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Meerut News: आज के कार्यक्रम की खबर... छात्राओं को बताई पाठ्यक्रम की गुणवत्ता
Mon, 03 Nov 2025 08:10 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 03 Nov 2025 08:10 PM IST
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आरजीपीजी कॉलेज में राष्ट्रीय ऑनलाइन रिफ्रेशर कोर्स पर चर्चा की गई।
आरजी पीजी कॉलेज में कार्यशाला का हुआ आयोजन
मेरठ। आरजी पीजी कॉलेज में सोमवार को टीचर ट्रेनिंग सेंटर में राष्ट्रीय ऑनलाइन रिफ्रेशर कोर्स के चौथे दिन के सत्र में परिणाम आधारित शिक्षण और पाठ योजना निर्माण के व्यावहारिक आयामों पर चर्चा की गई।
पहले सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पाठ्यक्रम की गुणवत्ता ज्यादातर परिणामों की स्पष्ट परिभाषा पर निर्भर करती है। उन्होंने परिणाम आधारित शिक्षा को उच्च शिक्षा का भविष्य बताया। दूसरे सत्र में मुंबई विश्वविद्यालय के सहायक प्रो. कलयोसिस एडवर्ड ने पाठ्यक्रम परिणामों और कार्यक्रम परिणामों के मैपिंग की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि मैपिंग शिक्षण संस्थान को व्यापक उद्देश्यों से जोड़ती है। तीसरे सत्र में गुरु अंगद देव-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक प्रो. विमल रार ने पाठ योजना और लघु शिक्षण प्रस्तुति पर चर्चा की।चौथे सत्र में लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. सरिता पासी ने प्रतिभागियों को पाठ योजना और लघु शिक्षण प्रस्तुति तैयार करने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि शिक्षण संवाद और रचनात्मकता को जन्म देता है। कोर्स संचालन में डॉ. गरिमा मलिक, डॉ. बबीता माजी, डॉ. उपासना मोटला, डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. ममता और स्वाती मिश्रा रहीं।
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मेरठ। आरजी पीजी कॉलेज में सोमवार को टीचर ट्रेनिंग सेंटर में राष्ट्रीय ऑनलाइन रिफ्रेशर कोर्स के चौथे दिन के सत्र में परिणाम आधारित शिक्षण और पाठ योजना निर्माण के व्यावहारिक आयामों पर चर्चा की गई।
पहले सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि पाठ्यक्रम की गुणवत्ता ज्यादातर परिणामों की स्पष्ट परिभाषा पर निर्भर करती है। उन्होंने परिणाम आधारित शिक्षा को उच्च शिक्षा का भविष्य बताया। दूसरे सत्र में मुंबई विश्वविद्यालय के सहायक प्रो. कलयोसिस एडवर्ड ने पाठ्यक्रम परिणामों और कार्यक्रम परिणामों के मैपिंग की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि मैपिंग शिक्षण संस्थान को व्यापक उद्देश्यों से जोड़ती है। तीसरे सत्र में गुरु अंगद देव-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक प्रो. विमल रार ने पाठ योजना और लघु शिक्षण प्रस्तुति पर चर्चा की।चौथे सत्र में लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. सरिता पासी ने प्रतिभागियों को पाठ योजना और लघु शिक्षण प्रस्तुति तैयार करने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि शिक्षण संवाद और रचनात्मकता को जन्म देता है। कोर्स संचालन में डॉ. गरिमा मलिक, डॉ. बबीता माजी, डॉ. उपासना मोटला, डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. ममता और स्वाती मिश्रा रहीं।
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