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सक्षम मलिक को रिमांड पर मसूरी लेकर गई एसटीएफ, राशिद पर अभियोजन की अनुमति
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मेरठ। विदेशी कारतूसों की तस्करी के मामले में आत्मसमर्पण कर जेल गए निशानेबाज सक्षम मलिक को मंगलवार को एसटीएफ रिमांड पर उत्तराखंड के मसूरी पहुंची। हालांकि एसटीएफ के हाथ कुछ खास नहीं लगा। इसी मामले दूसरे आरोपी राशिद पर आर्म्स एक्ट में अभियोजन के लिए डीएम से अनुमति मिल गई है।
एसटीएफ ने 4 फरवरी को पल्लवुपरम क्षेत्र में राशिद अली निवासी गांव जौला जिला मुजफ्फरनगर को 1975 इटली मेड कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। वह कारतूस की डिलीवरी मेरठ में संजीव जीवा गैंग के सदस्य को करने आया था। राशिद ने एसटीएफ की पूछताछ में खुलासा किया था कि उसे यह कारतूस देहरादून में इंस्टीट्यूट ऑफ शूटिंग स्पोर्ट्स एकेडमी में रहने वाले नेशनल शूटर सक्षम मलिक निवासी पल्ल्लवपुरम मूल निवासी मुजफ्फरनगर और अंतरराष्ट्रीय शूटर जसपाल राणा के भाई सुभाष राणा ने दिए थे।
सक्षम मलिक मेरठ के पल्लवपुरम स्थित पैसिफिक हाइट्स का रहने वाला है। राशिद अली को जेल भेजने के बाद एसटीएफ ने सबूत जुटाए। राशिद अली की लोकेशन भी राणा इंस्टीट्यूट आफ शूटिंग स्पोर्ट्स की मिली। राशिद अली के मोबाइल की कॉल डिटेल में भी समक्ष मलिक से बातचीत होनी पाई गई। एसटीएफ की जांच में सुभाष राणा के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिल पाया। इस पर एसटीएफ ने सुभाष राणा को क्लीनचिट दे दी थी। सक्षम मलिक ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
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राशिद के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अभियोजन के लिए डीएम से अनुमति मांगी गई थी। एसटीएफ एएसपी बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि शौर्य मलिक ने बताया था कि उसने मसूरी से कारतूस खरीदे थे। इसका कोई सबूत मसूरी में नहीं मिल पाया। मामले की और सबूत जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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एसटीएफ ने 4 फरवरी को पल्लवुपरम क्षेत्र में राशिद अली निवासी गांव जौला जिला मुजफ्फरनगर को 1975 इटली मेड कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। वह कारतूस की डिलीवरी मेरठ में संजीव जीवा गैंग के सदस्य को करने आया था। राशिद ने एसटीएफ की पूछताछ में खुलासा किया था कि उसे यह कारतूस देहरादून में इंस्टीट्यूट ऑफ शूटिंग स्पोर्ट्स एकेडमी में रहने वाले नेशनल शूटर सक्षम मलिक निवासी पल्ल्लवपुरम मूल निवासी मुजफ्फरनगर और अंतरराष्ट्रीय शूटर जसपाल राणा के भाई सुभाष राणा ने दिए थे।
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सक्षम मलिक मेरठ के पल्लवपुरम स्थित पैसिफिक हाइट्स का रहने वाला है। राशिद अली को जेल भेजने के बाद एसटीएफ ने सबूत जुटाए। राशिद अली की लोकेशन भी राणा इंस्टीट्यूट आफ शूटिंग स्पोर्ट्स की मिली। राशिद अली के मोबाइल की कॉल डिटेल में भी समक्ष मलिक से बातचीत होनी पाई गई। एसटीएफ की जांच में सुभाष राणा के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिल पाया। इस पर एसटीएफ ने सुभाष राणा को क्लीनचिट दे दी थी। सक्षम मलिक ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
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राशिद के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अभियोजन के लिए डीएम से अनुमति मांगी गई थी। एसटीएफ एएसपी बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि शौर्य मलिक ने बताया था कि उसने मसूरी से कारतूस खरीदे थे। इसका कोई सबूत मसूरी में नहीं मिल पाया। मामले की और सबूत जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।