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Meerut News: पार्षद ने छुए पैर, बोले- लाइट लगवा दो, इज्जत बचा लो
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मेरठ। स्ट्रीट लाइटों को लेकर बुधवार को पार्षदों ने नगर निगम में हंगामा कर दिया। वार्ड-6 के पार्षद प्रशांत कसाना ने अपर नगर आयुक्त के सामने प्रकाश निरीक्षक राजेश चौहान के पैर छू लिए। बोले कि स्ट्रीट लाइट लगवा दीजिए। नगर निगम ने जनता के सामने मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़े। रोजाना लोग क्षेत्रीय पार्षदों के घरों पर पहुंचकर हंगामा करते हैं। निगम अधिकारी सुनते नहीं हैं।
नगर निगम ने स्ट्रीट लाइट की कंपनी को डेढ़ करोड़ का भुगतान कर दिया। करीब डेढ़ साल ने कंपनी ने स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत तक नहीं की है, नतीजा महानगर अंधेरे में है। बुधवार वार्ड-6 के पार्षद प्रशांत कसाना, वार्ड-31 के पार्षद कुलदीप उर्फ कीर्ति घोपला, पार्षद भूपेंद्र पाल, पंकज गोयल, अनिल वर्मा, इकराम चौधरी सहित अन्य पार्षद नगर निगम परिसर में अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार से मिले। जहां स्ट्रीट लाइट कंपनी के कर्मचारी बैठे थे। पार्षदों ने कर्मचारी को जमकर खरी-खरी सुनाई और स्ट्रीट लाइटों न लगाने का कारण पूछना शुरू कर दिया। पार्षदों ने अपर नगर आयुक्त से प्रकाश प्रभारी राजेश चौहान को बुलाने की मांग रखी। राजेश चौहान को देखते पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
पार्षदों ने निगम के प्रकाश निरीक्षक राजेश चौहान और ईईएसएल कंपनी के कर्मचारी को खूब सुनाई। भुगतान पर आपत्ति जताई है और कहा है कि डेढ़ साल में कोई लाइट नहीं लगाई और 2.50 करोड का कैसे भुगतान दे दिया गया। निगम की बोर्ड बैठक में इसका विरोध करेंगे।
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दीपावली पर भी अंधेरा रहेगा
पार्षदों ने निगम अधिकारियों से कहा कि जिस तरह से उनकी कार्यशैली चल रही है, उससे दीपावली पर भी अंधेरा रहेगा। आपातकाल का नाम देकर कार्यकारिणी बुलाई और पार्षदों को आश्वासन दिया गया कि प्रति वार्ड में 100-100 स्ट्रीट लाइट नई लगवाई जाएगी। निगम ने अभी न उसकी प्लानिंग बनाई और न ईईएसएल कंपनी लाइट देने को तैयार है। कंपनी निगम से अभी 31 करोड़ का भुगतान की मांग कर रही है, तभी स्ट्रीट लाइट की मरम्मत करने को कह रही है।
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नगर निगम ने स्ट्रीट लाइट की कंपनी को डेढ़ करोड़ का भुगतान कर दिया। करीब डेढ़ साल ने कंपनी ने स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत तक नहीं की है, नतीजा महानगर अंधेरे में है। बुधवार वार्ड-6 के पार्षद प्रशांत कसाना, वार्ड-31 के पार्षद कुलदीप उर्फ कीर्ति घोपला, पार्षद भूपेंद्र पाल, पंकज गोयल, अनिल वर्मा, इकराम चौधरी सहित अन्य पार्षद नगर निगम परिसर में अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार से मिले। जहां स्ट्रीट लाइट कंपनी के कर्मचारी बैठे थे। पार्षदों ने कर्मचारी को जमकर खरी-खरी सुनाई और स्ट्रीट लाइटों न लगाने का कारण पूछना शुरू कर दिया। पार्षदों ने अपर नगर आयुक्त से प्रकाश प्रभारी राजेश चौहान को बुलाने की मांग रखी। राजेश चौहान को देखते पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
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पार्षदों ने निगम के प्रकाश निरीक्षक राजेश चौहान और ईईएसएल कंपनी के कर्मचारी को खूब सुनाई। भुगतान पर आपत्ति जताई है और कहा है कि डेढ़ साल में कोई लाइट नहीं लगाई और 2.50 करोड का कैसे भुगतान दे दिया गया। निगम की बोर्ड बैठक में इसका विरोध करेंगे।
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दीपावली पर भी अंधेरा रहेगा
पार्षदों ने निगम अधिकारियों से कहा कि जिस तरह से उनकी कार्यशैली चल रही है, उससे दीपावली पर भी अंधेरा रहेगा। आपातकाल का नाम देकर कार्यकारिणी बुलाई और पार्षदों को आश्वासन दिया गया कि प्रति वार्ड में 100-100 स्ट्रीट लाइट नई लगवाई जाएगी। निगम ने अभी न उसकी प्लानिंग बनाई और न ईईएसएल कंपनी लाइट देने को तैयार है। कंपनी निगम से अभी 31 करोड़ का भुगतान की मांग कर रही है, तभी स्ट्रीट लाइट की मरम्मत करने को कह रही है।