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Meerut News: मशीनें हैं, पर चालू नहीं, 10 साल से अल्ट्रासाउंड बंद, एक्सरे सेवा भी प्रभावित

Thu, 18 Jun 2026 07:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2026 07:48 PM IST
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The machines are there but not operational; ultrasound services have been suspended for 10 years, and X-ray services are also affected.
सरधना। सीएचसी सरधना में ओपीडी के इंतजार में बैठी महिला मरीज। संवाद
- संसाधनों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा सरधना सीएचसी, गर्भवती महिलाओं को अधिक परेशानी
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शाह आलम त्यागी
सरधना। सरधना क्षेत्र की 39 ग्राम पंचायतों और नगर पालिका की लाखों की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कई मूलभूत सुविधाओं और मानव संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी, प्रसव और ऑपरेशन जैसी सेवाएं संचालित होने के बावजूद अल्ट्रासाउंड, एक्सरे और लिफ्ट जैसी सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर पड़ रहा है।
सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप कुमार गौतम के नेतृत्व में चिकित्सकीय सेवाएं संचालित की जा रही हैं। यहां दो फिजिशियन, एक महिला चिकित्सक, एक संविदा महिला चिकित्सक, एक दंत चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट और चार स्टाफ नर्सें तैनात हैं। अस्पताल में 30 बेड का महिला विंग, ऑपरेशन थिएटर, प्रसव कक्ष और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ होने के कारण यहां सिजेरियन ऑपरेशन भी किए जाते हैं।
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10 साल से बंद है अल्ट्रासाउंड मशीन
वर्ष 2016 में अस्पताल को अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। लंबे समय तक उपयोग न होने के कारण मशीन खराब हो चुकी है और उसके आवश्यक पुर्जे भी उपलब्ध नहीं हैं। विडंबना यह है कि अस्पताल में तैनात डॉ. कपिल गर्ग अल्ट्रासाउंड संचालन के लिए प्रशिक्षित हैं, लेकिन मशीन चालू न होने से उनकी विशेषज्ञता का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप गर्भवती महिलाओं समेत अन्य मरीजों को निजी केंद्रों पर महंगी जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल की एक्सरे सेवा भी पिछले करीब छह माह से प्रभावित है। एक्सरे फिल्म उपलब्ध न होने से मरीजों को बाहर जांच करानी पड़ रही है। वहीं आउटसोर्सिंग के तहत पर्याप्त वार्ड बॉय और सहायक कर्मचारी उपलब्ध न होने से व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 300-400 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कस्बे व गांवों से आने वाली गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी भी यहीं कराई जाती है।
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लिफ्ट लगी, लेकिन चालू नहीं
महिला विंग के निर्माण के दौरान मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाई गई थी, लेकिन आज तक चालू नहीं हो सकी। बताया जाता है कि लिफ्ट लगाने वाली कंपनी द्वारा उसे विधिवत हैंडओवर नहीं किया गया। इसके चलते वर्षों से लिफ्ट बंद है। बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को ऊपरी मंजिल तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है। अस्पताल में तीन 108 एंबुलेंस और एक एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस उपलब्ध है, लेकिन जांच सुविधाओं और स्टाफ की कमी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है।
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मानकों से पीछे सरधना सीएचसी
भारतीय जन स्वास्थ्य मानक (आईपीएचएस) के अनुसार सीएचसी में फिजिशियन, सर्जन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ तथा बाल रोग विशेषज्ञ सहित चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए। सात से नौ स्टाफ नर्स, दो फार्मासिस्ट और पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों का प्रावधान है। लेकिन सरधना सीएचसी में कई पद खाली हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।


पद स्वीकृत वर्तमान तैनाती
विशेषज्ञ चिकित्सक 4 0
मेडिकल ऑफिसर 2 _
स्त्री रोग चिकित्सक 2 1
जनरल फिजिशयन 3 2
बाल रोग विशेषज्ञ 1 1
नेत्र रोग 1 1
हड्डी रोग 1 0
रेडियोलॉजिस्ट 1 0
स्टाफ नर्स 5 4
फार्मासिस्ट 2 1
दंत चिकित्सक 1 1
लैब टेक्नीशियन 1 -
वार्ड बॉय 5 1

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सरधना विधायक अतुल प्रधान का कहना है कि सीएचसी में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे जैसी सुविधाओं का सुचारु संचालन होना बेहद जरूरी है। यदि मशीनें खराब हैं या आवश्यक संसाधनों की कमी है तो संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
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प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप कुमार गौतम का कहना है कि अल्ट्रासाउंड मशीन वर्ष 2016 से अस्पताल में उपलब्ध है, लेकिन तकनीकी कारणों से संचालन शुरू नहीं हो सका। मशीन अब खराब स्थिति में है और उसके पुर्जे भी उपलब्ध नहीं हैं। एक्सरे सेवा भी फिल्म उपलब्ध न होने के कारण प्रभावित है। उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया है।

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बिना आधार के पर्ची के लिए भटकते हैं मरीज
सीएचसी पर बिना आधार कार्ड इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों को भटकना पड़ता है। मोहल्ला मंडी चमारान निवासी महिला उर्मिला ने बताया कि पथरी का दर्द होने पर वह बिना आधार कार्ड के अपने बेटे के साथ सीएचसी पहुंची। मगर काउंटर पर उसकी पर्ची नहीं बनाई। कई घंटे बाद उसे मोबाइल नंबर के तहत पर्ची दी गई।

सरधना। सीएचसी सरधना में ओपीडी के इंतजार में बैठी महिला मरीज। संवाद

सरधना। सीएचसी सरधना में ओपीडी के इंतजार में बैठी महिला मरीज। संवाद

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