फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The Secret Of Lakshagrah Will Open, start excavation of mahabharata house

अब उठेगा पांडवों के 'लाक्षागृह' के सबसे बड़े राज से पर्दा, खुदाई शुरू

Thu, 11 Jan 2018 01:51 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत Updated Thu, 11 Jan 2018 01:51 PM IST
विज्ञापन
The Secret Of Lakshagrah Will Open, start excavation of mahabharata house
बरनावा लाक्षागृह - फोटो : अमर उजाला

महाभारत कालीन बताए जाने वाले लाखा मंडप टीले के निकट हिंडन नदी के किनारे उत्खनन कार्य का उत्खनन शाखा द्वितीय पुराना किला की अधीक्षक पुरातत्वविद डॉ. अरविन मंजुल और पुरातत्व संस्थान के निदेशक डॉ. एसके मंजुल ने विधिवत उद्घाटन किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और इस क्षेत्र के एतिहासिक महत्व को जानने के लिए बरनावा में उत्खनन कार्य महत्वपूर्ण साबित होगा।

विज्ञापन


केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने बरनावा में उत्खनन की मंजूरी दी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उत्खनन शाखा द्वितीय और भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला की संयुक्त टीम उत्खनन करेगी। बुधवार को उत्खनन की प्रक्रिया जानने के लिए दिनभर आसपास के ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। दोपहर बाद पुरातत्व संस्थान के निदेशक डॉ. एसके मंजुल और उत्खनन शाखा द्वितीय पुराना किला की अधीक्षक पुरातत्वविद डॉ. अरविन मंजुल ने नारियल फोड़कर शुभारंभ किया। खुदाई में काम आने वाले यंत्रों की पूजा की गई। इंस्टीट्यूट ऑफ आर्कियोलॉजी के छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। इससे पहले जिस जगह का उत्खनन होना है, दिनभर मजदूरों ने उसकी सफाई की। इस दौरान शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक अमित राय जैन, एमएम कॉलेज मोदीनगर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केके शर्मा, सपा नेता ओमवीर तोमर, डॉ. आरके भटनागर, डॉ. आरके शर्मा, आरके गुप्ता, अशोक गोयल, सतीश जैन, अनुपमा भटनागर, सरला गोयल, अलका गांधी, मधु गुप्ता, बरनावा के प्रधान जरीफ कुरैशी, अहसान कुरैशी, धनपाल बैसला, सचिन त्यागी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध
हिंडन किनारे जिस जगह को उत्खनन के लिए चुना गया है, वहां पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिस भूतल का चयन किया गया है, उसके चारों तरफ तार बंदी कर दी गई है। पुरातत्व विभाग के कर्मचारी भी यहां तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें : लाक्षागृह की खोज के लिए जल्द शुरू होगी खुदाई, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

इतिहास जानने पहुंच रहे ग्रामीण

The Secret Of Lakshagrah Will Open, start excavation of mahabharata house
बरनावा लाक्षागृह

उत्खनन के प्रति जिज्ञासा को लेकर आसपास के गांव के ग्रामीण भी यहां पहुंचने शुरू हो गए हैं। लाखा मंडल एकाएक आकर्षण का केंद्र बन गया है। जिस जगह लाखा मंडप और प्राचीन गुफा है, उससे कुछ ही दूरी के स्थान को उत्खनन के लिए चुना गया है। आसपास के गांव के ग्रामीण दिनभर बरनावा में जमा रहे।

क्या है लाखा मंडप के टीले का सच
लाखा मंडल को महाभारत सर्किट में शामिल किया। साल 2005-06 में बरनावा टीले पर विकास कार्य भी कराए, लेकिन इसे बरकरार नहीं रखा। बरनावा में जो टीला है, उसे लेकर भी लंबे समय से विवाद है।

टीले पर मौजूद गुंबज का अलग-अलग ऐतिहासिक महत्व बताकर अपना-अपना हक जताते हैं। इससे कुछ ही दूरी पर गुफा मौजूद है, इसके विषय में कहा जाता है कि इन गुफाओं से होकर ही पांडव यहां से सुरक्षित निकाले गए थे। टीला खंडहर में तब्दील हो गया है। हिंडन किनारे इस टीले और गुफा के निकट शुरू होने वाली खुदाई से क्या इतिहास की परतें खुलेंगी यह तो आने वाले समय में ही पता चल सकेगा। इतिहासकार डॉ. केके शर्मा कहते हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए खुदाई महत्वपूर्ण है।

संस्कृति के विषय में जानने का अवसर मिलेगा। उम्मीद है कि यहां पुरातन संस्कृति का पता चलेगा। इस क्षेत्र में जिस तरह चित्रित धूसर मृदभांड मिलते रहे हैं, उससे इस पूरे क्षेत्र में महाभारत कालीन संस्कृति की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक अमित राज जैन कहते हैं कि बरनावा में उत्खनन को लेकर पिछले करीब 50 साल से प्रयास चल रहे हैं। अलग-अलग लोगों ने प्रयास किए, इसके बाद अब मंजूरी मिली है। इसका लाभ मिलेगा।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed