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मेरठ कालेज में छात्र से मारपीट, रैगिंग का आरोप
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मेरठ कालेज में छात्र से मारपीट, रैगिंग का आरोप
मेरठ। मेरठ कालेज में सोमवार को छात्र से मारपीट के बाद बखेड़ा हो गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और पांच छात्रों को थाने लेकर आ गई। देर शाम दोनों पक्षों के बीच समझौते की पटकथा भी तैयार हो गई लेकिन पुलिस ने उनका शांतिभंग में चालान कर दिया। मारपीट की वजह रैगिंग भी बताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने इस बात से इंकार किया है।
रोहटा रोड निवासी पारस ने मेरठ कालेज में बी.कॉम प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है। सोमवार को वह कालेज आया। इसी दौरान एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र पल्लवपुरम निवासी विवेक व बीएससी-कम्प्यूटर साइंस के द्वितीय वर्ष के छात्र सुभाषनगर निवासी लक्ष्य राणा ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उसे रोक लिया। उनके बीच नोकझोंक शुरु हो गई। धक्कामुक्की भी की गई। किसी तरह पारस वहां से प्राचार्य दफ्तर आ गया और लिखित शिकायत की। शिकायत करने के बाद जैसे ही वह प्राचार्य के कार्यालय से निकला, तभी आरोपी विवेक, लक्ष्य व उनके साथियों ने पारस को रोक लिया। यह देख पारस की तरफ से कंकरखेड़ा निवासी आशीष मलिक व अखिल कौशिक भी आ गए। उनके बीच मारपीट शुरु हो गई। जमकर हॉकी, बेस बाल बेट, बेल्ट चलने लगे। अफरा तफरी मच गई। तभी किसी ने पुलिस को सूचित कर दिया। लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची और पांचों को थाने ले आई। जबकि कुछ छात्र भाग निकले। थाने में पूछताछ के दौरान पारस ने विवेक व लक्ष्य पर रैगिंग लेने का आरोप लगाया। उसने बताया कि वह कालेज चप्पल पहनकर आया था। इसी को लेकर उसकी रैगिंग की कोशिश की गई। उसने मना किया तो मारपीट की गई। साथी बचाने आए तो उन्हें भी पीटा गया। कालेज प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है।
परिजनों ने किया समझौते का प्रयास
मारपीट करने व पुलिस द्वारा पकड़े जाने की जानकारी मिलते ही इन सभी छात्रों के परिवारजन थाने आ गए। काफी देर दोनों पक्ष एक दूसरे पर कार्रवाई की मांग करते रहे। इस बीच कुछ ने समझौते की पटकथा रचनी शुरु कर दी। उन्होंने पुलिस के सामने समझौते का प्रस्ताव भी रख दिया लेकिन तब तक अफसरों तक शिकायत पहुंच चुकी थी। पुलिस ने देर रात सभी का शांतिभंग में चालान कर दिया।
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वर्जन---
रैगिंग की बात गलत है। इन छात्रों के बीच पहले से विवाद होना सामने आया है। परिवार समझौते के लिए पहुंच गए थे लेकिन पुलिस ने एहतियात के तौर पर शांतिभंग में चालान किया है। - सूरज राय, एएसपी कैंट
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मेरठ। मेरठ कालेज में सोमवार को छात्र से मारपीट के बाद बखेड़ा हो गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और पांच छात्रों को थाने लेकर आ गई। देर शाम दोनों पक्षों के बीच समझौते की पटकथा भी तैयार हो गई लेकिन पुलिस ने उनका शांतिभंग में चालान कर दिया। मारपीट की वजह रैगिंग भी बताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने इस बात से इंकार किया है।
रोहटा रोड निवासी पारस ने मेरठ कालेज में बी.कॉम प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है। सोमवार को वह कालेज आया। इसी दौरान एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र पल्लवपुरम निवासी विवेक व बीएससी-कम्प्यूटर साइंस के द्वितीय वर्ष के छात्र सुभाषनगर निवासी लक्ष्य राणा ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उसे रोक लिया। उनके बीच नोकझोंक शुरु हो गई। धक्कामुक्की भी की गई। किसी तरह पारस वहां से प्राचार्य दफ्तर आ गया और लिखित शिकायत की। शिकायत करने के बाद जैसे ही वह प्राचार्य के कार्यालय से निकला, तभी आरोपी विवेक, लक्ष्य व उनके साथियों ने पारस को रोक लिया। यह देख पारस की तरफ से कंकरखेड़ा निवासी आशीष मलिक व अखिल कौशिक भी आ गए। उनके बीच मारपीट शुरु हो गई। जमकर हॉकी, बेस बाल बेट, बेल्ट चलने लगे। अफरा तफरी मच गई। तभी किसी ने पुलिस को सूचित कर दिया। लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची और पांचों को थाने ले आई। जबकि कुछ छात्र भाग निकले। थाने में पूछताछ के दौरान पारस ने विवेक व लक्ष्य पर रैगिंग लेने का आरोप लगाया। उसने बताया कि वह कालेज चप्पल पहनकर आया था। इसी को लेकर उसकी रैगिंग की कोशिश की गई। उसने मना किया तो मारपीट की गई। साथी बचाने आए तो उन्हें भी पीटा गया। कालेज प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है।
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परिजनों ने किया समझौते का प्रयास
मारपीट करने व पुलिस द्वारा पकड़े जाने की जानकारी मिलते ही इन सभी छात्रों के परिवारजन थाने आ गए। काफी देर दोनों पक्ष एक दूसरे पर कार्रवाई की मांग करते रहे। इस बीच कुछ ने समझौते की पटकथा रचनी शुरु कर दी। उन्होंने पुलिस के सामने समझौते का प्रस्ताव भी रख दिया लेकिन तब तक अफसरों तक शिकायत पहुंच चुकी थी। पुलिस ने देर रात सभी का शांतिभंग में चालान कर दिया।
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रैगिंग की बात गलत है। इन छात्रों के बीच पहले से विवाद होना सामने आया है। परिवार समझौते के लिए पहुंच गए थे लेकिन पुलिस ने एहतियात के तौर पर शांतिभंग में चालान किया है। - सूरज राय, एएसपी कैंट