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Meerut News: खाद्य पदार्थों के नमूनों से कंपनी के नाम हटाकर भेजे जाएंगे प्रयोगशाला
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मेरठ। अब जांच के लिए भेजे जाने वाले खाद्य पदार्थों के नमूनों पर किसी भी कंपनी का नाम नहीं होगा। नमूनों को नाम हटाकर प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। यह कंपनी की पहचान हटाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने नियमों में बदलाव कर बड़ा निर्णय लिया है, ताकि प्रयोगशाला में जाने वाले नमूनों से कंपनियां किसी भी तरह का संपर्क कर जांच में छेड़छाड़ न करा सकें।
मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। प्रयोगशालाओं में जांच के बाद इनकी रिपोर्ट भेजी जाती है। नमूनों में नामचीन कंपनियों के खाद्य पदार्थों के नमूनों से लेकर लोकल ब्रांड वाले खाद्य पदार्थ के नमूने भी शामिल रहते हैं। जिले से हर साल 700 से ज्यादा खाद्य पदार्थों के नमूने लखनऊ प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। अब तक ये नमूने कंपनी द्वारा की गई पैकिंग में यथावत ही भेजे जाते थे।
ऐसे में प्रयोगशाला में नमूने की जांच करने वाले कर्मचारियों को इसकी जानकारी रहती थी कि संबंधित नमूना किस कंपनी का है। इससे जांच प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी। इसे देखते हुए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अहम बदलाव किया है। अब खाद्य पदार्थ का नमूना जांच पर भेजते समय उस पर दर्ज कंपनी का नाम मिटा दिया जाएगा, ताकि यह गोपनीय रहे कि नमूना किस कंपनी से संबंधित है। इससे नमूनों की जांच में पारदर्शिता बनी रहेगी।
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सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अब नए नियम के अनुसार ही नमूने प्रयोगशाला भेजने के आदेश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थ विक्रेता कंपनियों पर कई बार जांच प्रभावित कराने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में जब कंपनी का नाम ही नमूने पर दर्ज नहीं होगा तो कंपनियां भी अपने रसूख का फायदा उठाकर नमूने की जांच को प्रभावित नहीं कर सकेंगी। अगर प्रयोगशाला के विश्लेषक भी चाहे तो भी वे इसे प्रभावित नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होगा कि कौन सा नमूना किस कंपनी का है।
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एफएसएसएआई ने नियमों में जो बदलाव किया है उसके अनुसार ही जांच के लिए नमूने भेजे जाएंगे। इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। अब वह जो भी नमूना ले रहे हैं, उस पर से कंपनी का नाम हटाकर जांच के लिए भेज रहे हैं। - शिव कुमार मिश्रा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। प्रयोगशालाओं में जांच के बाद इनकी रिपोर्ट भेजी जाती है। नमूनों में नामचीन कंपनियों के खाद्य पदार्थों के नमूनों से लेकर लोकल ब्रांड वाले खाद्य पदार्थ के नमूने भी शामिल रहते हैं। जिले से हर साल 700 से ज्यादा खाद्य पदार्थों के नमूने लखनऊ प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। अब तक ये नमूने कंपनी द्वारा की गई पैकिंग में यथावत ही भेजे जाते थे।
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ऐसे में प्रयोगशाला में नमूने की जांच करने वाले कर्मचारियों को इसकी जानकारी रहती थी कि संबंधित नमूना किस कंपनी का है। इससे जांच प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी। इसे देखते हुए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अहम बदलाव किया है। अब खाद्य पदार्थ का नमूना जांच पर भेजते समय उस पर दर्ज कंपनी का नाम मिटा दिया जाएगा, ताकि यह गोपनीय रहे कि नमूना किस कंपनी से संबंधित है। इससे नमूनों की जांच में पारदर्शिता बनी रहेगी।
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सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अब नए नियम के अनुसार ही नमूने प्रयोगशाला भेजने के आदेश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थ विक्रेता कंपनियों पर कई बार जांच प्रभावित कराने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में जब कंपनी का नाम ही नमूने पर दर्ज नहीं होगा तो कंपनियां भी अपने रसूख का फायदा उठाकर नमूने की जांच को प्रभावित नहीं कर सकेंगी। अगर प्रयोगशाला के विश्लेषक भी चाहे तो भी वे इसे प्रभावित नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होगा कि कौन सा नमूना किस कंपनी का है।
एफएसएसएआई ने नियमों में जो बदलाव किया है उसके अनुसार ही जांच के लिए नमूने भेजे जाएंगे। इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। अब वह जो भी नमूना ले रहे हैं, उस पर से कंपनी का नाम हटाकर जांच के लिए भेज रहे हैं। - शिव कुमार मिश्रा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी