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पशु चिकित्सालय के जर्जर भवन से हादसे की आशंका
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पशु चिकित्सालय के जर्जर भवन से हादसे की आशंका
बहसूमा। गाजियाबाद के मुरादनगर में शमशान घाट की छत गिरने से 25 लोगों की मौत के बाद देशभर में जर्जर भवनों को लेकर लोगों के मन में भय पैदा हो गया है। जिसके चलते लोग कस्बा स्थित पशु चिकित्सालय के जर्जर भवन को लेकर चिंतित हैं। चिकित्सालय का भवन जर्जर अवस्था में होने के बावजूद विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
थाना परिसर के पीछे की तरफ स्थित पशु चिकित्सालय का निर्माण करीब 40 साल पूर्व हुआ था। अस्पताल बनने से पहले इस भवन में डिस्पेंसरी संचालित थी। 1995 में पशु चिकित्सालय घोषित कर पशु चिकित्सक की तैनाती कर दी गई।
पशु चिकित्सालय पर तैनात विजय कर्णवाल ने बताया कि करीब 10 वर्ष से पूरा स्टाफ जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहा है। इस जर्जर भवन की छत और दीवार से प्लास्टर छूटकर गिर रहा है। खिड़की व दरवाजे टूटकर गिर रहे हैं। बारिश पड़ते ही छत से पानी टपकने लगता है। स्टाप रिकार्ड व दवाइयों को पॉलिथीन डालकर बचाते हैं। उन्होंने जर्जर भवन की स्थिति से उच्चाधिकारियों को मौखिक व लिखित में अवगत करा दिया है।
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पशु चिकित्सा प्रभारी विजय कर्णवाल का कहना है कि लोक निर्माण विभाग से जर्जर भवन को क्षतिग्रस्त कराने के आदेश करा लिए हैं। लेकिन अभी नए भवन के निर्माण के लिए धन आवंटित नहीं हुआ है।
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बहसूमा। गाजियाबाद के मुरादनगर में शमशान घाट की छत गिरने से 25 लोगों की मौत के बाद देशभर में जर्जर भवनों को लेकर लोगों के मन में भय पैदा हो गया है। जिसके चलते लोग कस्बा स्थित पशु चिकित्सालय के जर्जर भवन को लेकर चिंतित हैं। चिकित्सालय का भवन जर्जर अवस्था में होने के बावजूद विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
थाना परिसर के पीछे की तरफ स्थित पशु चिकित्सालय का निर्माण करीब 40 साल पूर्व हुआ था। अस्पताल बनने से पहले इस भवन में डिस्पेंसरी संचालित थी। 1995 में पशु चिकित्सालय घोषित कर पशु चिकित्सक की तैनाती कर दी गई।
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पशु चिकित्सालय पर तैनात विजय कर्णवाल ने बताया कि करीब 10 वर्ष से पूरा स्टाफ जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहा है। इस जर्जर भवन की छत और दीवार से प्लास्टर छूटकर गिर रहा है। खिड़की व दरवाजे टूटकर गिर रहे हैं। बारिश पड़ते ही छत से पानी टपकने लगता है। स्टाप रिकार्ड व दवाइयों को पॉलिथीन डालकर बचाते हैं। उन्होंने जर्जर भवन की स्थिति से उच्चाधिकारियों को मौखिक व लिखित में अवगत करा दिया है।
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पशु चिकित्सा प्रभारी विजय कर्णवाल का कहना है कि लोक निर्माण विभाग से जर्जर भवन को क्षतिग्रस्त कराने के आदेश करा लिए हैं। लेकिन अभी नए भवन के निर्माण के लिए धन आवंटित नहीं हुआ है।