राष्ट्रपति वीरता पदक: सीने में गोली लगने के बाद भी नहीं डिगे दरोगा मुन्नेश सिंह, कीर्ति चक्र के लिए भेजा नाम
मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में कार लूटकर भाग रहे बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान सीने में गोली लगने से घायल हुए दरोगा मुन्नेश सिंह को राष्ट्रपति वीरता पदक प्रदान किया गया।
विस्तार
मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में कार लूटकर भाग रहे बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान सीने में गोली लगने से घायल हुए दरोगा मुन्नेश सिंह को बुधवार को राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें पदक प्रदान किया। मुन्नेश सिंह का नाम राष्ट्रपति पराक्रम पदक के लिए भी भेजा गया है।
बदमाशों की तीन गोलियों में एक सीने में लगी
जनवरी 2023 में कंकरखेड़ा क्षेत्र की हाईवे चौकी प्रभारी के रूप में तैनात मुन्नेश सिंह की कार लूटकर भाग रहे बदमाशों से मुठभेड़ हुई थी। बदमाशों ने उन पर अवैध पिस्टल से तीन राउंड फायर किए थे। इनमें एक गोली उनके सीने में लगी और वह घायल हो गए। घटना के चार दिन बाद पुलिस मुठभेड़ में विनय वर्मा मारा गया था।
यह भी पढ़ें: नीला ड्रम हत्याकांड: पछतावे में बीती साहिल-मुस्कान की रात, खाने से किया इनकार, बेटी को लेकर जताई चिंता
1993 में सिपाही के पद पर हुए थे भर्ती
आगरा के बाह तहसील क्षेत्र के मलिया खेड़ा गांव निवासी मुन्नेश सिंह वर्ष 1993 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2011 में पदोन्नति पाकर दरोगा बने। वर्ष 2022 में वह गाजियाबाद के मधुबन बाबूधाम थाने के प्रभारी रहे।
इस दौरान हुई एक मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी राकेश दुजाना मारा गया था। वर्ष 2023 में उनकी तैनाती मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र की हाईवे चौकी प्रभारी के रूप में हुई थी।
मेरठ पुलिस लाइन में हैं तैनात
मुन्नेश सिंह वर्तमान में मेरठ पुलिस लाइन में तैनात हैं। मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने के लिए उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।