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Meerut News: जिन हाथों ने खून बहाया, उन्हीं ने दी मुखाग्नि
Wed, 17 May 2023 02:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 17 May 2023 02:31 AM IST
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- दिनभर करता था नाटक, रात को अंतिम संस्कार के बाद पूछताछ में किया खुलासा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जिन हाथों से आर्यन ने अपने मां-बाप का खून बहाया, उन्हीं से मंगलवार को मुखाग्नि दी। दिनभर वह तबियत खराब करने का नाटक करता रहा। कभी बिलखता तो कभी खामोश हो जाता। उसे अपने किए पर रत्ती भर भी अफसोस नहीं था। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वह बुआ और दादी को ढांढस बंधाता रहा कि तुम ऐसे करोगे तो मेरा क्या होगा।
प्रमोद और ममता का 22 वर्षीय बेटा आर्यन मेरठ कॉलेज से बीएससी कंप्यूटर साइंस कर रहा है। आर्यन गुरुग्राम में कॉल सेंटर में जॉब कर रहा था। एक महीने पहले ही उसकी नई जॉब लगी थी। शनिवार को आर्यन मेरठ आया था। वो तब से यहीं पर था। रात को उसने बहन कनिष्का को फोन करके कहा कि वह गुरुग्राम आ रहा है। इसके बाद आर्यन स्कूटी से सुबह चार बजे गुरुग्राम पहुंचा। वह अपनी बहन के साथ ही रहता है, लेकिन सोमवार को उसने कहा कि वह दोस्त के साथ रुक रहा है।
ममता के स्कूल नहीं पहुंचने पर किया मेरठ फोन
ममता मंगलवार को स्कूल नहीं पहुंची तो स्कूल से स्टाफ ने उनको फोन किया। उनका फोन नहीं मिला तो बेटी कनिष्का के मोबाइल पर कॉल की। कनिष्का ने माता-पिता के मोबाइल पर फोन मिलाया तो कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उसने आर्यन से बात की। आर्यन ने पड़ोस में रहने वाले शिवम को फोन करके कहा कि उनके घर जाकर देखे कि कोई भी फोन नहीं उठा रहा है। शिवम इसके बाद घर पहुंचा तो घटना को जानकारी हुई।
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बहन के साथ पहुंचा मेरठ, शव देखकर उल्टी करने लगा
इसके बाद वह बहन कनिष्का के साथ कार से मेरठ पहुंचा। माता-पिता के शव देखकर वह उल्टी करने लगा। कहने लगा कि ये किसने कर दिया।
घर में मिले दो नए सर्जिकल ग्लव्ज
फोरेंसिक टीम ने तलाशी ली तो प्रमोद के पिता नरेंद्र के बेड के पास दो सर्जिकल ग्लव्ज रखे मिले। ये ग्लव्ज खोले नहीं गए। प्रमोद की बहन सीमा का कहना था कि ये ग्लव्ज हो सकता है कि कातिल ही लेकर आए हों। रात को पता चला कि उन्हें आर्यन ही लेकर आया था।
नशीला पदार्थ देने के बाद गहरा गया था शक
प्रमोद के पिता नरेंद्र कुमार एक प्राइवेट डॉक्टर के यहां क्लीनिक पर कंपाउंडर हैं। वह सुबह घूमने के लिए भी जाते हैं। ऐसे में रोज जल्दी उठ जाते हैं, लेकिन मंगलवार को वे उठ नहीं पाए। बदहवासी की हालत में रहे। प्रमोद की माता विनोद बाला भी समय से नहीं उठ पाई। ऐसे में पुलिस को लगा कि कहीं उनको कोई नशीला पदार्थ तो नहीं दिया गया। पुलिस ने घर में तलाशी ली, लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला। विनोद बाला ने बताया कि रात को खाना खाने के बाद वे दोनों सो गए थे, इसके बाद क्या हुआ, उनको कुछ नहीं मालूम। पुलिस का शक इसके बाद से ही आर्यन पर गहरा गया था कि कोई घर का ही खाने की चीज में नशीला पदार्थ मिला सकता है।
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दादी का जन्मदिन मनाना था, मम्मी-पापा को गिफ्ट करनी थी गाड़ी
- बेटी करती है गुरुग्राम में जॉब, बोली-मैं तो 25 मई को गाड़ी गिफ्ट करने वाली थी
- लोन लेकर बुक की गाड़ी, दिसंबर में मम्मी-पापा की होनी थी शादी की 25वीं सालगिरह
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। प्रमोद कर्णवाल और ममता की बेटी कनिष्का गुरुग्राम में जॉब करती है। कनिष्का को सुबह वारदात की जानकारी हुई तो वह भाई आर्यन के साथ मेरठ पहुंची। घर के बाहर भीड़ को देखते ही उसकी चीख निकल गई। उस समय ममता के शव को पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस में ले जाया जा रहा था। मां के शव को देखकर वह बेसुध हो गई।
कनिष्का ने बताया कि दिसंबर में मम्मी-पापा की शादी की 25वीं सालगिरह थी। इसलिए उसने दोनों के लिए गाड़ी बुक की थी। गाड़ी की डिलीवरी 25 मई को होने वाली थी। कनिष्का बिलखते हुए कहती रही कि मैंने तो लोन लेकर दोनों को गिफ्ट देने के लिए गाड़ी बुक की थी, ये क्या हो गया। कनिष्का ने बताया कि उनके परिवार का कभी किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ। किसी से कोई रंजिश नहीं थी। किसी का कर्ज आदि भी नहीं था। ऐसे में कोई उन्हें क्यों मारेगा।
दादी के जन्मदिन पर आज सबको आना था घर
हत्या की सूचना पर प्रमोद की बहन सीमा सबसे पहले घर पहुंची। बिलखते हुए सीमा ने बताया कि माता विनोद बाला का सोमवार को जन्मदिन था। सभी ने इसे मंगलवार को सेलिब्रेट करने के लिए कहा था। गुरुग्राम से अनिष्का और आर्यन को भी आना था। परिवार का हर सदस्य यही कह रहा था कि किसी से कोई दुश्मनी नहीं तो फिर क्यों जान ले ली।
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जिन हाथों से आर्यन ने अपने मां-बाप का खून बहाया, उन्हीं से मंगलवार को मुखाग्नि दी। दिनभर वह तबियत खराब करने का नाटक करता रहा। कभी बिलखता तो कभी खामोश हो जाता। उसे अपने किए पर रत्ती भर भी अफसोस नहीं था। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वह बुआ और दादी को ढांढस बंधाता रहा कि तुम ऐसे करोगे तो मेरा क्या होगा।
प्रमोद और ममता का 22 वर्षीय बेटा आर्यन मेरठ कॉलेज से बीएससी कंप्यूटर साइंस कर रहा है। आर्यन गुरुग्राम में कॉल सेंटर में जॉब कर रहा था। एक महीने पहले ही उसकी नई जॉब लगी थी। शनिवार को आर्यन मेरठ आया था। वो तब से यहीं पर था। रात को उसने बहन कनिष्का को फोन करके कहा कि वह गुरुग्राम आ रहा है। इसके बाद आर्यन स्कूटी से सुबह चार बजे गुरुग्राम पहुंचा। वह अपनी बहन के साथ ही रहता है, लेकिन सोमवार को उसने कहा कि वह दोस्त के साथ रुक रहा है।
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ममता के स्कूल नहीं पहुंचने पर किया मेरठ फोन
ममता मंगलवार को स्कूल नहीं पहुंची तो स्कूल से स्टाफ ने उनको फोन किया। उनका फोन नहीं मिला तो बेटी कनिष्का के मोबाइल पर कॉल की। कनिष्का ने माता-पिता के मोबाइल पर फोन मिलाया तो कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उसने आर्यन से बात की। आर्यन ने पड़ोस में रहने वाले शिवम को फोन करके कहा कि उनके घर जाकर देखे कि कोई भी फोन नहीं उठा रहा है। शिवम इसके बाद घर पहुंचा तो घटना को जानकारी हुई।
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बहन के साथ पहुंचा मेरठ, शव देखकर उल्टी करने लगा
इसके बाद वह बहन कनिष्का के साथ कार से मेरठ पहुंचा। माता-पिता के शव देखकर वह उल्टी करने लगा। कहने लगा कि ये किसने कर दिया।
घर में मिले दो नए सर्जिकल ग्लव्ज
फोरेंसिक टीम ने तलाशी ली तो प्रमोद के पिता नरेंद्र के बेड के पास दो सर्जिकल ग्लव्ज रखे मिले। ये ग्लव्ज खोले नहीं गए। प्रमोद की बहन सीमा का कहना था कि ये ग्लव्ज हो सकता है कि कातिल ही लेकर आए हों। रात को पता चला कि उन्हें आर्यन ही लेकर आया था।
नशीला पदार्थ देने के बाद गहरा गया था शक
प्रमोद के पिता नरेंद्र कुमार एक प्राइवेट डॉक्टर के यहां क्लीनिक पर कंपाउंडर हैं। वह सुबह घूमने के लिए भी जाते हैं। ऐसे में रोज जल्दी उठ जाते हैं, लेकिन मंगलवार को वे उठ नहीं पाए। बदहवासी की हालत में रहे। प्रमोद की माता विनोद बाला भी समय से नहीं उठ पाई। ऐसे में पुलिस को लगा कि कहीं उनको कोई नशीला पदार्थ तो नहीं दिया गया। पुलिस ने घर में तलाशी ली, लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला। विनोद बाला ने बताया कि रात को खाना खाने के बाद वे दोनों सो गए थे, इसके बाद क्या हुआ, उनको कुछ नहीं मालूम। पुलिस का शक इसके बाद से ही आर्यन पर गहरा गया था कि कोई घर का ही खाने की चीज में नशीला पदार्थ मिला सकता है।
दादी का जन्मदिन मनाना था, मम्मी-पापा को गिफ्ट करनी थी गाड़ी
- बेटी करती है गुरुग्राम में जॉब, बोली-मैं तो 25 मई को गाड़ी गिफ्ट करने वाली थी
- लोन लेकर बुक की गाड़ी, दिसंबर में मम्मी-पापा की होनी थी शादी की 25वीं सालगिरह
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। प्रमोद कर्णवाल और ममता की बेटी कनिष्का गुरुग्राम में जॉब करती है। कनिष्का को सुबह वारदात की जानकारी हुई तो वह भाई आर्यन के साथ मेरठ पहुंची। घर के बाहर भीड़ को देखते ही उसकी चीख निकल गई। उस समय ममता के शव को पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस में ले जाया जा रहा था। मां के शव को देखकर वह बेसुध हो गई।
कनिष्का ने बताया कि दिसंबर में मम्मी-पापा की शादी की 25वीं सालगिरह थी। इसलिए उसने दोनों के लिए गाड़ी बुक की थी। गाड़ी की डिलीवरी 25 मई को होने वाली थी। कनिष्का बिलखते हुए कहती रही कि मैंने तो लोन लेकर दोनों को गिफ्ट देने के लिए गाड़ी बुक की थी, ये क्या हो गया। कनिष्का ने बताया कि उनके परिवार का कभी किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ। किसी से कोई रंजिश नहीं थी। किसी का कर्ज आदि भी नहीं था। ऐसे में कोई उन्हें क्यों मारेगा।
दादी के जन्मदिन पर आज सबको आना था घर
हत्या की सूचना पर प्रमोद की बहन सीमा सबसे पहले घर पहुंची। बिलखते हुए सीमा ने बताया कि माता विनोद बाला का सोमवार को जन्मदिन था। सभी ने इसे मंगलवार को सेलिब्रेट करने के लिए कहा था। गुरुग्राम से अनिष्का और आर्यन को भी आना था। परिवार का हर सदस्य यही कह रहा था कि किसी से कोई दुश्मनी नहीं तो फिर क्यों जान ले ली।