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डॉल्फिन की गणना के लिए जीपीएस से लोकेशन सेट की
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टीम द्वारा लॉकेट के दौरान गंगा में डॉल्फिन।
- फोटो : MAWANA
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डॉल्फिन की गणना के लिए जीपीएस से लोकेशन सेट की
हस्तिनापुर। डॉल्फिन की गणना के लिए शुक्रवार को पहुंची डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने गंगा में बोट द्वारा सर्च अभियान चलाकर डॉल्फिन की तलाश की और उन्हें चिन्हित कर जीपीएस से लोकेशन का पता लगाया।
क्षेत्र के भीकुंड गंगा घाट से खरखाली गंगा घाट तक गंगा में सर्च अभियान चलाकर डॉल्फिन की लोकेशन का पता लगाया गया। शुक्रवार को गंगा में डॉल्फिन की लोकेशन में लगे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सीनियर कोआर्डिनेटर संजीव यादव ने बताया कि डॉल्फिन की सही संख्या की जानकारी 15 अक्तूबर तक मिल पाएगी। जिसमें यह आंकड़े सामने आएंगे कि इनकी संख्या गत वर्षों के मुकाबले बढ़ी है या घटी है। इस बार जीपीएस सिस्टम से डॉल्फिन को लोकेट किया जा रहा है।
वहीं डॉल्फिन की लोकेशन के लिए टीम पूरे दिन गंगा में सर्च अभियान में लगी रहीं और डॉल्फिन की लोकेशन सेट की गई। इसके बाद अब जीपीएस के माध्यम से गूगल मैप पर उनकी लोकेशन देखकर गिनती की जाएगी। शुक्रवार को सर्च अभियान की टीम में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के कोआर्डिनेटर शाहनवाज खान, डॉ. जलब्रोलिक, डिप्टी रेंजर विनोद कुमार सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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हस्तिनापुर। डॉल्फिन की गणना के लिए शुक्रवार को पहुंची डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने गंगा में बोट द्वारा सर्च अभियान चलाकर डॉल्फिन की तलाश की और उन्हें चिन्हित कर जीपीएस से लोकेशन का पता लगाया।
क्षेत्र के भीकुंड गंगा घाट से खरखाली गंगा घाट तक गंगा में सर्च अभियान चलाकर डॉल्फिन की लोकेशन का पता लगाया गया। शुक्रवार को गंगा में डॉल्फिन की लोकेशन में लगे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सीनियर कोआर्डिनेटर संजीव यादव ने बताया कि डॉल्फिन की सही संख्या की जानकारी 15 अक्तूबर तक मिल पाएगी। जिसमें यह आंकड़े सामने आएंगे कि इनकी संख्या गत वर्षों के मुकाबले बढ़ी है या घटी है। इस बार जीपीएस सिस्टम से डॉल्फिन को लोकेट किया जा रहा है।
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वहीं डॉल्फिन की लोकेशन के लिए टीम पूरे दिन गंगा में सर्च अभियान में लगी रहीं और डॉल्फिन की लोकेशन सेट की गई। इसके बाद अब जीपीएस के माध्यम से गूगल मैप पर उनकी लोकेशन देखकर गिनती की जाएगी। शुक्रवार को सर्च अभियान की टीम में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के कोआर्डिनेटर शाहनवाज खान, डॉ. जलब्रोलिक, डिप्टी रेंजर विनोद कुमार सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

गंगा में डॉल्फिन को लॉकेट करती टीम।- फोटो : MAWANA
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