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स्पष्ट नहीं हो सकी जमीला की मौत की वजह
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स्पष्ट नहीं हो सकी जमीला की मौत की वजह
खरखौदा। करीब साढ़े तीन माह पहले गांव पीलपीखेड़ा में एक महिला छत से संदिग्ध परिस्थितियों में गिर गई थी। उसकी उपचार के दौरान बाद में मौत हो गई थी। जिसमें परिजनों ने पड़ोसियों पर हत्या करने का आरोप लगाया था। इसके बाद एसएसपी के आदेश पर हत्या का मामला दर्ज कराया था। जिसमें बीती 23 सितंबर को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में महिला के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। हालांकि रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
गांव पीपलीखेड़ा में बीती पांच जून की रात जमीला (45) पत्नी अमीन खां मकान की छत पर सोने के लिए गई थी। उसका पड़ोसी इकरामुद्दीन, इरफान व अशफाक पुत्रगण अलीम तथा फईम पुत्र नुरु निवासी चंदावली बुलंदशहर आदि से कहासुनी हो गई थी। इसी दौरान जमीला छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे परिजनों ने मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उपचार के दौरान 14 जून को उसकी मौत हो गई थी। आरोप था कि पुलिस ने जबरन मृतक पक्ष पर दबाव बनाकर बिना पोस्टमार्टम कराए शव को सुपर्देखाक करा दिया था। घटना के करीब एक माह बाद मृतक पक्ष ने एसएसपी से हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग की थी। जिसमें खरखौदा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। वहीं, तीन माह बाद भी पुलिस ने जांच आगे नहीं बढ़ाई तथा मजिस्ट्रेट नहीं मिलने का बहाना बनाती रही। पीड़ित पक्ष ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की तो पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त तहसीलदार की मौजूदगी में 23 सितंबर को पीपलीखेड़ा के कब्रिस्तान से शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। हालांकि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। अब गवाहों के आधार पर ही जांच आगे बढ़ेगी।
शव पूरी तरह से नष्ट हो चुका था। जिससे पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।-मनीष बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक थाना खरखौदा
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खरखौदा। करीब साढ़े तीन माह पहले गांव पीलपीखेड़ा में एक महिला छत से संदिग्ध परिस्थितियों में गिर गई थी। उसकी उपचार के दौरान बाद में मौत हो गई थी। जिसमें परिजनों ने पड़ोसियों पर हत्या करने का आरोप लगाया था। इसके बाद एसएसपी के आदेश पर हत्या का मामला दर्ज कराया था। जिसमें बीती 23 सितंबर को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में महिला के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। हालांकि रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
गांव पीपलीखेड़ा में बीती पांच जून की रात जमीला (45) पत्नी अमीन खां मकान की छत पर सोने के लिए गई थी। उसका पड़ोसी इकरामुद्दीन, इरफान व अशफाक पुत्रगण अलीम तथा फईम पुत्र नुरु निवासी चंदावली बुलंदशहर आदि से कहासुनी हो गई थी। इसी दौरान जमीला छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे परिजनों ने मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उपचार के दौरान 14 जून को उसकी मौत हो गई थी। आरोप था कि पुलिस ने जबरन मृतक पक्ष पर दबाव बनाकर बिना पोस्टमार्टम कराए शव को सुपर्देखाक करा दिया था। घटना के करीब एक माह बाद मृतक पक्ष ने एसएसपी से हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग की थी। जिसमें खरखौदा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। वहीं, तीन माह बाद भी पुलिस ने जांच आगे नहीं बढ़ाई तथा मजिस्ट्रेट नहीं मिलने का बहाना बनाती रही। पीड़ित पक्ष ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की तो पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त तहसीलदार की मौजूदगी में 23 सितंबर को पीपलीखेड़ा के कब्रिस्तान से शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। हालांकि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। अब गवाहों के आधार पर ही जांच आगे बढ़ेगी।
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शव पूरी तरह से नष्ट हो चुका था। जिससे पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।-मनीष बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक थाना खरखौदा