{"_id":"5d5c60c08ebc3e6c25401bfd","slug":"the-water-fill-in-underpass-the-childrens-does-not-go-to-school-kithor-news-mrt4391576103","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंडरपास में भरा पानी, बच्चे नहीं जा पा रहे स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंडरपास में भरा पानी, बच्चे नहीं जा पा रहे स्कूल
विज्ञापन
खरखौदा में उलधन रोड़ पर हुये जल भराव के कारण वापस लौटते राहगीर
- फोटो : KITHOR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंडरपास में भरा पानी, बच्चे नहीं जा पा रहे स्कूल
खरखौदा। हापुड़ से मेरठ तक खुर्जा रेलवे ट्रैक पर रेलवे की तरफ से आधा दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर अंडरपास बनाए गए थे। बारिश के कारण इनमें जलभराव होने से लोगों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं तीन दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
मेरठ-खुर्जा रेलवे ट्रैक पर चांदसारा, खंदावली, खरखौदा उलधन रोड़ पर, गांव सेतकुआ में, पांची जंगल, पांची गांव के लिए व गांव दादरी सहित सभी जगहों पर अंडरपास बनाए गए थे। अंडरपास में बोरवैल बनाए गए थे, ताकि बारिश का पानी इनमें चला जाए। चांदसारा, खंदावली, उलधन, सेतकुआं व पांची गांवों में बनाए गए अंडरपास का लेबल ठीक नहीं है। इस कारण हल्की सी बारिश में ही यहां जलभराव हो जाता है। कस्बा में उलधन रोड पर लाइन क्रास करने के बाद राजकीय महिला महाविद्यालय भी है। इसमें आसपास के गांवों की कई सौ छात्राएं पढ़ने आती हैं। वहीं यह रास्ता तोड़ी, उलधन व सरावा गांव का मुख्य रास्ता है। प्रतिदिन सैकड़ों राहगीर थ्री व्हीलर व अपने अपने वाहनों से इस अंडरपास से गुजरते हैं। पिछले दो दिन से बारिश के कारण जलभराव के कारण रास्ता पूरी तरह बंद गया है। इससे छात्राएं स्कूल नहीं जा पा रही हैं। ग्रामीण कई बार रेलवे विभाग को सूचना दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं नगर पंचायत कई बार पंप सेट लगाकर अंडरपास का पानी निकलवा चुका है।
हो चुका है बड़ा हादसा
पिछले वर्ष बरसात में चांदसारा के अंडरपास में जलभराव हो गया था। इसमें क्षेत्र के एक निजी स्कूल की बस डूब गई थी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बस में सवार सभी बच्चों को बचाया था। जब बस डूब रही थी तो गांव का ही एक बच्चा बस देखने पहुंचा गया था जो बाद में अंडरपास के पानी में डूब गया था। इस पर ग्रामीणों ने रेल तक को रोक दिया था।
विज्ञापन
कराई जाएगी निकासी
रेन वाटर हार्वेस्टिंग में मिट्टी जमने के कारण वे ठप हो गए है। हालांकि यह गंभीर मामला है इसलिए कल ही संबंधित इंजीनियर को भेजकर पानी की निकासी करा दी जाएगी। -विनोद पांडये, सीनियर सेक्शन इंजीनियर
विज्ञापन
खरखौदा। हापुड़ से मेरठ तक खुर्जा रेलवे ट्रैक पर रेलवे की तरफ से आधा दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर अंडरपास बनाए गए थे। बारिश के कारण इनमें जलभराव होने से लोगों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं तीन दिन से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
मेरठ-खुर्जा रेलवे ट्रैक पर चांदसारा, खंदावली, खरखौदा उलधन रोड़ पर, गांव सेतकुआ में, पांची जंगल, पांची गांव के लिए व गांव दादरी सहित सभी जगहों पर अंडरपास बनाए गए थे। अंडरपास में बोरवैल बनाए गए थे, ताकि बारिश का पानी इनमें चला जाए। चांदसारा, खंदावली, उलधन, सेतकुआं व पांची गांवों में बनाए गए अंडरपास का लेबल ठीक नहीं है। इस कारण हल्की सी बारिश में ही यहां जलभराव हो जाता है। कस्बा में उलधन रोड पर लाइन क्रास करने के बाद राजकीय महिला महाविद्यालय भी है। इसमें आसपास के गांवों की कई सौ छात्राएं पढ़ने आती हैं। वहीं यह रास्ता तोड़ी, उलधन व सरावा गांव का मुख्य रास्ता है। प्रतिदिन सैकड़ों राहगीर थ्री व्हीलर व अपने अपने वाहनों से इस अंडरपास से गुजरते हैं। पिछले दो दिन से बारिश के कारण जलभराव के कारण रास्ता पूरी तरह बंद गया है। इससे छात्राएं स्कूल नहीं जा पा रही हैं। ग्रामीण कई बार रेलवे विभाग को सूचना दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं नगर पंचायत कई बार पंप सेट लगाकर अंडरपास का पानी निकलवा चुका है।
विज्ञापन
हो चुका है बड़ा हादसा
पिछले वर्ष बरसात में चांदसारा के अंडरपास में जलभराव हो गया था। इसमें क्षेत्र के एक निजी स्कूल की बस डूब गई थी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बस में सवार सभी बच्चों को बचाया था। जब बस डूब रही थी तो गांव का ही एक बच्चा बस देखने पहुंचा गया था जो बाद में अंडरपास के पानी में डूब गया था। इस पर ग्रामीणों ने रेल तक को रोक दिया था।
विज्ञापन
कराई जाएगी निकासी
रेन वाटर हार्वेस्टिंग में मिट्टी जमने के कारण वे ठप हो गए है। हालांकि यह गंभीर मामला है इसलिए कल ही संबंधित इंजीनियर को भेजकर पानी की निकासी करा दी जाएगी। -विनोद पांडये, सीनियर सेक्शन इंजीनियर