बारिश से तबाही: बागपत जिले में गिरे 10 मकान, घरों में घुसा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
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बागपत जनपद में पिछले तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। शहर से लेकर देहात तक जलनिकासी की व्यवस्था फेल हो गई। सड़कों पर जलभराव हुआ पड़ा है, जिस कारण पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया।
वहीं दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर सरूरपुर कलां में जलभराव और खराब सड़क के कारण वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। दिन में कई बार जाम के हालात बनें। खेकड़ा, चांदीनगर और सिंघावली अहीर क्षेत्र में दस मकान गिर गए, एक महिला समेत दो लोग घायल हुए हैं।
बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन आफत खड़ी हो गई है। सड़कों से लेकर मार्ग और गली, मोहल्ले बारिश के पानी से तरणताल बन गए हैं। शनिवार को रुक-रुककर होती रही बारिश से जहां परेशानी हो रही थी, वहीं रविवार की रात से लगातार हो रही बारिश ने और भी ज्यादा परेशानी बढ़ा दी।
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सरकारी कार्यालयों में भी जलभराव हो गया। कलक्ट्रेट में जलभराव हुआ है। जिला अस्पताल, ब्लॉक और अन्य कार्यालयों में भी पानी ही पानी नजर आया। बारिश से गन्ने की फसल को लाभ है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में फसल गिर गई। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। चारे की फसल भी गिर गई है।
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कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी डॉ. गजेंद्र चौधरी का कहना है कि हवा चलने से फसलों को नुकसान हो सकता है। बारिश से किसी तरह का फिलहाल नुकसान नहीं है।
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