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समिति पर सुपरवाइजर कटा रहा किसानों को चक्कर
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समिति पर सुपरवाइजर कटा रहा किसानों को चक्कर
रोहटा। सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना में समस्याओं को लेकर किसान कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। किसान गन्ना उपज बढ़ोत्तरी को लेकर समिति की रसीद कटाने और संशोधन को लेकर सुपरवाइजर के इंतजार में रहते हैं।
इस बार किसान सीजन शुरू होने के बाद अपने बांड में किसी तरह का परिवर्तन नहीं करा पाएंगे। किसान सर्वे प्रदर्शन के दौरान ही अपने बांड में परिवर्तन करा सकते हैं। अब किसानों को गन्ना पर्ची मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिये भी भेजी जाएंगी। शासन ने किसानों की गन्ना आपूर्ति, रकबे, बैंक खाते आदि का एक ही पोर्टल बना लिया है। इस पोर्टल पर स्थानीय स्तर से कोई भी संशोधन संभव नहीं है। किसी प्रकार की समस्या होने पर किसान उसे इसी समय ठीक करा सकते हैं। अगर किसानों ने अब संशोधन नहीं कराया तो पेराई सत्र 2019-20 में किसी तरह का कोई संशोधन नहीं हो पाएगा। समिति के गांव चिंदौड़ी, रामपुर मोती, रासना, मिर्जापुर, दमगढ़ी, डालमपुर, आलमगीरपुर के किसान संशोधन को लेकर सुपरवाइजर के चक्कर काट रहे हैं। किसान संसार सिंह, बाबू, अफसार, सतीश कुमार, संजय कुमार, सलीम खान आदि का कहना है कि गन्ना सुपरवाइजर किसानों के संशोधन नहीं कर रहे है। वहीं, उपज बढ़ोतरी की रसीद को लेकर किसानों को समिति के चक्कर काटने पड़ रहे है। लेकिन सुपरवाइजर किसानों की समस्या को गंभीरता से लेने का तैयार नहीं है। मामले को लेकर किसानों ने सुपरवाइज की शिकायत डीएम से करने की बात कही है। उधर, इस संबंध में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अफसार हुसैन के मुताबिक किसानों को जल्द प्री कैलेंडर वितरित किए जाएंगे। जिसके बाद गन्ना रकबे संबंधित संशोधन किए जाएंगे। किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक कार्य दिवस में उपज बढ़ोत्तरी की रसीद समिति कार्यालय में काटी जा रही है। किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए निस्तारण कराया जाएगा।
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रोहटा। सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना में समस्याओं को लेकर किसान कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। किसान गन्ना उपज बढ़ोत्तरी को लेकर समिति की रसीद कटाने और संशोधन को लेकर सुपरवाइजर के इंतजार में रहते हैं।
इस बार किसान सीजन शुरू होने के बाद अपने बांड में किसी तरह का परिवर्तन नहीं करा पाएंगे। किसान सर्वे प्रदर्शन के दौरान ही अपने बांड में परिवर्तन करा सकते हैं। अब किसानों को गन्ना पर्ची मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिये भी भेजी जाएंगी। शासन ने किसानों की गन्ना आपूर्ति, रकबे, बैंक खाते आदि का एक ही पोर्टल बना लिया है। इस पोर्टल पर स्थानीय स्तर से कोई भी संशोधन संभव नहीं है। किसी प्रकार की समस्या होने पर किसान उसे इसी समय ठीक करा सकते हैं। अगर किसानों ने अब संशोधन नहीं कराया तो पेराई सत्र 2019-20 में किसी तरह का कोई संशोधन नहीं हो पाएगा। समिति के गांव चिंदौड़ी, रामपुर मोती, रासना, मिर्जापुर, दमगढ़ी, डालमपुर, आलमगीरपुर के किसान संशोधन को लेकर सुपरवाइजर के चक्कर काट रहे हैं। किसान संसार सिंह, बाबू, अफसार, सतीश कुमार, संजय कुमार, सलीम खान आदि का कहना है कि गन्ना सुपरवाइजर किसानों के संशोधन नहीं कर रहे है। वहीं, उपज बढ़ोतरी की रसीद को लेकर किसानों को समिति के चक्कर काटने पड़ रहे है। लेकिन सुपरवाइजर किसानों की समस्या को गंभीरता से लेने का तैयार नहीं है। मामले को लेकर किसानों ने सुपरवाइज की शिकायत डीएम से करने की बात कही है। उधर, इस संबंध में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अफसार हुसैन के मुताबिक किसानों को जल्द प्री कैलेंडर वितरित किए जाएंगे। जिसके बाद गन्ना रकबे संबंधित संशोधन किए जाएंगे। किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक कार्य दिवस में उपज बढ़ोत्तरी की रसीद समिति कार्यालय में काटी जा रही है। किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए निस्तारण कराया जाएगा।
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