{"_id":"6925bb86d1b7b57daa0da005","slug":"the-city-gathered-for-the-nagar-kirtan-and-martial-arts-teams-displayed-their-skills-meerut-news-c-14-1-mrt1002-1037199-2025-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: नगर कीर्तन में उमड़ा शहर, शस्त्र विद्या दलों ने दिखाए करतब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: नगर कीर्तन में उमड़ा शहर, शस्त्र विद्या दलों ने दिखाए करतब
विज्ञापन
सिख समुदाय ने 350 वीं शहीदी शताब्दी पर किया गुरु को स्मरण, ग्यारह किलोमीटर गुरु का नाम लेकर पैदल पहुंचे लोग
शास्त्रीनगर से थापरनगर तक निकला नगर कीर्तन
- स्कूली बच्चों के साथ रही शहर के सभी गुरुद्वारा साहिब की संगत
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गुरु तेग बहादुर, भाई मतीदास, भाई सती दास, भाई दयाला के 350 वीं शहीदी शताब्दी पर शहर की सभी गुरुद्वारा कमेटियों ने गुरु ग्रंथ साहिब की पावन सवारी नगर कीर्तन पंच प्यारों की अगुवाई में निकाली। शास्त्रीनगर से थापरनगर तक 11 किमी मार्ग पर स्कूली बच्चे और गुरुद्वारा समिति के सदस्य गुरु का नाम जपते चल रहे थे। नगर कीर्तन में शस्त्र विद्या दलों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए।
नगर कीर्तन को तरन तारन से आई झांकियों को अधिक मनमोहक बना दिया। गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल, खालसा स्कूल के बैंंड ने मार्च पास्ट में लेज आदि से प्रस्तुति दी। भाई जोगा सिंह पब्लिक स्कूल के बच्चों की प्रस्तुति सराहनीय रही। खालसायी बाल सेना सबको आकर्षित कर रही थी। शहर के विभिन्न गुरुद्वारा सहिब के स्त्री सत्संग जत्थे और कीर्तनी जत्थे नगर कीर्तन में शबद गायन करते चल रहे थे। शहर के प्रसिद्ध बैंडों ने गुरुवाणी शबद गायन किया।
शब्द कीर्तनी जत्था, अखंड कीर्तनी जत्था और निष्काम कीर्तनी जत्थों ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। बड़ी संख्या में स्त्री, पुरुष और बच्चे झाडू से सेवा देते चल रहे थे। नगर कीर्तन का संचालन रणजीत सिंह नंदा, रणजीत सिंह जस्सल, जसबीर सिंह खासला, जसबीर सिंह खालसा, हरप्रीत सिंह, गुरदीप सिंह कालरा, सुरेंद्र सिंह भाटिया, सोहन सिंह, गुरमिंदर सिंह, गुरुबचन सिंह ने किया।
विज्ञापन
उपाध्यक्ष रणजीत सिंह जस्सल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए स्वयं को अर्पण कर दिया। नगर कीर्तन में 80 से अधिक स्थानों पर व्यापारी, धार्मिक संगठन, समाजिक संगठनों ने सेवा दी। मार्ग पर पुष्प वर्षा की गई। पंजाब से आए पाइप बैंड ने भी प्रस्तुति दी। इस दौरान दीवान पब्लिक स्कूल, केएल इंटरनेशनल स्कूल के बच्चे, राजेश दीवान, अमनदीप सिंह, जसमीत सिंह चड्डा, देवेंद्र जीत सिंह सेठी, जसपाल सिंह जस्सी, डॉ. कर्मेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह आदि रहे।
मुंह से निकाली आग की लपटें, नारियल तोड़े
नगर कीर्तन शास्त्रीनगर गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब से आरंभ होकर सेंट्रल मार्केट, नई सड़क, गांधी आश्रम, सूरजकुंड, ईव्ज चौराहा, बच्चा पार्क, खूनी पुल, बेगमपुल, आबूलेन, सदर बाजार, सदर थाना, गुरुद्वारा सीता माता, रोडवेज होता हुआ गुरुद्वारा सिंह सभा थापरनगर पर समाप्त हुआ। सबसे आगे नंगाड़ा बज रहा था। पंच सिंह, निशान साहिब लेकर चल रहे थे। गुरु साहिब की फौज, घुड़सवार, निहंग सिंह शोभायात्रा में शामिल हुए। शास्त्रीनगर, थापरनगर और कंकरखेड़ा के देशमेश शस्त्र विद्या दल, चार साहिबजादे शस्त्र विद्या दल और खालसा शस्त्र विद्या दलों ने चक्र, कृपाण, लाठी, भाले आदि का प्रयोग कर प्रदर्शन किया। नव युवकों ने मुंह से आग निकाली और नारियल तोड़े।
विज्ञापन
शास्त्रीनगर से थापरनगर तक निकला नगर कीर्तन
- स्कूली बच्चों के साथ रही शहर के सभी गुरुद्वारा साहिब की संगत
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गुरु तेग बहादुर, भाई मतीदास, भाई सती दास, भाई दयाला के 350 वीं शहीदी शताब्दी पर शहर की सभी गुरुद्वारा कमेटियों ने गुरु ग्रंथ साहिब की पावन सवारी नगर कीर्तन पंच प्यारों की अगुवाई में निकाली। शास्त्रीनगर से थापरनगर तक 11 किमी मार्ग पर स्कूली बच्चे और गुरुद्वारा समिति के सदस्य गुरु का नाम जपते चल रहे थे। नगर कीर्तन में शस्त्र विद्या दलों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए।
नगर कीर्तन को तरन तारन से आई झांकियों को अधिक मनमोहक बना दिया। गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल, खालसा स्कूल के बैंंड ने मार्च पास्ट में लेज आदि से प्रस्तुति दी। भाई जोगा सिंह पब्लिक स्कूल के बच्चों की प्रस्तुति सराहनीय रही। खालसायी बाल सेना सबको आकर्षित कर रही थी। शहर के विभिन्न गुरुद्वारा सहिब के स्त्री सत्संग जत्थे और कीर्तनी जत्थे नगर कीर्तन में शबद गायन करते चल रहे थे। शहर के प्रसिद्ध बैंडों ने गुरुवाणी शबद गायन किया।
विज्ञापन
शब्द कीर्तनी जत्था, अखंड कीर्तनी जत्था और निष्काम कीर्तनी जत्थों ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। बड़ी संख्या में स्त्री, पुरुष और बच्चे झाडू से सेवा देते चल रहे थे। नगर कीर्तन का संचालन रणजीत सिंह नंदा, रणजीत सिंह जस्सल, जसबीर सिंह खासला, जसबीर सिंह खालसा, हरप्रीत सिंह, गुरदीप सिंह कालरा, सुरेंद्र सिंह भाटिया, सोहन सिंह, गुरमिंदर सिंह, गुरुबचन सिंह ने किया।
विज्ञापन
उपाध्यक्ष रणजीत सिंह जस्सल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए स्वयं को अर्पण कर दिया। नगर कीर्तन में 80 से अधिक स्थानों पर व्यापारी, धार्मिक संगठन, समाजिक संगठनों ने सेवा दी। मार्ग पर पुष्प वर्षा की गई। पंजाब से आए पाइप बैंड ने भी प्रस्तुति दी। इस दौरान दीवान पब्लिक स्कूल, केएल इंटरनेशनल स्कूल के बच्चे, राजेश दीवान, अमनदीप सिंह, जसमीत सिंह चड्डा, देवेंद्र जीत सिंह सेठी, जसपाल सिंह जस्सी, डॉ. कर्मेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह आदि रहे।
मुंह से निकाली आग की लपटें, नारियल तोड़े
नगर कीर्तन शास्त्रीनगर गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब से आरंभ होकर सेंट्रल मार्केट, नई सड़क, गांधी आश्रम, सूरजकुंड, ईव्ज चौराहा, बच्चा पार्क, खूनी पुल, बेगमपुल, आबूलेन, सदर बाजार, सदर थाना, गुरुद्वारा सीता माता, रोडवेज होता हुआ गुरुद्वारा सिंह सभा थापरनगर पर समाप्त हुआ। सबसे आगे नंगाड़ा बज रहा था। पंच सिंह, निशान साहिब लेकर चल रहे थे। गुरु साहिब की फौज, घुड़सवार, निहंग सिंह शोभायात्रा में शामिल हुए। शास्त्रीनगर, थापरनगर और कंकरखेड़ा के देशमेश शस्त्र विद्या दल, चार साहिबजादे शस्त्र विद्या दल और खालसा शस्त्र विद्या दलों ने चक्र, कृपाण, लाठी, भाले आदि का प्रयोग कर प्रदर्शन किया। नव युवकों ने मुंह से आग निकाली और नारियल तोड़े।