फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Supreme Court advocate Farha Faiz said, Muslim women should not believe in maulanas

तीन तलाक के खिलाफ आवाज बुलंद, फरहा फैज ने मौलानाओं को लेकर कही ये बड़ी बात

Thu, 20 Sep 2018 07:56 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Updated Thu, 20 Sep 2018 07:56 PM IST
विज्ञापन
Supreme Court advocate Farha Faiz said, Muslim women should not believe in maulanas
अधिवक्ता फरहा फैज - फोटो : अमर उजाला

तीन तलाक के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज ने कहा कि मुस्लिम मौलानाओं पर आंख बंद कर विश्वास न करें। अल्लाह की शरीयत को माने, मौलाना द्वारा बनाई गई शरीयत का बहिष्कार करें। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को जागरूक करने के लिए मुहिम चलाई जाएगी। उन्होंने मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के फैमिली एक्ट पर भी सवाल उठाए। 

विज्ञापन

 
राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ की अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता फरहा फैज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ट्रिपल तलाक कानून को लेकर मौलानाओं के नजरिए में अभी कोई बदलाव नहीं आया है। दिक्कत यह है कि मुस्लिम अशिक्षित होने के कारण मौलाना जो कहे, उसे ही सही मानता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कानून आगे चलकर परमानेंट रूप से लागू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन तलाक कानून में एफआईआर के साथ गुजारा भत्ते की व्यवस्था की गई है। पीड़िता द्वारा एफआईआर द्वारा दर्ज कराने के बाद पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी। यदि आरोपी शौहर अपनी गलती को स्वीकारता है तो उसे जमानत देकर रिहा कर दिया जाएगा। यदि अपनी बात पर अडिग रहता है तो उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। पेशी के समय ही मजिस्ट्रेट पीड़िता के लिए गुजारा भत्ता भी तय कर सकेगा।

विज्ञापन

अधिवक्ता फरहा फैज ने कहा कि मौलाना मुस्लिमों में यह संदेश देने में कामयाब रहे है कि भाजपा मुस्लिम विरोधी है। इसलिए सरकार की अच्छी बात भी उन्हें पसंद नहीं आएगी। उन्हें भी भाजपा और संघ का एजेंट बताया जाता है। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख मोहन मोहन भागवत साफ तौर से बोल चुके है कि मुस्लिम के बिना हिंदुत्व नहीं है। उन्होंने कहा कि आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड रचित फैमिली एक्ट भी मुस्लिमों पर थोपा गया है। इस दौरान अधिवक्ता के साथ तौसिफा और शाहिबा भी मौजूद रही।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed