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Meerut News: शांतिनाथ विधान में विश्व शांति की कामना
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प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में चल रहे शांतिनाथ विधान के 34वें दिन130 परिवारों ने किया पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। तीर्थ क्षेत्र श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के त्रिमूर्ति जिनालय में चल रहे 40 दिवसीय शांतिनाथ विधान के 34वें दिन 130 परिवारों ने विधान कराया। मुनि 108 भाव भूषण महाराज ने शांतिधारा के महामंत्रों का वाचन करते हुए विश्व शांति की कामना की। प्रवचन में उन्होंने कहा कि दिगंबर मुनिराज समस्त परिग्रहों का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर चलते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण, दिग्वंदन, पात्र शुद्धि, भूमि शुद्धि और सकलीकरण की क्रियाओं के साथ जिनेंद्र भगवान के अभिषेक से हुई। इसके बाद शांतिधारा संपन्न कराई गई। शांतिधारा का सौभाग्य निर्मल कुमार जैन, राहुल जैन, निकिता जैन, नेहा जैन, निखिल, कोमल, समनवी, प्रशांत एवं छाबड़ा परिवार को प्राप्त हुआ। तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सदस्य एवं विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने श्रद्धालुओं का मंगल तिलक और माल्यार्पण कर स्वागत किया।
कार्यक्रम के संचालन में तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन, अनिल जैन, विनय कुमार जैन, संजय जैन, उमेश जैन, अतुल जैन तथा महाप्रबंधक मुकेश जैन सहित अन्य पदाधिकारियों का सहयोग रहा।
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प्रतियोगिताओं के विजेता पुरस्कृत
विधानाचार्य पं. आशीष जैन शास्त्री ने मंत्रोच्चार के साथ विधान की समस्त क्रियाएं संपन्न कराईं। पं. आशीष जैन शास्त्री और दिलीप जैन शास्त्री ने शाम को प्रवचन दिए। शाम को संगीतमय महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। धार्मिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सुमत प्रकाश जैन, विमला जैन एवं गुरुकुल की ओर से सम्मानित किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। तीर्थ क्षेत्र श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के त्रिमूर्ति जिनालय में चल रहे 40 दिवसीय शांतिनाथ विधान के 34वें दिन 130 परिवारों ने विधान कराया। मुनि 108 भाव भूषण महाराज ने शांतिधारा के महामंत्रों का वाचन करते हुए विश्व शांति की कामना की। प्रवचन में उन्होंने कहा कि दिगंबर मुनिराज समस्त परिग्रहों का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर चलते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण, दिग्वंदन, पात्र शुद्धि, भूमि शुद्धि और सकलीकरण की क्रियाओं के साथ जिनेंद्र भगवान के अभिषेक से हुई। इसके बाद शांतिधारा संपन्न कराई गई। शांतिधारा का सौभाग्य निर्मल कुमार जैन, राहुल जैन, निकिता जैन, नेहा जैन, निखिल, कोमल, समनवी, प्रशांत एवं छाबड़ा परिवार को प्राप्त हुआ। तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सदस्य एवं विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने श्रद्धालुओं का मंगल तिलक और माल्यार्पण कर स्वागत किया।
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कार्यक्रम के संचालन में तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन, अनिल जैन, विनय कुमार जैन, संजय जैन, उमेश जैन, अतुल जैन तथा महाप्रबंधक मुकेश जैन सहित अन्य पदाधिकारियों का सहयोग रहा।
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प्रतियोगिताओं के विजेता पुरस्कृत
विधानाचार्य पं. आशीष जैन शास्त्री ने मंत्रोच्चार के साथ विधान की समस्त क्रियाएं संपन्न कराईं। पं. आशीष जैन शास्त्री और दिलीप जैन शास्त्री ने शाम को प्रवचन दिए। शाम को संगीतमय महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। धार्मिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सुमत प्रकाश जैन, विमला जैन एवं गुरुकुल की ओर से सम्मानित किया गया।

प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद