एक थप्पड़ ने बना दिया गैंगस्टर, सुमित जाट ने फिल्मी अंदाज में रची खतरनाक साजिश
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कविनगर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए 50 हजार के इनामी सुमित जाट और उसके साथी को सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मुठभेड़ का समय सोमवार तड़के बताया है। आरोपी सुमित को करीब आठ साल पहले बच्चों की लड़ाई में कुख्यात बदमाश योगेश भदौड़ा ने गांव के लोगों की बीच थप्पड़ मार दिया था। इकसे बाद भदौड़ा से बदला लेने के लिए सुमित गैंगस्टर बन गया। सुमित और उसके साथी के पास से एक कारबाइन, 9 एमएम की दो पिस्टल, एक बंदूक, तमंचा, कारतूस, कार बरामद की है।
मुठभेड़ में 39 राउंड फायरिंग
पकड़े गए आरोपियों में सुमित जाट पुत्र जगवीर निवासी हसनपुर रजापुर थाना सरूरपुर मेरठ और आशु चड्डा उर्फ मोंटी पुत्र भरत सिंह निवासी मीर पुर कलां थाना हाफिज पुर हापुड़ हैं। उनका एक साथी अजय उर्फ हैप्पी निवासी सरधना मेरठ भागने में कामयाब रहा। करीब 20 मिनट चली मुठभेड़ में 39 राउंड फायरिंग के बाद दोनों आरोपियों को रईसपुर गांव से गिरफ्तार किया गया। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि सुमित जाट पर लूट, हत्या, रंगदारी मांगने समेत अन्य संगीन धाराओं के दर्जन भर केस वेस्ट यूपी के कई थानों में दर्ज हैं। सुमित और उसके साथी के टारगेट पर मेरठ का कुख्यात बदमाश योगेश भदौड़ा और सुमित के गांव का प्रधान बिल्लू था। दरअसल, बचपन में सुमित के भाई का कुख्यात बदमाश योगेश भदौड़ा के घर के बच्चों से खेल-खेल में झगड़ा हो गया था। इस दौरान योगेश भदौड़ा ने पूरे गांव के बीच सुमित के गाल पर थप्पड़ मारते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। तब सुमित ने योगेश भदौड़ा के दुश्मन सुशील फौजी से हाथ मिलाया और अपना गैंग बना लिया। एसएसपी ने बताया कि सुमित और आशु कोर्ट में पेशी पर आने वाले योगेश भदौड़ा की हत्या करना चाहते थे। जिसके चलते वह गाजियाबाद में रुके हुए थे। इस दौरान पुलिस को उनकी भनक लग गई। दोनों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया गया। दोनों ने पिछले साल गांव में ही रहने वाले चेतन उर्फ भूरा और मनोज गुप्ता की रंजिशन गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इसके बाद मेरठ पुलिस ने सुमित पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
5 लाख में खरीदनी थी एके-47
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि सुमित और सुशील योगेश की हत्या के लिए हथियार जमा कर रहे थे। वह सुंदर भाटी गैंग से पांच लाख रुपये में एके-47 भी खरीदने जा रहे थे। इसके लिए सुशील फौजी ने सिद्धार्थ नगर जेल में बंद कुख्यात सुंदर भाटी से इसके लिए संपर्क साधा था। सुमित और सुशील दो बार सुंदर भाटी से जेल में जाकर मिल चुके हैं। एसएसपी का कहना है कि सुमित गैंग ने ही बीते 19 दिसंबर को कविनगर में कारोबारी श्रेय बुद्धिराजा से 9.75 लाख रुपये की लूट की थी। लूट की रकम में से सुमित ने पांच लाख रुपये में एके 47 खरीदने के लिए अलग रख दिए थे। सुंदर भाटी ने सुशील फौजी को एके-47 देने का वादा किया था।
व्हाट्सएप पर करते थे कॉल
एसएसपी ने बताया कि आरोपी सुमित और सुशील फौजी पुलिस से बचने के लिए अक्सर व्हाट्सएप पर कॉल करता था। दोनों व्हाट्सएप पर ही दुश्मनों की हत्या की बात करते थे। सुमित के मोबाइल में दोनों की वॉइस रिकॉर्डिंग भी मिली हैं, जिसमें वह एके 47 खरीदने से लेकर भदौड़ा की हत्या करने की बात कह रहे हैं। एसएसपी के अनुसार सुमित का साथ दे रहे सुशील फौजी की भी योगेश भदौड़ा से पुरानी रंजिश है। इसीलिए उसने सुमित को अपने साथ मिला लिया। एसएसपी ने बताया कि 50 हजार के इनामी और कुख्यात बदमाश सुमित जाट को गिरफ्तार करने वाले एसएचओ हेमंत राय और एसआई पारस मलिक समेत सिपाहियों को आईजी मेरठ जोन सम्मानित करेंगे।