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इलाज में कोताही न बरतें तो गंभीर नहीं स्वाइन फ्लू
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इलाज में कोताही न बरतें तो गंभीर नहीं स्वाइन फ्लू
मेरठ। स्वाइन फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है, जो एच1 एन1 वायरस के सक्रिय होने से फैलता है। यह वायरस ठंड और नमी के मौसम में पनपता है। अगर इलाज में कोताही नहीं बरती जाए तो यह बीमारी गंभीर नहीं है। यह कहना है केएमसी अस्पताल के चिकित्सकों का। उन्होंने शनिवार को स्वाइन फ्लू से बचने के टिप्स दिए।
केएमसी चेयरमैन डॉ. सुनील गुप्ता, डॉ. प्रतिभा, डॉ. अमिताभ गौतम, डॉ. संदीप जैन, डॉ. विनय अग्रवाल, डॉ. अविनाश जौहरी और डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि उचित मार्गदर्शन न मिलने के कारण स्वाइन फ्लू के रोगियों का पलायन मेरठ से दिल्ली हो रहा है। जबकि मेरठ क्षेत्र के नागरिकों को स्वाइन फ्लू का संपूर्ण इलाज मेरठ में ही मिल सकता है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों में लगातार बुखार रहना, खांसी रहना, छाती में दर्द और सांस लेने में परेशानी होना, पूरे शरीर में हड़कल रहना आदि हैं। तापमान बढ़ने पर यह वायरस अपने आप समाप्त हो जाता है, लेकिन कुछ कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वालों पर असर करता है, लेकिन इसकी पुष्टि तभी संभव है जब रक्त जांच के बाद जिला प्रशासन या जिला अस्पताल इसकी पुष्टि करे। चिकित्सकों ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचने के लिए हाईप्रोटीन डाइट जैसे अंडा, मीट, सोयाबीन, दूध, राजमा, छोला, पनीर, चना, हरी सब्जियां व दाल की मात्रा खानपान में बढ़ाएं। पानी खूब पिएं, हर सर्दी व जुकाम को स्वाइन फ्लू का लक्षण न समझें।
स्वाइन फ्लू का हमला जारी, दो नए मरीज मिले
मेरठ। स्वाइन फ्लू का हमला जारी है। शनिवार को दो मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुुई है। मरीजों में महिला और युवक हैं। सुभाषनगर और पल्लवपुरम केरहने वाले हैं। अब तक जिले के 30 लोगों को स्वाइन फ्लू हो चुका है, इनमें से तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया हुआ है। स्वाइन फ्लू का सीजन नवंबर से मार्च तक माना जाता है, लिहाजा एहतियात की जरूरत है।
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मेरठ। स्वाइन फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है, जो एच1 एन1 वायरस के सक्रिय होने से फैलता है। यह वायरस ठंड और नमी के मौसम में पनपता है। अगर इलाज में कोताही नहीं बरती जाए तो यह बीमारी गंभीर नहीं है। यह कहना है केएमसी अस्पताल के चिकित्सकों का। उन्होंने शनिवार को स्वाइन फ्लू से बचने के टिप्स दिए।
केएमसी चेयरमैन डॉ. सुनील गुप्ता, डॉ. प्रतिभा, डॉ. अमिताभ गौतम, डॉ. संदीप जैन, डॉ. विनय अग्रवाल, डॉ. अविनाश जौहरी और डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि उचित मार्गदर्शन न मिलने के कारण स्वाइन फ्लू के रोगियों का पलायन मेरठ से दिल्ली हो रहा है। जबकि मेरठ क्षेत्र के नागरिकों को स्वाइन फ्लू का संपूर्ण इलाज मेरठ में ही मिल सकता है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों में लगातार बुखार रहना, खांसी रहना, छाती में दर्द और सांस लेने में परेशानी होना, पूरे शरीर में हड़कल रहना आदि हैं। तापमान बढ़ने पर यह वायरस अपने आप समाप्त हो जाता है, लेकिन कुछ कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वालों पर असर करता है, लेकिन इसकी पुष्टि तभी संभव है जब रक्त जांच के बाद जिला प्रशासन या जिला अस्पताल इसकी पुष्टि करे। चिकित्सकों ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचने के लिए हाईप्रोटीन डाइट जैसे अंडा, मीट, सोयाबीन, दूध, राजमा, छोला, पनीर, चना, हरी सब्जियां व दाल की मात्रा खानपान में बढ़ाएं। पानी खूब पिएं, हर सर्दी व जुकाम को स्वाइन फ्लू का लक्षण न समझें।
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स्वाइन फ्लू का हमला जारी, दो नए मरीज मिले
मेरठ। स्वाइन फ्लू का हमला जारी है। शनिवार को दो मरीजों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुुई है। मरीजों में महिला और युवक हैं। सुभाषनगर और पल्लवपुरम केरहने वाले हैं। अब तक जिले के 30 लोगों को स्वाइन फ्लू हो चुका है, इनमें से तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया हुआ है। स्वाइन फ्लू का सीजन नवंबर से मार्च तक माना जाता है, लिहाजा एहतियात की जरूरत है।
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