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मन्नत से बदली मासूम की ज़िंदगी, मां की छठी कांवड़ यात्रा बनी आस्था की मिसाल
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सरधना। बच्चे के साथ कांवड़ लेकर जाती महिला शिवभक्त दीपशिखा। संवाद
सरधना। श्रावण मास में शिवरात्रि के जलाभिषेक का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे ही चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पूरी तरह शिवमय हो चुका है। शनिवार को दिनभर हरिद्वार से लौटते कांवड़ियों का सैलाब पटरी मार्ग पर उमड़ा रहा। दिल्ली और हरियाणा की ओर जा रहे शिवभक्त ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ आगे बढ़ते नजर आए।
कांवड़ पटरी के दोनों ओर बसे गांवों सलावा, अटेरना, मानपुरी, सरधना, बहादुरपुर, नानू, भलसोना आदि में ग्रामीणों ने कांवड़ियों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। जगह-जगह लगे शिविरों और भंडारों में शिवभक्तों को फलाहार व प्रसाद वितरित किया गया। नानू गंगनहर पुल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिला कांवड़ियों को सैनटरी पैड वितरित किए गए, साथ ही उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी गई।
मन्नत से बदली जिंदगी, कांवड़ यात्रा बनी आस्था का प्रमाण
सोनिया विहार निवासी दीप शिखा पत्नी वरुण अपने तीन साल के बेटे यश को लेकर हरिद्वार से गंगाजल लाने निकलीं। उन्होंने बताया कि यश जन्म से न बैठ पाता था, न बोल पाता और न ही सुन पाता था। भगवान शिव से मन्नत मांगी और धीरे-धीरे यश की हालत सुधरने लगी। अब वह बैठने, सुनने और बोलने भी लगा है। यह सविता की छठी कांवड़ यात्रा है, जो इस बार उनके लिए विशेष आस्था और भावनाओं से जुड़ी हुई है। भक्तों के पैरों में पड़े छाले भी उनकी आस्था को डिगा नहीं सके। भोलेनाथ के जयकारों के बीच भक्त नाचते-गाते मंजिल की ओर बढ़ते जा रहे हैं। कांवड़ यात्रा में झांकियों के माध्यम से भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों का भव्य प्रदर्शन किया जा रहा है।
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शिवभक्तों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जबरदस्त क्रेज नजर आया। कई कांवड़िये मोदी-योगी की तस्वीर वाली टीशर्ट पहने दिखे, जबकि कुछ झांकियों पर उनके मुखौटे भी लगाए गए थे।
रजबहा पटरी पर शिवभक्तों का आगमन शुरू
रोहटा। श्रावण मास की शिवरात्रि नजदीक आते ही रजबहा पटरी पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा तेजी से बढ़ने लगा है। अब तक राजस्थान, अलवर और हरियाणा से आए भोले कांवड़ मार्ग से लगातार कई दिनों से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। शनिवार सुबह से मेरठ, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद जैसे आस-पास के जिलों से हजारों शिवभक्तों का सलावा राइट माइनर मार्ग से आना शुरू हो गया है।
यह शिवभक्त पौराणिक पुरा महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। लाहौरगढ़ रजबहा व उसके आसपास दर्जनों कांवड़ शिविर स्थापित किए जा चुके हैं, जो पूरी तरह तैयार हैं और भोलेनाथ के भक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं।
लाहौरगढ़ रजबहा पर बना मिनी पुलिस कार्यालय
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लाहौरगढ़ रजबहे पर एक मिनी पुलिस कार्यालय भी स्थापित किया गया है। इसमें स्थानीय थाने के अलावा अन्य थानों से भी पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
गंगनहर कांवड़ मार्ग पर कम हुआ आवागमन
शनिवार शाम होते-होते गंगनहर कांवड़ मार्ग पर जल लेकर आने वाले शिवभक्तों की संख्या में कमी देखी गई। अधिकतर शिवभक्त जो अब इस मार्ग से गुजर रहे हैं, वह दिल्ली, नोएडा, गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद की ओर जा रहे हैं। अन्य राज्यों जैसे हरियाणा से आए भोले शुक्रवार देर रात तक ही अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं।
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कांवड़ पटरी के दोनों ओर बसे गांवों सलावा, अटेरना, मानपुरी, सरधना, बहादुरपुर, नानू, भलसोना आदि में ग्रामीणों ने कांवड़ियों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। जगह-जगह लगे शिविरों और भंडारों में शिवभक्तों को फलाहार व प्रसाद वितरित किया गया। नानू गंगनहर पुल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिला कांवड़ियों को सैनटरी पैड वितरित किए गए, साथ ही उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी गई।
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मन्नत से बदली जिंदगी, कांवड़ यात्रा बनी आस्था का प्रमाण
सोनिया विहार निवासी दीप शिखा पत्नी वरुण अपने तीन साल के बेटे यश को लेकर हरिद्वार से गंगाजल लाने निकलीं। उन्होंने बताया कि यश जन्म से न बैठ पाता था, न बोल पाता और न ही सुन पाता था। भगवान शिव से मन्नत मांगी और धीरे-धीरे यश की हालत सुधरने लगी। अब वह बैठने, सुनने और बोलने भी लगा है। यह सविता की छठी कांवड़ यात्रा है, जो इस बार उनके लिए विशेष आस्था और भावनाओं से जुड़ी हुई है। भक्तों के पैरों में पड़े छाले भी उनकी आस्था को डिगा नहीं सके। भोलेनाथ के जयकारों के बीच भक्त नाचते-गाते मंजिल की ओर बढ़ते जा रहे हैं। कांवड़ यात्रा में झांकियों के माध्यम से भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों का भव्य प्रदर्शन किया जा रहा है।
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शिवभक्तों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जबरदस्त क्रेज नजर आया। कई कांवड़िये मोदी-योगी की तस्वीर वाली टीशर्ट पहने दिखे, जबकि कुछ झांकियों पर उनके मुखौटे भी लगाए गए थे।
रजबहा पटरी पर शिवभक्तों का आगमन शुरू
रोहटा। श्रावण मास की शिवरात्रि नजदीक आते ही रजबहा पटरी पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा तेजी से बढ़ने लगा है। अब तक राजस्थान, अलवर और हरियाणा से आए भोले कांवड़ मार्ग से लगातार कई दिनों से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। शनिवार सुबह से मेरठ, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद जैसे आस-पास के जिलों से हजारों शिवभक्तों का सलावा राइट माइनर मार्ग से आना शुरू हो गया है।
यह शिवभक्त पौराणिक पुरा महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। लाहौरगढ़ रजबहा व उसके आसपास दर्जनों कांवड़ शिविर स्थापित किए जा चुके हैं, जो पूरी तरह तैयार हैं और भोलेनाथ के भक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं।
लाहौरगढ़ रजबहा पर बना मिनी पुलिस कार्यालय
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लाहौरगढ़ रजबहे पर एक मिनी पुलिस कार्यालय भी स्थापित किया गया है। इसमें स्थानीय थाने के अलावा अन्य थानों से भी पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
गंगनहर कांवड़ मार्ग पर कम हुआ आवागमन
शनिवार शाम होते-होते गंगनहर कांवड़ मार्ग पर जल लेकर आने वाले शिवभक्तों की संख्या में कमी देखी गई। अधिकतर शिवभक्त जो अब इस मार्ग से गुजर रहे हैं, वह दिल्ली, नोएडा, गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद की ओर जा रहे हैं। अन्य राज्यों जैसे हरियाणा से आए भोले शुक्रवार देर रात तक ही अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं।