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ड्रोन के लिए पहरा दे रहे किशोर की गोली मारकर हत्या
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मेरठ/परीक्षितगढ़। परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव पूठी में सोमवार रात ड्रोन की दहशत के चलते पहरा दे रहे रोहित (16) की गांव के ही युवक मयंक ने तमंचे से कमर में गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या का कारण पांच दिन पहले दोनों के बीच हुई कहासुनी बताई गई है। मृतक की मां बबीता ने मयंक के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। परीक्षितगढ़ पुलिस ने रात में ही हत्यारोपी मयंक को गिरफ्तार कर तमंचा बरामद किया। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया।
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में बीते करीब एक महीने से रात में आसमान में ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं। ड्रोन को लेकर क्षेत्र के गांवों में युवा व ग्रामीण टोलियां बनाकर पहरा दे रहे हैं। जबकि पुलिस प्रशासनिक अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि ड्रोन नदी के सर्वे के लिए उड़ाये जा रहे हैं। गांव पूठी में सोमवार रात लगभग ढाई बजे गांव के पुराना मुख्य बाजार में टिल्लू की चक्की के पास गांव के ही अक्षय, शिवा, मनीष, मयंक, रोहित आदि पहरा दे रहे थे। इसी दौरान 20 वर्षीय मयंक ने तमंचे से टोली में पहरा दे रहे रोहित की कमर में पीछे से गोली मार दी।
रोहित वहीं पर लहूलुहान होकर गिरकर अचेत हो गया। पहरा दे रहे युवकों ने मामले की जानकारी परिजनों को दी। परिजन पुलिस को सूचना देते हुए रोहित को लेकर परीक्षितगढ़ सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सक ने रोहित को मृत घोषित कर दिया। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्र, सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह पुलिस बल समेत गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर वारदात की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। पहले युवक पुलिस को गुमराह करते रहेे कि पहरा दे रहे थे, पता नहीं रोहित को कौन गोली मार कर भाग गया।
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एसपी देहात राकेश मिश्र ने बताया कि मृतक रोहित के चचेरे भाई शिवा ने बताया कि मयंक ने तमंचे से गोली मारी थी। इसके बाद पुलिस ने मयंक को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने पुरानी रंजिश के चलते रोहित की हत्या करने की बात कबूली। बताया कि चार-पांच दिन पहले उसकी रोहित से कहासुनी हो गई थी, इसी रंजिश में हत्या की। पुलिस ने उसकी निशानेदही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया।
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मां के बुढ़ापे का सहारा और घर का इकलौता चिराग था रोहित
-मां और दो बहनों का रोकर बुरा हाल, गांव में भी शोक व्याप्त
- पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी बेटे के कंधों पर थी
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर, संवाद
मेरठ/परीक्षितगढ़। गांव पूठी निवासी रोहित की हत्या से परिजन गमजदा हैं। साथ ही गांव में भी शोक व्याप्त है। रोहित के पिता जितेंद्र की कई वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। वह अपने तीन भाई बहनों में अकेला था। वह अपनी विधवा मां बबीता के साथ मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता रहा था। परिवार की जिम्मेदारी के कारण भी वह पढ़ भी नहीं सका।
रोहित की हत्या से मां बबीता और शादीशुदा बहन तनु व सलौनी का रोकर बुरा हाल है। उनकी आंखों से आंसु थम नहीं रहे हैं। वह रोते हुए कह रहीं थी कि अब किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी। वे भाई को याद करते हुए बेसुध हो रही थीं। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं। रोहित की हत्या से परिवार और कुटुंब के लोग भी गमजदा हैं। मां का कहना है कि चार दिन पहले रोहित की मयंक से क्या कहासुनी हुई, उसने घर पर भी कोई जानकारी नहीं दी थी। उसे पहले पता होता तो वह रात में उसे पहरा देने नहीं जाने देती।
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कमर में लगकर सीने से बाहर निकली गोली
मेरठ। पूठी गांव में सोमवार रात युवकों की टोली ड्रोन को लेकर पहरा दे रही थी। सभी बैठे थे, जबकि रोहित पास में पीठ करके खड़ा था। पुलिस का कहना है कि मयंक टोली में बैठा था, तभी तमंचे से चली गोली रोहित की कमर में लगकर फेफेड़े को चीरती हुई सीने को फाड़कर बाहर ऊपर की ओर निकल गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण पीठ में गोली लगकर सीने से निकलने के कारण हुई है। टोली के युवकों ने यह भी बताया कि मयंक तमंचा लेकर आया था, बैठे हुए थे तभी अचानक तमंचे से गोली चली, जो पास ही खड़े रोहित की कमर में लगी।
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नदियां का हो रहा सर्वे, फिर भी ड्रोन को लेकर पहरा दे रहे ग्रामीण
मेरठ। जनपद भर में करीब एक माह से ड्रोन के आसमान से दिखाई देने पर लोग गांव-गांव पहरा दे रहे हैं। हालांकि डीआईजी कलानिधि नैथानी और डीएम डॉ वीके सिंह यह स्पष्ट कर चुके हैं कि नदियों का सर्वे करने के लिए ड्रोन से डिजिटल मैंपिंग की जा रही है। ड्रोन के दिखाई देने पर घबराने की बात नहीं। इसके बावजूद लोग गांव में पहरा दे रहे हैं। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने अब रात के बजाए दिन में ड्रोन उड़ाने का आदेश दिया है। साथ ही कहा कि ड्रोन नीति का पालन करना जरूरी है।
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परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र में बीते करीब एक महीने से रात में आसमान में ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं। ड्रोन को लेकर क्षेत्र के गांवों में युवा व ग्रामीण टोलियां बनाकर पहरा दे रहे हैं। जबकि पुलिस प्रशासनिक अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि ड्रोन नदी के सर्वे के लिए उड़ाये जा रहे हैं। गांव पूठी में सोमवार रात लगभग ढाई बजे गांव के पुराना मुख्य बाजार में टिल्लू की चक्की के पास गांव के ही अक्षय, शिवा, मनीष, मयंक, रोहित आदि पहरा दे रहे थे। इसी दौरान 20 वर्षीय मयंक ने तमंचे से टोली में पहरा दे रहे रोहित की कमर में पीछे से गोली मार दी।
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रोहित वहीं पर लहूलुहान होकर गिरकर अचेत हो गया। पहरा दे रहे युवकों ने मामले की जानकारी परिजनों को दी। परिजन पुलिस को सूचना देते हुए रोहित को लेकर परीक्षितगढ़ सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सक ने रोहित को मृत घोषित कर दिया। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्र, सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह पुलिस बल समेत गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर वारदात की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। पहले युवक पुलिस को गुमराह करते रहेे कि पहरा दे रहे थे, पता नहीं रोहित को कौन गोली मार कर भाग गया।
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एसपी देहात राकेश मिश्र ने बताया कि मृतक रोहित के चचेरे भाई शिवा ने बताया कि मयंक ने तमंचे से गोली मारी थी। इसके बाद पुलिस ने मयंक को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने पुरानी रंजिश के चलते रोहित की हत्या करने की बात कबूली। बताया कि चार-पांच दिन पहले उसकी रोहित से कहासुनी हो गई थी, इसी रंजिश में हत्या की। पुलिस ने उसकी निशानेदही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया।
मां के बुढ़ापे का सहारा और घर का इकलौता चिराग था रोहित
-मां और दो बहनों का रोकर बुरा हाल, गांव में भी शोक व्याप्त
- पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी बेटे के कंधों पर थी
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर, संवाद
मेरठ/परीक्षितगढ़। गांव पूठी निवासी रोहित की हत्या से परिजन गमजदा हैं। साथ ही गांव में भी शोक व्याप्त है। रोहित के पिता जितेंद्र की कई वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। वह अपने तीन भाई बहनों में अकेला था। वह अपनी विधवा मां बबीता के साथ मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता रहा था। परिवार की जिम्मेदारी के कारण भी वह पढ़ भी नहीं सका।
रोहित की हत्या से मां बबीता और शादीशुदा बहन तनु व सलौनी का रोकर बुरा हाल है। उनकी आंखों से आंसु थम नहीं रहे हैं। वह रोते हुए कह रहीं थी कि अब किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी। वे भाई को याद करते हुए बेसुध हो रही थीं। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं। रोहित की हत्या से परिवार और कुटुंब के लोग भी गमजदा हैं। मां का कहना है कि चार दिन पहले रोहित की मयंक से क्या कहासुनी हुई, उसने घर पर भी कोई जानकारी नहीं दी थी। उसे पहले पता होता तो वह रात में उसे पहरा देने नहीं जाने देती।
कमर में लगकर सीने से बाहर निकली गोली
मेरठ। पूठी गांव में सोमवार रात युवकों की टोली ड्रोन को लेकर पहरा दे रही थी। सभी बैठे थे, जबकि रोहित पास में पीठ करके खड़ा था। पुलिस का कहना है कि मयंक टोली में बैठा था, तभी तमंचे से चली गोली रोहित की कमर में लगकर फेफेड़े को चीरती हुई सीने को फाड़कर बाहर ऊपर की ओर निकल गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण पीठ में गोली लगकर सीने से निकलने के कारण हुई है। टोली के युवकों ने यह भी बताया कि मयंक तमंचा लेकर आया था, बैठे हुए थे तभी अचानक तमंचे से गोली चली, जो पास ही खड़े रोहित की कमर में लगी।
नदियां का हो रहा सर्वे, फिर भी ड्रोन को लेकर पहरा दे रहे ग्रामीण
मेरठ। जनपद भर में करीब एक माह से ड्रोन के आसमान से दिखाई देने पर लोग गांव-गांव पहरा दे रहे हैं। हालांकि डीआईजी कलानिधि नैथानी और डीएम डॉ वीके सिंह यह स्पष्ट कर चुके हैं कि नदियों का सर्वे करने के लिए ड्रोन से डिजिटल मैंपिंग की जा रही है। ड्रोन के दिखाई देने पर घबराने की बात नहीं। इसके बावजूद लोग गांव में पहरा दे रहे हैं। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने अब रात के बजाए दिन में ड्रोन उड़ाने का आदेश दिया है। साथ ही कहा कि ड्रोन नीति का पालन करना जरूरी है।