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छात्रा की खुदकुशी की मामला : उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन परिजनों से मिले, विवेचना पर जताई नाराजगी

Tue, 08 Nov 2022 02:56 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 08 Nov 2022 02:56 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन अशफाक सैफी की टीम बीडीएस की छात्रा की खुदकुशी मामले की जांच करने छात्रा के घर पहुंची और फिर घटनास्थल का निरीक्षण किया। चेयरमैन अशफाक सैफी  ने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही मानते हुए पीड़ित परिवार से मामले का संज्ञान नहीं लेने पर नाराजगी जताई।

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Student suicide case Meerut: Uttar Pradesh Minorities Commission chairman met family members
अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में  सुभारती विवि की चौथी मंजिल से कूदकर बीडीएस की छात्रा की खुदकुशी मामले की जांच करने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग की टीम छात्रा के घर पहुंची और फिर घटनास्थल का निरीक्षण किया। आयोग के चेयरमैन अशफाक सैफी ने बताया कि एसएसपी ने विवेचक को आयोग पहुंचने के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद विवेचक सोहनवीर सिंह आयोग नहीं पहुंचे, उनकी जगह महिला दरोगा अर्चना सिंह पहुंचीं।
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सीओ सरधना आरपी साही ने अधूरी जांच रिपोर्ट भेजी, जिसमें न तो फोरेंसिक जांच रिपोर्ट, न एफआईआर की कॉपी थी और न ही न ही गवाहों के बयान थे। उन्होंने कहा कि आयोग इस मामले में एसआईटी गठित करने की मुख्यमंत्री से सिफारिश करेगा।
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उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन अशफाक सैफी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही मानते हुए पीड़ित परिवार से मामले का संज्ञान नहीं लेने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी की चौथी मंजिल पर हमेशा ताला लगा रहना बताया गया, घटना वाले दिन ताला किसने और कैसे खोल दिया। इसकी भी जांच होगी। 19 अक्तूबर 2022 को बीडीएस के द्वितीय वर्ष की छात्रा की मौत के मामले में सहपाठी सिद्धांत पंवार को पुलिस ने जेल भेज दिया था। 
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सुभारती विवि की पीड़ित परिवार के साथ पूरी सहानुभूति है। डॉक्टरों की टीम ने छात्रा के निशुल्क उपचार में कोई कसर नहीं छोड़ी। दुर्भाग्य से छात्रा को बचा नहीं पाए। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए विवि के तीन अधिकारी भी उनके आवास पर गए थे। - अतुल कृष्ण, संस्थापक, सुभारती ग्रुप 
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