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हरिद्वार से बुग्गी खींचकर लाए... मीना के परिवार को मिलेगा आशियाना

Mon, 02 Oct 2017 08:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बागपत
अमर उजाला ब्यूरो/ बागपत Updated Mon, 02 Oct 2017 08:43 PM IST
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The family brought by the Buggy from Haridwar will get house, ration card will be created
मीना का परिवार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

बागपत में हरिद्वार से बुग्गी खींचकर लाने वाली मीना के परिवार को अब आशियाना मिलेगा। राशन कार्ड बनेगा। जिला मुख्यालय से सटे निवाड़ा में पिछले दो साल से झुग्गी में रह रहे सलमू के परिवार के दर्द की दवा होने लगी है। एसडीएम ने कहा फिलहाल सलमू को आवासीय पट्टा दिलाया जाएगा और राशन कार्ड बनवाया जाएगा। जल्द ही उसके मकान की व्यवस्था कर दी जाएगी। 

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निवाड़ा में रह रहा सलमू अपनी बेटी मीना, बेटे आरिफ और पत्नी खुर्शीदा के साथ हरिद्वार में अपनी बहन की पौत्री खैरूना की तलाश करने गए थे। सलमू को आंखों से काफी कम दिखाई देता है। इस दौरान वहां उसका घोड़ा चोरी हो गया। खैरूना न मिलने पर मीना अपने माता-पिता को खुद ही बुग्गी में लेकर चल दी थी। शामली में पहुंचने के बाद प्रशासनिक अफसरों ने उनको घोड़ा दिलवाया। शनिवार की रात में तीन बजे मीना घोड़ा-बुग्गी में माता-पिता को लेकर अपने घर पहुंची। 
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रविवार को दिन निकलने पर यहां लोगों का जमावड़ा लग गया। परिवार के विषय में जानने के लिए लोग पहुंचे। बागपत एसडीएम विवेक कुमार यादव, कानूनगो रोहित तोमर टीम के साथ सलमू के पास पहुंचे। सलमू से बातचीत की और ग्राम प्रधान के पति सरवर से जानकारी की। एसडीएम विवेक कुमार यादव ने कहा यह परिवार पिछले दो साल से निवाड़ा में रह रहा है। सलमू और उसकी पत्नी का आधार कार्ड बना है। उनके पास मकान नहीं है। इसलिए फिलहाल आवासीय पट्टा दिलाया जाएगा। उनका प्रधानमंत्री आवास योजन में आवेदन कराने के बाद पात्रता के आधार पर मकान बनवाया जाएगा।

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क्या है मामला? 

The family brought by the Buggy from Haridwar will get house, ration card will be created
मीना के परिजनों से जानकारी लेते एसडीएम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

सलमू की 15 वर्षीय बेटी और बहन की पौत्री खैरूना (11) तीन माह पहले घर से निकली। सलमू की बेटी कुछ दिन बाद वापस लौट आई, लेकिन खैरूनी नहीं लौटी। सलमू की बेटी ने बताया खैरूना को बड़ौत के एक युवक ने अजमेर में ले जाकर बेच दिया है। कोतवाली पुलिस खैरूना को तलाश करने के लिए अजमेर गई। वहां खैरूना नहीं मिली। इसके बाद सलमू की बेटी ने बयान दिया कि एक युवक ने उसे हरिद्वार में गंगा में डूबाकर मार दिया गया है। पुलिस ने सलमू की बेटी को एक माह पहले खैरूना के अपहरण के केस में गिरफ्तार कर बाल संप्रेक्षण गृह में भेज दिया। उधर, आरोपी बज्जू पुलिस अभिरक्षा से अजमेर से भाग था। दो दिन बाद उसने बागपत कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। 

सलमू को मिली जेल भिजवाने की धमकी 
सलमू का कहना है कि उसकी बहन ने धमकी दी या तो उसकी पौत्री को तलाश कर ला दें, वरना उसको भी जेल भिजवा दिया जाएगा। इससे पहले उसकी बेटी जेल जा चुकी है। वह तीन बार खैरूना को तलाश करने के लिए हरिद्वार जा चुका है। उसका कहना है कि एक बार पशु बेचकर, दूसरी बार कर्ज लेकर और तीसरी बार अपनी घोड़ा-बुग्गी से ही वह हरिद्वार गया था। 

बेटी से नहीं मिलने गया जेल में  
सलमू का कहना है कि उसकी बेटी जेल में बंद है। वह अभी तक उसके पास मिलने नहीं गया है। उसने प्रशासनिक अफसरों से केस की निष्पक्ष जांच की मांग की। उधर, बुग्गी खींचने की वजह से मीना के हाथ और पैर में छाले पड़ गए हैं।

हरिद्वार में किस साधू के पास है खैरूना, तलाशेगी पुलिस

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रोटी बनाती मीना की मां खुर्शीदा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

सलमू का कहना है कि उसने खैरूना का हरिद्वार में पता लगा लिया। तो एक साधु के पास है। जब तक वहां पर पहुंचा, उससे पहले ही साधु ने उसको गायब कर दिया। केस के विवेचक निरंजन सिरोही का कहना है कि खैरूना के अपहरण के मामले में बड़ौत का बज्जू और सलमू की बेटी जेल गई है। सलमू खैरूना को हरिद्वार में किसी साधु के पास होने की बात कह रहा है, उसको तलाश करने के लिए हरिद्वार टीम के लिए जाया जाएगा।  

ये है सलमू के परिवार में  
सलमू के मुताबिक उसके तीन लड़की अंजाना (25), मीना (10), हिना (15) तीन लड़के आरिफ (8), दिलशाद (6), शमशेर (5) है। बड़ी लड़की अंजाना का निकाह हरियाणा में हुआ था। जो पिछले कई साल से गायब हो रही है। उसके पास उसकी मां रानी रहती है।  

बहन के सहारे पर आया था निवाड़ा में  
सलमू के मुताबिक उसके पिता गुलाम हुसैन निवाड़ा गांव में पीर के पास रहते थे। बाद में बिजनौर के मंडावर गांव में चले गए थे। वहां पर विवाद होने के बाद मेरठ के अगवानपुर में आकर रहने लगे थे। उसकी बहन निवाड़ा गांव में रहती है। पांच साल पहले वह अपने बच्चों के साथ बहन के सहारे पर निवाड़ा गांव में आकर रहने लगा था।  

मीना ने बुग्गी खींची तो प्रशासन की नींद टूटी 
सलूम की तरह परिवार के साथ खुले में जिंदगी गुजारने वाले लोगों की सूची तैयार की जाएगी। मीना के बुग्गी खींचने के संघर्ष के बाद अब प्रशासन हरकत में आ गया है। एसडीएम विवेक कुमार यादव ने कहा ऐसे जितने भी परिवार खुले में रह रहे हैं, उनकी पात्रता के हिसाब से सहायता दिलाई जाएगी। निवाड़ा में प्रधान के पति सरवर को ऐसे लोगों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पात्रता के हिसाब से आवास और अन्य सुविधाओं पर कार्य किया जाएगा। उधर, जिलेभर में ऐसे कई प्रार्थनापत्र लंबित हैं, जिनके पास आवास नहीं है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी से इन्हें पात्र नहीं माना जाता और प्रार्थनापत्र फाइलों में धूल फांकते रहते हैं।

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