डे की ओर जाते दिखे, जिससे पुलिस को उनके हरिद्वार जाने की आशंका हुई।
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इसी बीच मयंक ने अपने चचेरे भाई को कॉल कर बताया कि वह तीनों हरिद्वार में हैं और इस शर्त पर घर लौटेंगे कि उनके साथ मारपीट नहीं की जाएगी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम परिजनों को साथ लेकर हरिद्वार रवाना हो गई। पुलिस ने सबसे पहले हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पास से मयंक को सकुशल बरामद किया। इसके बाद देर रात रचित और अवि सैनी को भी सुरक्षित तलाश लिया। पुलिस तीनों किशोरों को सरधना थाने ले आई। पूछताछ के बाद उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नाबालिगों को सुरक्षित तलाश लिया है। जांच में किसी प्रकार के अपहरण की पुष्टि नहीं हुई है।