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घोटाले में सहकारी निर्माण एजेंसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक गिरफ्तार
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घोटाले में सहकारी निर्माण एजेंसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक गिरफ्तार
बिजनौर/ मेरठ। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन मेरठ की टीम ने बिजनौर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के निर्माण में हुए घोटाले में उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी निर्माण एवं विकास लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक विनोद कुमार सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रविवार को बिजनौर में विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
वर्ष 2010 में बिजनौर में 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के निर्माण का जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी निर्माण एवं विकास लिमिटेड को दिया गया था। विनोद कुमार सिंह ने धर्मेंद्र सिंह निवासी बजरंगपुर बांदा को परियोजना प्रबंधक दर्शाकर फर्म बनाई थी और यह फर्म अधूरा निर्माण छोड़कर चली गई थी। वर्ष 2012 में कोतवाली बिजनौर में 2012 में तत्कालीन बीएसए वरुण कुमार, जिला समन्वयक निर्माण सलीम बेग सहित कई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 2014 में इसकी जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन मेरठ को सौंपी गई। तीन करोड़ तीन लाख 91 हजार रुपये का गबन किया था। गत 28 सितंबर को इसी मामले में धर्मेंद्र सिंह को बांदा से गिरफ्तार किया गया था।
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बिजनौर/ मेरठ। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन मेरठ की टीम ने बिजनौर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के निर्माण में हुए घोटाले में उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी निर्माण एवं विकास लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक विनोद कुमार सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रविवार को बिजनौर में विशेष कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
वर्ष 2010 में बिजनौर में 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के निर्माण का जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी निर्माण एवं विकास लिमिटेड को दिया गया था। विनोद कुमार सिंह ने धर्मेंद्र सिंह निवासी बजरंगपुर बांदा को परियोजना प्रबंधक दर्शाकर फर्म बनाई थी और यह फर्म अधूरा निर्माण छोड़कर चली गई थी। वर्ष 2012 में कोतवाली बिजनौर में 2012 में तत्कालीन बीएसए वरुण कुमार, जिला समन्वयक निर्माण सलीम बेग सहित कई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 2014 में इसकी जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन मेरठ को सौंपी गई। तीन करोड़ तीन लाख 91 हजार रुपये का गबन किया था। गत 28 सितंबर को इसी मामले में धर्मेंद्र सिंह को बांदा से गिरफ्तार किया गया था।
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