हाईस्कूल में होगी टॉपर्स के लिए जंग, इस बार ग्रेड नहीं प्रमाणपत्र में दर्ज होंगे अंक
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मेरठ में दसवीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम में इस बार स्कूलों में टॉपर्स के लिए जंग होगी। कम्पेरेटिव कम्प्रेसिव एसेसमेंट (सीसीई) खत्म होने के बाद इस वर्ष बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट आएगा।
इस बार छात्रों को ग्रेड के स्थान पर अंक मिलेंगे। जिसके कारण सीजीपीए नहीं बल्कि ओवरऑल मार्क्स का रिजल्ट जारी किया जाएगा। अंक होने के कारण टॉपर का आकलन प्राप्त अंकों से होगा। पब्लिक स्कूलों में इस बार दसवीं के रिजल्ट को लेकर बेहद उत्साह और चिंता दोनों हैं। हर स्कूल को उम्मीद है कि टॉपर उसके यहां से आए। अभी तक ग्रेडिंग सिस्टम होने के कारण दसवीं में टॉपर का झंझट नहीं होता था। लेकिन इस वर्ष बोर्ड दसवीं का भी टॉपर देगा। रिजल्ट में 80 प्रतिशत अंक बोर्ड की ओर के रहेंगे, जो छात्र ने परीक्षा में लिए हैं। 20 प्रतिशत अंक स्कूल की ओर से छात्र की वार्षिक परफार्मेंस के आधार पर जोड़े जाएंगे। जिसे मिलाकर रिजल्ट तैयार होगा।
यह बोले प्रधानाचार्य: अच्छे रिजल्ट की पूरी उम्मीद
होम बोर्ड में सभी स्कूलों का अच्छा प्रदर्शन होता रहा है। लेकिन अब बोर्ड एग्जाम में भी अच्छा रिजल्ट आने की पूरी उम्मीद है। स्कूलों ने साल भर छात्रों के साथ काफी मेहनत की है। पूरी उम्मीद है कि मेरठ का रिजल्ट पूरे रीजन में अच्छा होगा। सीसीई खत्म होने से छात्र और स्कूल दोनों को ही लाभ हुआ है। - एचएम राउत, प्रिंसिपल दीवान पब्लिक स्कूल
क्वालिटी एजुकेशन का स्तर बढ़ेगा
मॉडरेशन का असर रिजल्ट पर बिल्कुल देखने को मिलेगा। जितना अच्छा रिजल्ट 12वीं का आया है, उतना अच्छा रिजल्ट आने की उम्मीद कम है। लेकिन छात्रों के लिए और स्कूलों में मिलने वाली क्वालिटी एजुकेशन दोनों के लिए यह सिस्टम अच्छा रहेगा। किसी सीजन में अगर रिजल्ट खराब भी आए तो भी हमें इसको सहन करने की आदत डालनी होगी। क्योंकि इसका सकारात्मक असर दो साल बाद जरूर दिखेगा। -प्रेम मेहता, प्रिंसिपल सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल
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11वीं में आएगा अच्छा स्टफ
सीसीई के कारण सभी छात्रों के 10 सीजीपीए, ए वन ग्रेड आ रहे हैं। पता ही नहीं चलता कि कौन सा छात्र पढ़ाई में कैसा है। लेकिन रैंक और नंबर आने से कम से कम यह पता चलेगा कि छात्रों का स्टफ कैसा है। उसी हिसाब से स्ट्रीम देंगे। छात्र के करियर के लिए भी यह अच्छा है। -अनुपमा सक्सेना, प्रिंसिपल गार्गाी गर्ल्स स्कूल
सालभर करनी होगी पढ़ाई
ग्रेडिंग के स्थान पर मार्क्स का मिलना ये बहुत अच्छा कदम है। सीसीई में सेमेस्टर सिस्टम था। जिसमें सिलेबस डिवाइड था। लेकिन अब एनुअल सिस्टम लागू हो गया है। अब स्टूडेंट को पूरा सिलेबस लास्ट तक पढ़ना होता है। - सविता चड्डा, प्रिंसिपल डीपीएस बागपत रोड
छात्र कर सकेंगे खुद का आंकलन
ग्रेडिंग सिस्टम की सबसे बड़ी दिक्कत थी कि टॉपर पता नहीं चलता था। लेकिन मार्क्स सिस्टम लागू होने से टॉपर का पता चलेगा। साथ ही स्टूडेंट अपने पढ़ाई का लेवल भी जान पाएंगे, जो कि ए वन ग्रेड मिलने के बाद भी पता नहीं चलता था। -चंद्रलेखा जैन, प्रिंसिपल सेंट जोंस स्कूल
कांपटेटिव स्प्रिट बढ़ेगी
सीसीई खत्म होना बहुत अच्छा है। इससे छात्रों में कांपटेटिव स्प्रिट बढ़ेगी। बोर्ड रीइंट्रड्यूस हुआ है बहुत अच्छा है। छात्र गंभीरता से पढ़ाई करेंगे जो कि अभी खत्म हो चुका था। मॉडरेशन खत्म होने से कुछ छात्रों को परेशानी है। लेकिन अन्य छात्रों के लिए यह अच्छा है। -राहुल केसरवानी, प्रिंसिपल मेरठ सिटी पब्लिक स्कूल
नहीं छूटेगी पढ़ाई की आदत
अमूमन छात्र 10वीं में होम एग्जाम को सेलेक्ट करके दसवीं को बहुत कैजुअली लेते हैं। दसवीं फाइनल एग्जाम आते-आते छात्रों की पढ़ाई की आदत छूटने सी लगती है। जिसका असर उनके 11वीं के फर्स्ट एग्जाम में ही दिखता था। लेकिन अब पढ़ाई की आदत नहीं छूटेगी। 11वीं में भी झटका नहीं लगेगा। - संजीव अग्रवाल, प्रिंसिपल एमपीएस मेन विंग
12वीं बोर्ड का होगा अभ्यास
दसवीं में अधिकांश छात्र होम बोर्ड को चुनकर परीक्षा देते, इससे छात्रों को बोर्ड परीक्षा को फेस करने की प्रैक्टिस ही नहीं होती। यही छात्र जब 12वीं में बोर्ड एग्जाम देते तो एग्जाम का पीयर प्रेशर हावी हो जाता। लेकिन जब छात्र 10वीं में बोर्ड परीक्षा से वाकिफ हो रहा है तो उसका लाभ 12वीं में मिलेगा। -डॉ. आरके पांडे, प्रिंसिपल जेपी एकेडमी गंगानगर
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