मेरठ: पीएम आवास योजना में अवैध वसूली के तीन आरोपी जेल भेजे गए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में पात्रों के चयन, डीपीआर बनवाने और निर्माण कराने का कार्य करने वाली अधिकृत कंपनी के दो अवर अभियंताओं पर धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। जबकि कार्यालय सहायक पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई है। आरोपी अवर अभियंताओं को पुलिस ने सहारनपुर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया, जबकि कार्यालय सहायक को एंटी करप्शन कोर्ट मेरठ में पेश करने के बाद जेल भेजा गया।
योजना में अवैध वसूली की शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह को जांच करने का निर्देश दिया था। बृहस्पतिवार को एसडीएम ने डूडा के दफ्तर पहुंचकर जांच की तो योजना में लोगों से पैसे मांगने के मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद लाभार्थियों के चयन, डीपीआर बनाने, निर्माण, जियो टैगिंग के कार्य के लिए अधिकृत कंपनी मैसर्स स्पेश कंबाइन प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय सहायक लव पंवार के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी और आरोपी लव पंवार को पुलिस के हवाले कर दिया गया था। शुक्रवार सुबह लव पंवार को पुलिस ने मेरठ स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे मेरठ जेल भेज दिया गया।
उधर, बृहस्पतिवार रात में ही कंपनी के जिला समन्वयक कुलभूषण मिश्रा निवासी कोडहार मेजा (प्रयागराज) ने कंपनी के ही दो अवर अभियंताओं सेठपाल निवासी सरोली दुलीचंद रामपुर मनिहारान तथा अनुज सिंह निवासी मोहल्ला वेद विहार के खिलाफ सदर बाजार कोतवाली में धोखाधड़ी तथा अमानत में खयानत का मामला दर्ज कराया। उन्होंने सेठपाल और अनुज पर जियो टैगिंग के कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुज के खिलाफ जियो टैगिंग एवं मकान बनवाने के नाम पर अवैध वसूली की लोगों ने शिकायत की हैं। सदर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार रात ही गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को सहारनपुर स्थित कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कंपनी के कई अधिकारियों की चल रही जांच : एसडीएम
उपजिलाधिकारी सदर अनिल कुमार सिंह का कहना है कि मैसर्स स्पेश कंबाइन प्राइवेट लिमिटेड के तीन कर्मचारी गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं, कंपनी के कई अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पात्रता सूची के लाभार्थियों का भी फिर से सत्यापन कराया जाएगा। इसके अलावा डूडा कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी।
जिला समन्वयक ने बताया जान का खतरा
मैसर्स स्पेश कंबाइन प्राइवेट लिमिटेड के जिला समन्वयक कुलभूषण मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा चार कर्मचारियों को पूर्व में ही भ्रष्टाचार के आरोप लगने के कारण कंपनी से निकाल दिया गया था। उसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दी गईं। एक बार जानलेवा हमले की कोशिश तक की गई। उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है। कुलभूषण मिश्रा ने चार अन्य के अलावा लव पंवार, अनुज सिंह से भी जान का खतरा बताते हुए एसडीएम सदर को प्रार्थना पत्र दिया है।