कार-बाइक या स्कूटर छोड़िए, यूपी के इस जिले में गन्ने कर देते हैं सड़क जाम, पेराई सत्र में रहता है बुरा हाल
- गन्ना सीजन में जाम से निपटने की योजनाएं धरातल पर नहीं उतरती
- हर साल गन्ना पेराई सीजन सीजन में जाम से जूझता है पूरा शहर
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हर साल की तरह एक बार फिर से गन्ना पेराई सीजन शुरू हो गया है और इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के शामली जिले में वर्षों से चली आ रही जाम की समस्या भी शुरू होने वाली है। हर साल गन्ना सीजन में लगने वाली जाम की समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका। जाम के समाधान को बनने वाली योजनाएं कागजों तक सिमटकर रह जाती हैं। त्योहारी सीजन में खरीदारी करने वालों की भीड़ पहले ही बढ़ रही है। अब चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू होने से जाम की समस्या और बढ़ेगी।
त्योहारी सीजन में बाजारों और सड़कों पर ग्राहकों की भीड़ होने से पहले ही जाम की समस्या बन रही है। गुरुवार को शामली चीनी मिल को पेराई सत्र शुरू हो चुका है। अब गन्ना ढुलाई के वाहनों से मुख्य मार्गों पर भीड़ लगने से जाम की समस्या और बढ़ेगी।
हर साल गन्ना वाहनों से लगने वाले जाम के समाधान को लेकर पुलिस-प्रशासन के साथ बैठक होती है और योजनाएं बनती हैं, लेकिन उसका असर धरातल पर नजर नहीं आता। इसके चलते जाम का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका।
शहर में गन्ने के वाहन चारों ओर से आते हैं। झिंझाना रोड, कैराना रोड, दिल्ली रोड, बुढ़ाना रोड, मुजफ्फरनगर रोड , सहारनपुर रोड और कुडाना रोड, भैंसवाल, गढ़ीपुख्ता रोड से गन्ने से लदे ट्रैक्टर-ट्राली और बुग्गियां आती हैं। इनका आवागमन रात-दिन रहता है।
शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए गन्ना लदे वाहन शुगर मिल तक पहुंचते हैं। इस दौरान जाम लग जाता है। कई बार तो वाहनों की कतार इतनी लंबी हो जाती है कि पूरा शहर ही जाम की चपेट में आ जाता है। एंबुलेंस और स्कूली वाहन तक भी जाम में फंसे रहते हैं।
व्यापारियों ने उठाया था जाम का मुद्दा
गन्ना सीजन में लगने वाले जाम को लेकर एक सप्ताह पहले कलक्ट्रेट में डीएम जसजीत कौर और एसपी नित्यानंद राय ने मिल अधिकारियों, व्यापारियों के साथ बैठक ली थी। बैठक में व्यापारी नेता घनश्यामदास गर्ग और सुुुभाष धीमान ने गन्ना वाहनों से लगने वाले जाम का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया था।
व्यापारियों ने कहा था कि जाम के कारण कारोबार प्रभावित होने से आवागमन में असुविधा होती है। उन्होंने इस दौरान कई सुझाव भी दिए थे। डीएम ने मिल अधिकारियों से योजना बनाकर इन सुझावों पर अमल करने को कहा था।
जाम से निपटने को दिए गए थे ये सुझाव
- शहर के बाहर गन्ना यार्ड बनाया जाए।
- मिल का ब्रेक डाउन होने पर गन्ना वाहनों को शहर से बाहर रोकने की व्यवस्था हो।
- गन्ना वाहनों को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों के साथ मिल के सुरक्षा गार्ड लगाए जाएं।
- शहर के बाहर के मुख्य मार्गों पर गन्ना वाहनों को टोकन देने की व्यवस्था हो।
- पेराई क्षमता के अनुसार गन्ने का इंडेंट जारी किया जाए।
मिल प्रबंधन की तरफ से हर संभव कोशिश रहेगी कि शहर में गन्ना वाहनों से जाम की समस्या न बने। गन्ने से लदे ट्रकों की संख्या बढ़ने पर उन्हें रोकने के लिए बुढ़ाना रोड पर यार्ड बनाया गया है। इस यार्ड में करीब 100 ट्रक खड़ा करने की क्षमता रहेगी। - आरबी खोखर, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर शामली चीनी मिल।
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