{"_id":"69caed906acbd108950d1b0d","slug":"there-is-a-lot-of-verbal-exchange-going-on-regarding-the-word-jat-meerut-news-c-14-1-mrt1001-1147445-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: जाट शब्द को लेकर खूब चल रहे शब्दों के तीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: जाट शब्द को लेकर खूब चल रहे शब्दों के तीर
विज्ञापन
सकौती स्थित हितकारी किसान इंटर कॉलेज के प्रांगण में हुए महाराजा सूरजमल की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में जाट शब्द हटाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में अब शब्दों के तीर चल रहे हैं।
भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद राजकुमार चाहर ने कहा है कि महाराजा सूरजमल की प्रतिमा स्थापित की गई इसके लिए आयोजकों व समाज को बधाई लेकिन इस कार्यक्रम मुख्य अतिथि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का प्रधानमंत्री के लिए अशोभनीय टिप्पणी करना जाट समाज, किसानों और हिंदू समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल का यूपी के मुख्यमंत्री को हटाने की बात कहना निंदनीय है। महाराजा सूरजमल के नाम के आगे जाट शब्द लगाने की मांग करना महाराजा सूरजमल के कद को छोटा करना है। वे समूचे हिंदू समाज के लिए समर्पित थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान और सांसद हनुमान बेनीवाल सहित मंच पर बैठे आयोजकों व आयोजकों के संरक्षक नेताओं को हिंदू समाज से क्षमा मांगनी चाहिए।
वहीं, कैराना के पूर्व सांसद हरपाल पंवार ने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के विरुद्ध की गई राजनीतिक टिप्पणियां कार्यक्रम की गरिमा के खिलाफ थीं। ऐसी बातें अपने राजनीतिक दल के बैनर तले होनी चाहिए न कि सामाजिक मंच पर। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की इस सबसे बड़ी प्रतिमा पर जाट शब्द लिखा गया था जिसे मेरठ पुलिस प्रशासन द्वारा अनावरण से ठीक पहले हटा दिया गया। इससे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इनके अलावा वरिष्ठ जाट नेता रोहित जाखड़ ने कहा कि जाट तो अमिट शब्द है। शासन प्रशासन समाज के मान सम्मान और स्वाभीमान को चुनौती नहीं दे सकता। यह कैसा कार्यक्रम हुआ जिसमें अनावरण से पहले मुख्य अतिथि चले गए। उन्होंने कहा कि पता चला है कि ग्रामीणों की आपत्ति के के बाद आयोजक मंडल की सहमति से जाट शब्द हटाया गया है। जाट शब्द महाराजा सूरजमल की प्रतिमा पर नहीं लिखा था बल्कि यह शब्द कार्यक्रम कराने वाले संगठन के नाम में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद राजकुमार चाहर ने कहा है कि महाराजा सूरजमल की प्रतिमा स्थापित की गई इसके लिए आयोजकों व समाज को बधाई लेकिन इस कार्यक्रम मुख्य अतिथि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का प्रधानमंत्री के लिए अशोभनीय टिप्पणी करना जाट समाज, किसानों और हिंदू समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल का यूपी के मुख्यमंत्री को हटाने की बात कहना निंदनीय है। महाराजा सूरजमल के नाम के आगे जाट शब्द लगाने की मांग करना महाराजा सूरजमल के कद को छोटा करना है। वे समूचे हिंदू समाज के लिए समर्पित थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान और सांसद हनुमान बेनीवाल सहित मंच पर बैठे आयोजकों व आयोजकों के संरक्षक नेताओं को हिंदू समाज से क्षमा मांगनी चाहिए।
विज्ञापन
वहीं, कैराना के पूर्व सांसद हरपाल पंवार ने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के विरुद्ध की गई राजनीतिक टिप्पणियां कार्यक्रम की गरिमा के खिलाफ थीं। ऐसी बातें अपने राजनीतिक दल के बैनर तले होनी चाहिए न कि सामाजिक मंच पर। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की इस सबसे बड़ी प्रतिमा पर जाट शब्द लिखा गया था जिसे मेरठ पुलिस प्रशासन द्वारा अनावरण से ठीक पहले हटा दिया गया। इससे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इनके अलावा वरिष्ठ जाट नेता रोहित जाखड़ ने कहा कि जाट तो अमिट शब्द है। शासन प्रशासन समाज के मान सम्मान और स्वाभीमान को चुनौती नहीं दे सकता। यह कैसा कार्यक्रम हुआ जिसमें अनावरण से पहले मुख्य अतिथि चले गए। उन्होंने कहा कि पता चला है कि ग्रामीणों की आपत्ति के के बाद आयोजक मंडल की सहमति से जाट शब्द हटाया गया है। जाट शब्द महाराजा सूरजमल की प्रतिमा पर नहीं लिखा था बल्कि यह शब्द कार्यक्रम कराने वाले संगठन के नाम में है।
विज्ञापन