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अस्पताल में डिस्चार्ज के दौरान मांगे ढाई रुपये, तीमारदारों ने गोल्डन कार्ड दिखाकर किया हंगामा

Fri, 13 Dec 2019 03:45 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 13 Dec 2019 03:45 PM IST
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The family has golden card, but ruckus in Lokpriya Hospital for free treatment
अस्पताल में हंगामा करते तीमारदार - फोटो : अमर उजाला

आयुष्मान योजना की पेचीदगी हंगामे की वजह बन रही है। लोकप्रिय अस्पताल में शुक्रवार को फिर इसी से जुड़े मामले को लेकर हंगामा हो गया। आरोप है कि पांच लाख तक का इलाज मुफ्त में होने के बावजूद अस्पताल प्रशाशन ने बिल का भुगतान करने का दबाव बनाया। आयुष्मान मित्र निशा ने भी मदद से हाथ खड़े कर दिए। 

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बता दें 29 नवंबर को शास्त्रीनगर सेक्टर-3 निवासी अक्षत सक्सेना ने अपनी मां निरुपमा सक्सेना को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां डॉक्टर ने ब्रेन में क्लाट जमने की जानकारी दी। तभी से लोकप्रिय अस्पताल में निरुपमा भर्ती है। तीन तारीख को अक्षत सक्सेना ने आयुष्मान के गोल्डन कार्ड के लिए आवेदन किया। कार्ड मिल भी गया। आज परिजनों ने जब महिला की हालत के बारे में चिकित्सकों से पूछा तो उन्होंने बताया कि अस्पताल में न्यूरो फिजिशियन नहीं है।  आप इन्हें न्यूरो फिजिशियन को दिखा दीजिए। 
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इसके बाद परिजनों ने दूसरे अस्पताल में ले जाने की तैयारी की। जब वह डिस्चार्ज की प्रक्रिया पूरी करने लगे तो अस्पताल प्रशासन ने उनसे बिल की एवज में ढाई लाख रुपए की मांग कर दी। इसी को लेकर हंगामा हो गया। प्रधानमंत्री जनकल्याण योजना प्रचार प्रसार अभियान की प्रदेश संयोजक प्रीति पांडे ने कहा कि आयुष्मान योजना में नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था है। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन को मरीज को पहले ही भर्ती नहीं करना चाहिए था। लेकिन अगर भर्ती किया है तो यह अस्पताल की जिम्मेदारी है कि वह उसे नियमानुसार बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराएं। उन्होंने इसकी शिकायत शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया है।

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