यूपी: नहीं पहुंचे अधिकारी तो चढ़ा सभापति का पारा, जमकर लगाई फटकार, बैठक निरस्त
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सहारनपुर में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं की रोकथाम के लिए गठित विधान परिषदीय समिति की बैठक अधिकारियों के देरी से पहुंचने पर निरस्त हो गई। इस मामले को लेकर समिति के सभापति साहब सिंह सैनी का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और कार्रवाई कराने की बात कही। समिति के सदस्य और एक एमएलसी नाराज होकर वहां से चले गए।
साहब सिंह सैनी, बाराबंकी से एमएलसी राकेश यादव, मुरादाबाद से एमएलसी परवेज अली, इलाहाबाद से एमएलसी रामवृक्ष सिंह, शाहजहांपुर से एमएलसी अमित यादव और सुरेश त्रिपाठी सुबह दस बजे सर्किट हाउस पहुंच गए। सभापति के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए बैठक होनी थी। साढ़े दस बजे तक भी अधिकारी नहीं पहुंचे तो सभापति साहब सिंह सैनी का पारा चढ़ गया। वह सदस्यों के साथ उठकर मीटिंग हॉल से अपने कमरे में चले गए और वहां जाकर बैठक को निरस्त कर दिया। इसका पता चलते ही जिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट उनके कक्ष में पहुंचे, लेकिन सभापति ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने और समिति के सदस्यों का अपमान करने का आरोप लगाया। इसके पश्चात अन्य अधिकारी भी सर्किट हाउस पहुंचना शुरू हो गए, जिन्हें सभापति ने फटकार लगाई और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई कराने की चेतावनी दी। इसी बीच शाहजहांपुर से एमएलसी अमित यादव वहां से उठकर अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए। एमएलसी सुरेश त्रिपाठी भी वहां से चले गए और बैठक नहीं हो सकी।
पूरी विधान परिषद का अपमान : यादव
एमएलसी अमित यादव ने मीडिया कर्मियों से कहा कि समिति के विशेष अधिकारों का हनन हुआ है। यह पूरी विधान परिषद का अपमान है। प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ है। अधिकारी देर से पहुंचे, वह बैठक में शामिल नहीं होंगे। सभापति चाहें तो वह अधिकारियों के साथ बैठ कर सकते हैं।
कराई जाएगी कार्रवाई : सैनी
साहब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से बैठक निरस्त हुई है। विधान परिषद में मामला उठाकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट गंभीर मामला है। ऐसे मामले में अधिकारियों की उदासीनता निंदनीय और चिंताजनक है। प्रदेश सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
समिति की बैठक न होने के पीछे थोड़ा मिस कम्यूनिकेशन कारण रहा। कुछ अधिकारी अयोध्या मामले को लेकर सेक्टरों की ड्यूटी में लगे थे, जिस कारण आने में थोड़ा विलंब हो गया। समिति की अधिकारियों से किसी तरह की नाराजगी सामने नहीं आई। जल्द बैठक होगी। - आलोक कुमार पांडे, जिलाधिकारी
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