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बांड के सत्यापन को पहुंची टीम
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रोहटा। गन्ना विभाग द्वारा मृतक किसानों के बांड जारी होने की खबर प्रकाशित होने पर अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को गन्ना विभाग की टीम ने गांव-गांव में पहुंचकर किसानों के सत्यापन का कार्य शुरू किया।
सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना द्वारा चालू पेराई सत्र में मृतक और भूमिहीन किसानों को पर्ची जारी करने का मामला सामने आया है। क्षेत्र गांव डालमपुर, चिंदौड़ी, रोहटा, भदौड़ा, रासना, मिर्जापुर, दमगढ़ी आदि के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अनिल ढींगरा से मृतक और भूमिहीन सदस्यों के बांड चलने की शिकायत की थी। किसानों की माने तो गन्ना पर्ची की सूचना एसएमएस पर नहीं मिल रही है। वहीं, गन्ना विभाग द्वारा फर्जी तरीके से चल रहे मृतकों के बांड भी बंद नहीं किए गए है। उनकी लगातार पर्ची जारी की जा रहीं हैं। मंगलवार को अमर उजाला में यह खबर प्रकाशित होने पर गन्ना विभाग में हड़कंप मच गया। गन्ना पर्यवेक्षक गांवों में किसानों के पास पहुंचे और किसानों के सत्यापन के लिए जांच की। इस दौरान पर्यवेक्षकों ने मृतक और भूमिहीन किसानों की सूची बनाकर बांड बंद करने की बात कही। किसानों का आरोप है कि जिला गन्ना अधिकारी फोन सुनने को तैयार नहीं हैं। हर समस्या को लेकर कार्यालय आने की बात कहते है।
पर्यवेक्षक सत्यापन कर रहे
फर्जी बांड के मामले में गन्ना पर्यवेक्षक क्षेत्र में सही किसानों का सत्यापन कर रहे हैं। एक सप्ताह में मृतक और भूमिहीन किसानों की सूची बनाकर उन्हें तत्काल बंद करा दिया जाएगा। यदि किसी भी पर्यवेक्षक इस फर्जीवाड़े में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- श्रीपाल सिंह, सचिव, सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना।
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सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना द्वारा चालू पेराई सत्र में मृतक और भूमिहीन किसानों को पर्ची जारी करने का मामला सामने आया है। क्षेत्र गांव डालमपुर, चिंदौड़ी, रोहटा, भदौड़ा, रासना, मिर्जापुर, दमगढ़ी आदि के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अनिल ढींगरा से मृतक और भूमिहीन सदस्यों के बांड चलने की शिकायत की थी। किसानों की माने तो गन्ना पर्ची की सूचना एसएमएस पर नहीं मिल रही है। वहीं, गन्ना विभाग द्वारा फर्जी तरीके से चल रहे मृतकों के बांड भी बंद नहीं किए गए है। उनकी लगातार पर्ची जारी की जा रहीं हैं। मंगलवार को अमर उजाला में यह खबर प्रकाशित होने पर गन्ना विभाग में हड़कंप मच गया। गन्ना पर्यवेक्षक गांवों में किसानों के पास पहुंचे और किसानों के सत्यापन के लिए जांच की। इस दौरान पर्यवेक्षकों ने मृतक और भूमिहीन किसानों की सूची बनाकर बांड बंद करने की बात कही। किसानों का आरोप है कि जिला गन्ना अधिकारी फोन सुनने को तैयार नहीं हैं। हर समस्या को लेकर कार्यालय आने की बात कहते है।
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पर्यवेक्षक सत्यापन कर रहे
फर्जी बांड के मामले में गन्ना पर्यवेक्षक क्षेत्र में सही किसानों का सत्यापन कर रहे हैं। एक सप्ताह में मृतक और भूमिहीन किसानों की सूची बनाकर उन्हें तत्काल बंद करा दिया जाएगा। यदि किसी भी पर्यवेक्षक इस फर्जीवाड़े में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- श्रीपाल सिंह, सचिव, सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना।