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Meerut News: विश्वविद्यालय ने एनईपी के बैक, एक्स श्रेणी की 15 हजार मार्कशीट रोकीं
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने एनईपी के बैक व एक्स श्रेणी के 15 हजार छात्रों की मार्कशीट अभी जारी नहीं की है। इससे छात्र परेशान हैं। सेल्फ फाइनेंस काॅलेज फेडरेशन ने विवि की कार्य प्रणाली के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन यादव ने प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों को उनके मूलभूत अधिकारों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। छात्रों की अंकतालिकाएं विश्वविद्यालय द्वारा कोई न कोई कमी दिखाकर रोकी जा रही हैं। जब छात्र सीधे विश्वविद्यालय में संपर्क करते हैं तो वहां उनका आर्थिक शोषण होता है। विश्वविद्यालय इसके लिए कोई सुलभ नीति नहीं बना पाया है।
उन्होंने बताया कि रिजल्ट जारी हुए छह महीने से अधिक समय हो गया है। छात्र इसके लिए कॉलेजों से संपर्क करते हैं, लेकिन कॉलेज असहाय हो गए हैं। इससे पहले 17 जून 2023 और आठ नवंबर 2024 को भी विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई थी। फेडरेशन ने कुलाधिपति से सीसीएसयू को छात्रों का उत्पीड़न रोकने और मार्कशीट को लेकर कोई स्पष्ट नीति बनाने के निर्देश देने की मांग उठाई है।
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वर्जन
जिन कॉलेजों की ओर से वेबसाइट पर प्रैक्टिकल के अंक नहीं चढ़ाए गए हैं, उनके छात्रों का परीक्षा परिणाम रोका गया है। कॉलेजों से लगातार प्रैक्टिकल के नंबर मांगे जा रहे हैं। - रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा
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सेल्फ फाइनेंस कॉलेज फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन यादव ने प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों को उनके मूलभूत अधिकारों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। छात्रों की अंकतालिकाएं विश्वविद्यालय द्वारा कोई न कोई कमी दिखाकर रोकी जा रही हैं। जब छात्र सीधे विश्वविद्यालय में संपर्क करते हैं तो वहां उनका आर्थिक शोषण होता है। विश्वविद्यालय इसके लिए कोई सुलभ नीति नहीं बना पाया है।
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उन्होंने बताया कि रिजल्ट जारी हुए छह महीने से अधिक समय हो गया है। छात्र इसके लिए कॉलेजों से संपर्क करते हैं, लेकिन कॉलेज असहाय हो गए हैं। इससे पहले 17 जून 2023 और आठ नवंबर 2024 को भी विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई थी। फेडरेशन ने कुलाधिपति से सीसीएसयू को छात्रों का उत्पीड़न रोकने और मार्कशीट को लेकर कोई स्पष्ट नीति बनाने के निर्देश देने की मांग उठाई है।
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जिन कॉलेजों की ओर से वेबसाइट पर प्रैक्टिकल के अंक नहीं चढ़ाए गए हैं, उनके छात्रों का परीक्षा परिणाम रोका गया है। कॉलेजों से लगातार प्रैक्टिकल के नंबर मांगे जा रहे हैं। - रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा