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Meerut News: सीता जी का जन्म होते ही खत्म हुआ मिथिलापुरी का सूखा
Thu, 08 Oct 2026 05:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 08 Oct 2026 05:58 PM IST
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रामलीला मैदान में सीता जन्म की लीला का मंचन देख भाव विभोर हुए श्रद्दालु
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। नगर पालिका के निकट रामलीला मैदान में भगवान श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में बृहस्पतिवार की रात कलाकारों ने राजा जनक के राज्य में पड़े भीषण अकाल, उसके निवारण के लिए कराए गए यज्ञ और माता सीता के पावन जन्म की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया।
मंचन के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि मिथिलापुरी में लंबे समय तक वर्षा न होने के कारण प्रजा दुखी थी। अकाल की विभीषिका से चिंतित होकर राजा जनक ने ऋषि-मुनियों के साथ विचार-विमर्श किया। उनके परामर्श पर राजा जनक ने अकाल से मुक्ति के लिए यज्ञ का आयोजन किया और स्वयं स्वर्ण का हल चलाकर भूमि जोती। हल जोतते समय धरती से एक पात्र प्रकट हुआ, जिसमें से माता सीता का जन्म हुआ।
माता सीता के प्राकट्य होते ही मिथिला में मूसलाधार वर्षा हुई और संपूर्ण राज्य अकाल के संकट से मुक्त हो गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय, उत्कृष्ट संवाद अदायगी और मनमोहक दृश्यों ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
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मवाना। नगर पालिका के निकट रामलीला मैदान में भगवान श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में बृहस्पतिवार की रात कलाकारों ने राजा जनक के राज्य में पड़े भीषण अकाल, उसके निवारण के लिए कराए गए यज्ञ और माता सीता के पावन जन्म की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया।
मंचन के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि मिथिलापुरी में लंबे समय तक वर्षा न होने के कारण प्रजा दुखी थी। अकाल की विभीषिका से चिंतित होकर राजा जनक ने ऋषि-मुनियों के साथ विचार-विमर्श किया। उनके परामर्श पर राजा जनक ने अकाल से मुक्ति के लिए यज्ञ का आयोजन किया और स्वयं स्वर्ण का हल चलाकर भूमि जोती। हल जोतते समय धरती से एक पात्र प्रकट हुआ, जिसमें से माता सीता का जन्म हुआ।
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माता सीता के प्राकट्य होते ही मिथिला में मूसलाधार वर्षा हुई और संपूर्ण राज्य अकाल के संकट से मुक्त हो गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय, उत्कृष्ट संवाद अदायगी और मनमोहक दृश्यों ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
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