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पीएचडी की कांउसलिंग से पिछड़ रहा कृषि विवि का सत्र
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मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नए सत्र में पीएचडी की काउंसिलिंग के चलते सत्र पिछड़ गया है। कोरोना महामारी के चलते प्रक्रिया पूरी नहीं होने से पीएचडी की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। अब नए छात्र-छात्राओं को 28 दिसंबर को विश्वविद्यालय में बुलाया है।
महामारी के चलते प्रदेश के चारों कृषि विश्वविद्यालय की संयुक्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी प्रवेश परीक्षा विंलब से हुई। इसके बाद सत्र पिछड़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय में पीएचडी की 105 सीटें हैं। जिनमें से आईसीएआर की 16 सीट हैं। इनमें से आठ सीट भर गई हैं। सबसे ज्यादा 48 सीटें एग्रीकल्चर कॉलेज की हैं। पीएचडी की अभी प्रथम काउंसिलिंग चल रही है। सीटों के आंवटन का परिणाम बुधवार को आएगा। इनके लिए छात्र-छात्राओं को 28 दिसंबर को बुलाया है। कांउसिलिंग की प्रक्रिया 10 दिसंबर से शुरू हुई और 14 तक पंजीकरण हुए। 15 दिसंबर तक डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन हुआ। 28 के बाद खाली सीटों के लिए फिर से ऑफलाइन काउंसिलिंग होगी। इस बार सत्र लेट होने से पीएचडी की पढ़ाई शुरू नहीं हुई है।
काउंसिलिंग की अंतिम तिथि रहती थी आठ अगस्त
कृषि विश्वविद्यालय में पूर्व में आठ अगस्त तक अंतिम तिथि रहती थी। तभी तक काउंसिलिंग पूरी करके सत्र शुरू कर दिया जाता है। इस बार काउंसिलिंग पांच महीने विलंब से चल रही है। जिससे पढ़ाई जनवरी में ही शुरू होगी। इससे एक सेमिस्टर प्रभावित हो रहा है।
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ये है सीटों का विवरण
कॉलेज ऑफ एग्रीकलचर 48
कॉलेज ऑफ हॉर्टीकल्चर 12
कॉलेज ऑफ बायोटेक 8
कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी 4
कॉलेज ऑफ वेटनरी 17
आईसीएआर 16
वर्जन
पीएचडी की काउंसिलिंग चल रही है। खाली सीटों के लिए 28 दिसंबर के बाद फिर से ऑफलाइन काउंसिलिंग होगी। कोराना के चलते काउंसिलिंग प्रक्रिया बहुत पिछड़ गई है। जिससे सत्र लेट हुआ है।-डॉ. बीआर सिंह, रजिस्ट्रार, कृषि विश्वविद्यालय
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महामारी के चलते प्रदेश के चारों कृषि विश्वविद्यालय की संयुक्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी प्रवेश परीक्षा विंलब से हुई। इसके बाद सत्र पिछड़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय में पीएचडी की 105 सीटें हैं। जिनमें से आईसीएआर की 16 सीट हैं। इनमें से आठ सीट भर गई हैं। सबसे ज्यादा 48 सीटें एग्रीकल्चर कॉलेज की हैं। पीएचडी की अभी प्रथम काउंसिलिंग चल रही है। सीटों के आंवटन का परिणाम बुधवार को आएगा। इनके लिए छात्र-छात्राओं को 28 दिसंबर को बुलाया है। कांउसिलिंग की प्रक्रिया 10 दिसंबर से शुरू हुई और 14 तक पंजीकरण हुए। 15 दिसंबर तक डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन हुआ। 28 के बाद खाली सीटों के लिए फिर से ऑफलाइन काउंसिलिंग होगी। इस बार सत्र लेट होने से पीएचडी की पढ़ाई शुरू नहीं हुई है।
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काउंसिलिंग की अंतिम तिथि रहती थी आठ अगस्त
कृषि विश्वविद्यालय में पूर्व में आठ अगस्त तक अंतिम तिथि रहती थी। तभी तक काउंसिलिंग पूरी करके सत्र शुरू कर दिया जाता है। इस बार काउंसिलिंग पांच महीने विलंब से चल रही है। जिससे पढ़ाई जनवरी में ही शुरू होगी। इससे एक सेमिस्टर प्रभावित हो रहा है।
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ये है सीटों का विवरण
कॉलेज ऑफ एग्रीकलचर 48
कॉलेज ऑफ हॉर्टीकल्चर 12
कॉलेज ऑफ बायोटेक 8
कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी 4
कॉलेज ऑफ वेटनरी 17
आईसीएआर 16
वर्जन
पीएचडी की काउंसिलिंग चल रही है। खाली सीटों के लिए 28 दिसंबर के बाद फिर से ऑफलाइन काउंसिलिंग होगी। कोराना के चलते काउंसिलिंग प्रक्रिया बहुत पिछड़ गई है। जिससे सत्र लेट हुआ है।-डॉ. बीआर सिंह, रजिस्ट्रार, कृषि विश्वविद्यालय