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हाईलोस में पहुंचे विद्युत निगम के तीन फीडर
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दौराला (मेरठ)। सकौती उपखंड के तीन फीडर लॉकडाउन के बाद हाईलोस में चल रहे हैं। हाईलोस में इन तीनों फीडर के आने के बाद अधिकारियों के आदेश पर जल्द यहां मीटर लगाकर राजस्व वसूली बढ़ाने व औचक छापेमारी कर चोरी पकड़ने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने बकाएदार उपभोक्ताओं का डाटा भी तैयार कराना शुरू कर दिया है।
लॉकडाउन के दौरान बिजली विभाग में बिजली बिल जमा करने की सुविधा थी, परंतु कोरोना को देखते हुए उपभोक्ताओं पर अधिक जोर नहीं दिया गया। परंतु अनलॉक प्रक्रिया के बाद राजस्व बढ़ाने के लिए लगातार उपभोक्ताओं को बिजली का बिल जमा करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी महलका बिजली घर अंर्तगत टाऊन 83 प्रतिशत व चिंदौड़ी के नलकूप का फीडर 54 प्रतिशत घाटे में चल रहा है। जबकि नंगली आजड़ का फीडर 63 प्रतिशत हाईलोस में चल रहा है। इन तीनों फीडरों पर बिजली की खपत के मुकाबले राजस्व की वसूली पूरी नहीं हो पा रही है, जिस कारण यह तीनों अनलॉक के बाद भी लगातार हाईलोस में पहुंचते जा रहे हैं। इन तीनों फीडरों पर औचक चेकिंग अभियान चलाकर चोरी रोकने, जिन उपभोक्ताओं के मीटर नहीं है, उनके यहां मीटर लगाने, जिन उपभोक्ताओं के बिजली के बिल में गड़बड़ी है उनके यहां दूसरा मीटर लगाकर बिल ठीक करने व अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द बकाया बिजली का बिल जमा कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर उपखंड के अधिकारियों ने बकायेदार उपभोक्ताओं की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है।
-15 प्रतिशत लोस तक 24 घंटे बिजली देने का प्रावधान
यदि किसी फीडर पर 15 प्रतिशत लोस रहता है तो सरकार के निर्देश अनुसार वहां 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश हैं। दरअसल 15 प्रतिशत लोस को विभाग जुर्माने से पूरा कर लेता है। इस लोस को विभाग ठीक मानता है। परंतु इससे ऊपर यदि लोस होता है तो यहां अभियान चलाकर राजस्व बढ़ाने के लिए विभाग बकाएदारों के कनेक्शन काटने के साथ-साथ चोरी करने वाले लोगों से जुर्माना वसूलता है।
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फीडर उपभोक्ता
महलका टाऊन 1967
चिंदौड़ी नलकूप 191
नंगली आजड़ 2391
वर्जन
तीनों फीडर लॉकडाउन के बाद से हाईलोस में चल रहे हैं। खरीदी गई बिजली इन फीडरों को दी गई, परंतु उतना राजस्व प्राप्त नहीं हो सका। राजस्व कम प्राप्त होने के पीछे बिजली चोरी, बकाएदारों के बिजली का बिल जमा ना कराना या बिना मीटर के बिजली का अधिक उपयोग करना है। अभियान चलाकर इन फीडरों पर होने वाली चोरी रोकी जाएगी और अधिक बकाएदारों के कनेक्शन काटे जाएंगे।
विनेश कुमार, एसडीओ, सकौती उपखंड कार्यालय
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लॉकडाउन के दौरान बिजली विभाग में बिजली बिल जमा करने की सुविधा थी, परंतु कोरोना को देखते हुए उपभोक्ताओं पर अधिक जोर नहीं दिया गया। परंतु अनलॉक प्रक्रिया के बाद राजस्व बढ़ाने के लिए लगातार उपभोक्ताओं को बिजली का बिल जमा करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी महलका बिजली घर अंर्तगत टाऊन 83 प्रतिशत व चिंदौड़ी के नलकूप का फीडर 54 प्रतिशत घाटे में चल रहा है। जबकि नंगली आजड़ का फीडर 63 प्रतिशत हाईलोस में चल रहा है। इन तीनों फीडरों पर बिजली की खपत के मुकाबले राजस्व की वसूली पूरी नहीं हो पा रही है, जिस कारण यह तीनों अनलॉक के बाद भी लगातार हाईलोस में पहुंचते जा रहे हैं। इन तीनों फीडरों पर औचक चेकिंग अभियान चलाकर चोरी रोकने, जिन उपभोक्ताओं के मीटर नहीं है, उनके यहां मीटर लगाने, जिन उपभोक्ताओं के बिजली के बिल में गड़बड़ी है उनके यहां दूसरा मीटर लगाकर बिल ठीक करने व अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द बकाया बिजली का बिल जमा कराने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर उपखंड के अधिकारियों ने बकायेदार उपभोक्ताओं की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है।
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-15 प्रतिशत लोस तक 24 घंटे बिजली देने का प्रावधान
यदि किसी फीडर पर 15 प्रतिशत लोस रहता है तो सरकार के निर्देश अनुसार वहां 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश हैं। दरअसल 15 प्रतिशत लोस को विभाग जुर्माने से पूरा कर लेता है। इस लोस को विभाग ठीक मानता है। परंतु इससे ऊपर यदि लोस होता है तो यहां अभियान चलाकर राजस्व बढ़ाने के लिए विभाग बकाएदारों के कनेक्शन काटने के साथ-साथ चोरी करने वाले लोगों से जुर्माना वसूलता है।
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फीडर उपभोक्ता
महलका टाऊन 1967
चिंदौड़ी नलकूप 191
नंगली आजड़ 2391
वर्जन
तीनों फीडर लॉकडाउन के बाद से हाईलोस में चल रहे हैं। खरीदी गई बिजली इन फीडरों को दी गई, परंतु उतना राजस्व प्राप्त नहीं हो सका। राजस्व कम प्राप्त होने के पीछे बिजली चोरी, बकाएदारों के बिजली का बिल जमा ना कराना या बिना मीटर के बिजली का अधिक उपयोग करना है। अभियान चलाकर इन फीडरों पर होने वाली चोरी रोकी जाएगी और अधिक बकाएदारों के कनेक्शन काटे जाएंगे।
विनेश कुमार, एसडीओ, सकौती उपखंड कार्यालय