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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The audience was moved to emotion upon witnessing the dialogue between Ram and Kevat and the death of Dasharath.

Meerut News: राम-केवट संवाद और दशरथ मरण देख दर्शक हुए भावुक

Sun, 11 Oct 2026 10:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 10:54 PM IST
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The audience was moved to emotion upon witnessing the dialogue between Ram and Kevat and the death of Dasharath.
दौराला - सर श्रीराम इंटर कॉलेज के मैदान पर चल रही रामलीला में मंचन के दौरान कलाकार। स्रोत : आयो
संवाद न्यूज एजेंसी
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दौराला। सर श्रीराम इंटर कॉलेज के खेल मैदान में रामलीला का भावपूर्ण मंचन हुआ। राम-केवट संवाद और राजा दशरथ के मरण के दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू और हृदय में प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट प्रेम दिखा।
रामलीला आयोजन समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह ने बताया कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण गंगा तट पर पहुंचे। केवट ने प्रभु श्रीराम को पहचानकर उनके चरण पखारने की इच्छा जताई। प्रभु के प्रति उसकी निष्कपट भक्ति और समर्पण ने इस प्रसंग को खास बना दिया। केवट और भगवान राम के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को भक्ति के उस भाव से जोड़ा। यह प्रसंग दर्शाता है कि प्रेम और श्रद्धा धन-दौलत से बढ़कर हैं। इसके बाद अयोध्या में राजा दशरथ की विरह वेदना का मंचन हुआ। राम के वन जाने के बाद दशरथ पुत्र वियोग में व्याकुल होकर उन्हें याद करते रहे। कलाकारों ने राम के बिना सूनी अयोध्या और टूट चुके पिता की पीड़ा को जीवंत किया। पुत्र के लौटने की आस और बिछोह के असहनीय दुख के बीच राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए।
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केवट की भक्ति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। उसकी निष्कपट भक्ति और समर्पण ने इस प्रसंग को विशेष बनाया। केवट और भगवान राम के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को भक्ति के गहरे भाव से जोड़ा। रामलीला ने संदेश दिया कि सच्चे प्रेम के आगे ऊंच-नीच और वैभव का कोई महत्व नहीं।
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अयोध्या में राजा दशरथ की विरह वेदना का मंचन हुआ। राम के वन जाने के बाद दशरथ पुत्र वियोग में व्याकुल थे। कलाकारों ने राम के बिना सूनी अयोध्या और पिता की पीड़ा को जीवंत किया। पुत्र के लौटने की आस और बिछोह के दुख के बीच राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए। यह दृश्य देखकर रामलीला देख रहे दर्शक भावुक हो गए। इस दौरान भूपेंद्र सिंह, रविन्द्र, भवर सिंह, जितेंद्र, सचिन, मोहित, अनिल, प्रशांत, आशु, राजीव, नवीन, आयुष, वीरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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