मौलवी की जमानत अर्जी खारिज, महिला हेड कांस्टेबल से किया था दुष्कर्म
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बागपत में महिला हेड कांस्टेबल से तंत्र मंत्र के बहाने दुष्कर्म करने के आरोपी मौलवी की जमानत अर्जी खारिज हो गई है। कोर्ट ने अब इस मामले की सुनवाई के लिए चार जनवरी की तिथि तय की है।
मूल रूप से बिजनौर जनपद की रहने वाली 45 वर्षीय महिला हेड कांस्टेबल ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वह तीन जुलाई 2018 को बागपत शहर की मस्जिद के मौलवी जुबेर के पास पहुंची और पारिवारिक समस्याओं के विषय में बताया। आरोप है कि मौलवी ने उसे रात में बुलाकर झांसा देते हुए दुष्कर्म किया। तीन जुलाई 2018 से अक्तूबर तक मौलवी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। मौलवी पर लाखों रुपये भी ऐंठने का आरोप लगाया गया था।
एसपी ने एएसपी अनिल कुमार सिंह व सीओ सिटी ओमपाल सिंह से जांच कराई थी। एसपी के निर्देश पर महिला थाने में आरोपी मौलवी जुबेर के खिलाफ धारा 376 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था।
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एडीजीसी अनुज ढाका ने बताया कि प्रकरण में आरोपी ने जमानत अर्जी दाखिल की थी। अपर जिला सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी आबिद शमीम ने सुनवाई करते हुए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। उधर, इस मामले में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। प्रकरण की सुनवाई चार जनवरी को होगी।
पति की हो चुकी मौत, प्लॉट का विवाद उठा
पीड़िता का कहना था कि वह महिला थाना बागपत में तैनात है। वर्ष 2002 में उसकी पति की बीमारी के कारण मौत हो गई। इसके बाद मृतक आश्रित कोटे में महिला को वर्ष 2006 में पुलिस की नौकरी मिल गई थी। 29 जून 2018 को उसका बेटा सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। उधर, आरोपी का कहना था कि प्लॉट को लेकर विवाद है, जिसमें बेबुनियाद आरोप लगाए गए है।
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