तीन तलाक और हलाला पर खुलकर बोले संघ प्रचारक, खुशी से झूम उठीं मुस्लिम महिलाएं
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मेरठ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक इंद्रेश कुमार शुक्रवार को तीन तलाक और हलाला पर खुलकर बोले। उन्होंने कहा कि तीन तलाक इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है। तीन तलाक के लिए कम से कम 90 दिन का समय होना चाहिए, जिसमें दो गवाहों का होना जरूरी है। लेकिन शरीयत के नाम पर तीन तलाक को महिला उत्पीड़न का माध्यम बना दिया गया है। इसके खिलाफ मुस्लिम महिलाओं को अब आवाज बुलंद करनी चाहिए।
संघ प्रचारक और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने ये विचार ग्राम नंगला साहू में आयोजित मुस्लिम महिला सम्मेलन में रखे। कहा कि तलाक जैसी कुरीति मुस्लिम समाज के लिए ऐसा अभिशाप है, जिससे मुस्लिम समाज काफी पिछड़ रहा है। तलाक, भ्रूण हत्या, बलात्कार जैसे घिनौने अपराध करने वाला सीधे खुदा से दुश्मनी करता है। वहीं, गर्भवती महिला को तीन तलाक देना भी हराम होता है।
तलाक पर कानून
उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम देशों में भी महिला के साथ तीन तलाक पर कानून बन चुका है। कानूनी तौर पर ही तीन तलाक स्वीकार होगा। लेकिन भारत जैसे प्रगतिशील देश में आज भी तीन तलाक पर बहस हो रही है, जो नहीं होनी चाहिए।
तलाकशुदा महिलाओं के बच्चे लिए गोद
सम्मेलन में तलाकशुदा महिला प्रवीन की बेटियों की जिम्मेदारी समाज के लोगों ने उठाते हुए उन्हें गोद लेने का ऐलान किया। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष कुंवर वासित अली ने प्रवीन की एक बेटी का पालन पोषण करने की जिम्मेदारी उठाई। वहीं, दूसरी बेटी की नाहिद फातिमा और अनवार अली चौहान ने दो बेटियों की जिम्मेदारी ली।
लहराईं तख्तियां
इंद्रेश कुमार के संबोधन के दौरान वहां मौजूद सैकड़ों महिलाओं ने तीन तलाक के विरोध में नारेबाजी के बीच विरोध के स्लोगन लिखीं तख्तियां लहरायी। मुस्लिम महिलाओं ने भारत माता जिंदाबाद के भी नारे लगाए।
उलेमाओं से अपील
इंद्रेश कुमार ने मंच से उलेमाओं से अपील करते कहा कि तीन तलाक और हलाला जैसी कुरीतियों से मुस्लिम औरतों को बचाने में मदद करें। झूठी शरीयत के नाम पर उनके शोषण का रास्ता तैयार न करें।
अल्लाह को नहीं तलाक पसंद
उन्होंने कहा कि हदीस में अल्लाह तआला ने फरमाया कि मुझे दुनिया के अंदर अगर कोई सबसे नापसंदीदा अमल है तो वह तलाक है। इसलिए मुसलमान को अल्लाह तआला के नापसंदीदा चीजों से बचना चाहिए। इस अवसर पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल, सतवीर त्यागी, सूर्यप्रकाश टॉक, डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, गिरीश जोयाल, कोकब मुस्तफा, नाहिब फातिमा, मौलाना मुजाहिद फुरकान मदनी, प्रधान अब्बास भूडपुर, मलका जर्रीन, संजीदा बेगम, प्रवीन, आरिफ खान, नासिर सैफी, संजीव जैन सिक्का, सुशील कांबोज, लीले वर्मा, कालू प्रधान आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम संयोजक अनवार अली, कुंवर वासित अली, शाहीन परवेज ने आभार जताया।