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Meerut News: तिरंगे से साकार हुआ विकसित भारत का संकल्प
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सुभारती में विकसित भारत के लिए एक रचनात्मक सामूहिक सहभागिता का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से जनरल मोहन सिंह मैदान में ‘सेवा रंग अभियान–विकसित भारत के लिए एक रचनात्मक सामूहिक सहभागिता’ का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न संकायों के 300 प्रतिभागियों ने भाग लेकर राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 108 मीटर व्यास वाले विशाल ‘भारत मंडल’ का निर्माण और भव्य मानव रंगोली रही। तिरंगे के रंगों से सजे भारत मंडल ने देश की सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय अखंडता और साझा पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें संवेदनशील, अनुशासित, जिम्मेदार और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है।
कुलसचिव ग्रुप कैप्टन एम. याकूब एम-इन-डी ने कहा कि जब विभिन्न विभागों, संकायों और कर्मचारियों के सदस्य एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो उनकी सहभागिता आयोजन को सफल बनाती है।
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शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू अधिकारी कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सहभागिता, अनुशासन और टीम भावना का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं। शिक्षा संकाय डीन प्रो. पिंटू मिश्रा ने भी विचार रखें। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह हमारे व्यवहार, कर्तव्यों और समाज के प्रति किए जाने वाले कार्यों में भी दिखाई देनी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से जनरल मोहन सिंह मैदान में ‘सेवा रंग अभियान–विकसित भारत के लिए एक रचनात्मक सामूहिक सहभागिता’ का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न संकायों के 300 प्रतिभागियों ने भाग लेकर राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 108 मीटर व्यास वाले विशाल ‘भारत मंडल’ का निर्माण और भव्य मानव रंगोली रही। तिरंगे के रंगों से सजे भारत मंडल ने देश की सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय अखंडता और साझा पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें संवेदनशील, अनुशासित, जिम्मेदार और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है।
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कुलसचिव ग्रुप कैप्टन एम. याकूब एम-इन-डी ने कहा कि जब विभिन्न विभागों, संकायों और कर्मचारियों के सदस्य एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो उनकी सहभागिता आयोजन को सफल बनाती है।
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शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू अधिकारी कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सहभागिता, अनुशासन और टीम भावना का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं। शिक्षा संकाय डीन प्रो. पिंटू मिश्रा ने भी विचार रखें। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह हमारे व्यवहार, कर्तव्यों और समाज के प्रति किए जाने वाले कार्यों में भी दिखाई देनी चाहिए।