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Meerut News: आसमान में लहरा रही माैत की डोर, जमीन पर किसी को नहीं दिखता चीनी मांझा
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शम्भू दास गेट स्थित एक दुकान पर बंसत पंचमी पर्व को लेकर खादी के दागे से तैयार मांझे की खरीदारी
वसंत पंचमी के पर्व से ठीक पहले शहर में पुलिस के दावे और हकीकत आमने-सामने हैं। पुलिस शहर भर में दुकानों और गोदामों पर लगातार छापे मार रही है। हैरानी की बात है कि पुलिस को कहीं भी प्रतिबंधित चीनी मांझा नहीं मिल रहा, जबकि इसी मांझे से एक युवक की जान पर बन आई है।
दरअसल, मंगलवार को कंकरखेड़ा के पटेलपुरी निवासी मनोज जब दिल्ली रोड से गुजर रहे थे, तो चीनी मांझे की चपेट में आने से उनकी गर्दन बुरी तरह कट गई। मनोज को 12 टांके लगे हैं और हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना गवाह है कि हाईकोर्ट की सख्ती और पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद चीनी मांझा चोरी-छिपे धड़ल्ले से बिक रहा है और पतंगबाजी में इस्तेमाल हो रहा है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि मांझा बेचने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।
महंगाई की मार, गली-मोहल्लों में सिमटा बाजार
शहर का ऐतिहासिक खैरनगर पतंग बाजार अब सिमट चुका है। यहां अब गिनी-चुनी दुकानें बची हैं। इसके उलट गोला कुंआ, तीरगरान, लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी और कंकरखेड़ा की गलियों में दुकानें सज गई हैं। पतंगबाजी पर महंगाई का भी असर है। 4 रुपये वाली पतंग अब 7 रुपये की हो गई है। बाजार से इस बार मोटू-पतलू, छोटा भीम और मोदी-योगी की तस्वीरों वाली फैंसी पतंगें नदारद हैं, जिससे शौकीनों में पहले जैसा क्रेज नहीं दिख रहा।
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पिछले एक साल में चीनी मांझे से हुए हादसे
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6 जनवरी 2025: पीवीएस रोड के पास 21 वर्षीय सुहेल की चीनी मांझे से गला कटने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। उसके पीछे बैठे दोस्त नवाजिश की भी नाक कट गई थी।
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जनवरी 2025: 2 साल की मासूम बच्ची इशरा, मांझे की चपेट में आ गई। उसे बचाने के लिए डॉक्टरों को 35-36 टांके लगाने पड़े थे। इसी महीने एक अन्य घटना में होमगार्ड आशिक अली का चेहरा भी मांझे से कट गया था।
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17 फरवरी 2025: शास्त्रीनगर में साजिद (32) चीनी मांझे से घायल हो गए थे। उन्हें 16 टांके लगाने पड़े थे।
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मार्च 2025: जाकिर कॉलोनी में हापुड़ रोड पर बाइक पर जाते समय युनूस की गर्दन पर चीनी मांझे से गंभीर घाव हुआ था। उन्हें 35 टांके आए थे।
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18 दिसंबर 2025: सदर बाजार में बालाजी मंदिर के पास बाइक सवार तनुज की गर्दन और चेहरे पर चीनी मांझा लिपट गया था। उन्हें 17 टांके लगाने पड़े थे।
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21 जनवरी 2026 : दिल्ली रोड पर जगदीश मंडप के पास कंकरखेड़ा निवासी मनोज का गला चीनी मांझे से कट गया था। उन्हें 12 टांके लगाने पड़े थे। नस कटने से बच गई थी।
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दरअसल, मंगलवार को कंकरखेड़ा के पटेलपुरी निवासी मनोज जब दिल्ली रोड से गुजर रहे थे, तो चीनी मांझे की चपेट में आने से उनकी गर्दन बुरी तरह कट गई। मनोज को 12 टांके लगे हैं और हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना गवाह है कि हाईकोर्ट की सख्ती और पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद चीनी मांझा चोरी-छिपे धड़ल्ले से बिक रहा है और पतंगबाजी में इस्तेमाल हो रहा है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि मांझा बेचने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।
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महंगाई की मार, गली-मोहल्लों में सिमटा बाजार
शहर का ऐतिहासिक खैरनगर पतंग बाजार अब सिमट चुका है। यहां अब गिनी-चुनी दुकानें बची हैं। इसके उलट गोला कुंआ, तीरगरान, लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी और कंकरखेड़ा की गलियों में दुकानें सज गई हैं। पतंगबाजी पर महंगाई का भी असर है। 4 रुपये वाली पतंग अब 7 रुपये की हो गई है। बाजार से इस बार मोटू-पतलू, छोटा भीम और मोदी-योगी की तस्वीरों वाली फैंसी पतंगें नदारद हैं, जिससे शौकीनों में पहले जैसा क्रेज नहीं दिख रहा।
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पिछले एक साल में चीनी मांझे से हुए हादसे
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6 जनवरी 2025: पीवीएस रोड के पास 21 वर्षीय सुहेल की चीनी मांझे से गला कटने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। उसके पीछे बैठे दोस्त नवाजिश की भी नाक कट गई थी।
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जनवरी 2025: 2 साल की मासूम बच्ची इशरा, मांझे की चपेट में आ गई। उसे बचाने के लिए डॉक्टरों को 35-36 टांके लगाने पड़े थे। इसी महीने एक अन्य घटना में होमगार्ड आशिक अली का चेहरा भी मांझे से कट गया था।
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17 फरवरी 2025: शास्त्रीनगर में साजिद (32) चीनी मांझे से घायल हो गए थे। उन्हें 16 टांके लगाने पड़े थे।
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मार्च 2025: जाकिर कॉलोनी में हापुड़ रोड पर बाइक पर जाते समय युनूस की गर्दन पर चीनी मांझे से गंभीर घाव हुआ था। उन्हें 35 टांके आए थे।
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18 दिसंबर 2025: सदर बाजार में बालाजी मंदिर के पास बाइक सवार तनुज की गर्दन और चेहरे पर चीनी मांझा लिपट गया था। उन्हें 17 टांके लगाने पड़े थे।
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21 जनवरी 2026 : दिल्ली रोड पर जगदीश मंडप के पास कंकरखेड़ा निवासी मनोज का गला चीनी मांझे से कट गया था। उन्हें 12 टांके लगाने पड़े थे। नस कटने से बच गई थी।