फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The course of the 'Old Ganga' will be revealed through old maps.

Meerut News: पुराने नक्शों से सामने आएगा बूढ़ी गंगा का रास्ता

Tue, 11 Aug 2026 09:52 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 09:52 PM IST
विज्ञापन
The course of the 'Old Ganga' will be revealed through old maps.
नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा में बूढ़ी गंगा से संबंधित नक्शे एवं पत्र सौंपते प्रियंक भारती स्रोत स
- एनजीटी के आदेश पर प्रियंक भारती ने एनएमसीजी को सौंपे दस्तावेज
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। बूढ़ी गंगा के सदियों पुराने इतिहास और उसके वास्तविक स्वरूप को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। एनजीटी के आदेश के बाद प्रियंक भारती ने बूढ़ी गंगा से जुड़े करीब 1326 वर्ष पुराने ऐतिहासिक नक्शे और दस्तावेज नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) को सौंपे हैं। इनमें राजा हर्षवर्धन के काल से लेकर अंग्रेजी शासन तक के विभिन्न ऐतिहासिक मानचित्र शामिल बताए गए हैं। नक्शों में बूढ़ी गंगा के उद्गम, पुराने नदी मार्ग, हस्तिनापुर क्षेत्र में इसके विस्तृत प्रवाह और गंगा में मिलन स्थल से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत मौजूद हैं।
एनएमसीजी के महानिदेशक के निर्देश पर कार्यकारी निदेशक (तकनीकी) ने प्रियंक भारती से दस्तावेज प्राप्त किए। इसके बाद अधिकारियों के साथ काफी देर तक बैठक चली। इस दौरान नक्शों में दर्ज नदी के पुराने मार्ग और महत्वपूर्ण स्थलों को बारीकी से समझा गया। प्रियंक भारती ने अधिकारियों को बूढ़ी गंगा के उद्गम स्थल, प्राचीन नदी पथ, हस्तिनापुर में इसके प्रवाह और गंगा में मिलन स्थल से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी दी।
विज्ञापन

बैठक में ऐतिहासिक प्रमाणों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक से जोड़कर बूढ़ी गंगा के पुराने स्वरूप का अध्ययन करने पर चर्चा हुई। एनएमसीजी की ओर से इस मामले में सकारात्मक रुख दिखाई दिया। उपलब्ध नक्शों और दस्तावेज के अध्ययन के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने के संकेत मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रियंक भारती ने बताया कि ऐतिहासिक नक्शों में बूढ़ी गंगा के उद्गम से लेकर गंगा में मिलने तक के महत्वपूर्ण प्रमाण मौजूद हैं। इनके आधार पर हस्तिनापुर क्षेत्र में नदी के पुराने विस्तृत प्रवाह को समझने में मदद मिलेगी।


एनजीटी में 16 अक्तूबर को पेश होगी रिपोर्ट
बूढ़ी गंगा के उद्गम से गंगा में मिलन स्थल तक के ऐतिहासिक और वैज्ञानिक तथ्यों को शामिल कर रिपोर्ट तैयार की जानी है। यह रिपोर्ट 16 अक्तूबर को एनजीटी के समक्ष एनएमसीजी के महानिदेशक की ओर से प्रस्तुत की जाएगी। ऐसे में ऐतिहासिक नक्शों के अध्ययन से बूढ़ी गंगा के वास्तविक पुराने मार्ग को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed